वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल
Vrishchik Rashifal · 20–26 अप्रैल 2026 · चन्द्र राशि से
परीक्षा का सप्ताह
20–26 अप्रैल 2026 वृश्चिक राशि के लिए परीक्षा का सप्ताह (1/5)। अच्छे दिन: 20 अप्रैल, 21 अप्रैल। सावधानी: 24 अप्रैल, 25 अप्रैल। सहायक: सूर्य। बाधक: शनि और गुरु।
WhatsApp पर भेजेंदिन-प्रतिदिन
किसी भी दिन का पूरा राशिफल खोलें।
| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 20 अप्रैल | ★★★☆☆ | सातवें भाव में |
| मंगलवार, 21 अप्रैल | ★★★☆☆ | सातवें भाव में |
| बुधवार, 22 अप्रैल | ★☆☆☆☆ | आठवें भाव में |
| गुरुवार, 23 अप्रैल | ★☆☆☆☆ | आठवें भाव में |
| शुक्रवार, 24 अप्रैल | ★☆☆☆☆ | नौवें भाव में |
| शनिवार, 25 अप्रैल | ★☆☆☆☆ | नौवें भाव में |
| रविवार, 26 अप्रैल | ★★☆☆☆ | दसवें भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
20 अप्रैल से 21 अप्रैल तक · सातवें भाव में शुभ भाव
लाभदायक और मेल-जोल भरा दिन: छोटी उपयोगी यात्राएँ, अच्छा व्यापार, विश्राम और सुखी दाम्पत्य।
13:00 तक
22 अप्रैल से 23 अप्रैल तक · आठवें भाव में कठिन भाव
छाती या पाचन की तकलीफ, बहस और तनाव, भोजन छूटना, और धन को लेकर अचानक झटका।
15:13 तक
24 अप्रैल से 25 अप्रैल तक · नौवें भाव में कठिन भाव
सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।
20:04 तक
26 अप्रैल · दसवें भाव में शुभ भाव
कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | मिथुन में — आपके आठवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
कठिन वर्ष: नौकरी और धन खतरे में, बीमारी और कानूनी परेशानी, कठोर शब्दों से सद्भाव की हानि, और कष्टदायक यात्रा। ग्रन्थ क्या कहता हैबन्धन, शोक, रोग तथा चोरों और राज्य की ओर से कष्ट; कठोर वाणी से जातक तिरस्कार पाता है; उसकी कान्ति मन्द पड़ती है; बात नौकरी छूटने तक पहुँच जाती है; धन और व्यापार में भारी हानि; शारीरिक कष्ट बढ़ता है; अपने ही देश में कष्टदायक लम्बी यात्रा; सन्तान का विरोध। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 8th from the natal Moon (p.20, lines 635-640) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके चौथे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैशोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | सिंह में — आपके दसवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
चिन्ता भरा, दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और शोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | मीन में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी। ग्रन्थ क्या कहता हैज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632) | ||
| सूर्य | मेष में — आपके छठे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
काम पूरे होते हैं, प्रतिद्वन्द्वी पीछे हटते हैं, स्वास्थ्य सुधरता है और अधिकारी या वरिष्ठ उपयोगी सिद्ध होते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैकार्यसिद्धि और सुख की प्राप्ति होती है; अन्न-वस्त्र का लाभ; शत्रुओं पर विजय; रोगों का नाश; अधिकारियों से लाभ; व्यक्तिगत प्रभाव बढ़ता है; शोक और मोह दूर होते हैं तथा मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 6th from the natal Moon (p.10, lines 251-255) | ||
| शुक्र | वृषभ में — आपके सातवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
कोई सम्बन्ध परेशानी का कारण बनता है। ग्रन्थ क्या कहता हैकिसी स्त्री के कारण कष्ट। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 21 (Ojha p.634-635 / PDF 636) | ||
| बुध | मीन में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
योजनाएँ विफल होती हैं, धन की तंगी रहती है, और घर तथा प्रेम-सम्बन्धों में खटपट होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक पीड़ा होती है; विचारित योजनाएँ सफल नहीं होतीं; सन्तान और पत्नी से झगड़े; आर्थिक कष्ट; पराई स्त्रियों से सम्बन्ध आरम्भ होते हैं परन्तु विफल रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 5th from the natal Moon (p.17, lines 533-536) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★☆☆☆ |
धन | ★☆☆☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★☆☆☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★☆☆☆ |
साढ़े साती और ढैय्या
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- ताम्बई लाल
- अंक
- 1
- दिशा
- पूर्व
सूर्य से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
108 बार जप करें
पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ
मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस महीने का राशिफल →वृश्चिक राशिफल 2026 →वृश्चिक राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
20–26 अप्रैल 2026 वृश्चिक राशि के लिए कैसा रहेगा?
20–26 अप्रैल 2026 वृश्चिक राशि के लिए परीक्षा का सप्ताह (1/5)। अच्छे दिन: 20 अप्रैल, 21 अप्रैल। सावधानी: 24 अप्रैल, 25 अप्रैल। सहायक: सूर्य। बाधक: शनि और गुरु।
20–26 अप्रैल 2026 में वृश्चिक राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 20 अप्रैल, 21 अप्रैल। सावधानी के दिन: 24 अप्रैल, 25 अप्रैल।
क्या वृश्चिक राशि पर अभी साढ़े साती है?
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
20–26 अप्रैल 2026 में वृश्चिक राशि का शुभ रंग और अंक?
ताम्बई लाल, अंक 1, दिशा पूर्व (सूर्य)।