सावधानी का दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज सिंह राशि में है — वृश्चिक से दसवें भाव में (शुभ भाव, पर वेध से बाधित)। कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
ग्रन्थ क्या कहता है
अभीष्ट कार्य की सिद्धि होती है और सब कुछ सहजता से पूरा होता है; अच्छा स्वास्थ्य; राज्य से धन और मान; नौकरी में पदोन्नति; अधिकारी प्रसन्न रहते हैं; घर में अच्छा सुख।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 10th from the natal Moon (p.14, lines 392-395)
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★★☆☆सहायक चन्द्र (दसवें भाव), सूर्य (छठे भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), बुध (पाँचवें भाव), केतु (दसवें भाव)
धन
★★☆☆☆सहायक चन्द्र (दसवें भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), बुध (पाँचवें भाव), शुक्र (सातवें भाव)
प्रेम व परिवार
★★★☆☆सहायक चन्द्र (दसवें भाव), सूर्य (छठे भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), बुध (पाँचवें भाव), शुक्र (सातवें भाव), राहु (चौथे भाव), केतु (दसवें भाव)
स्वास्थ्य
★★★☆☆सहायक चन्द्र (दसवें भाव), सूर्य (छठे भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), शुक्र (सातवें भाव), केतु (दसवें भाव)
आज का शुभ
- रंग
- सफ़ेद
- अंक
- 2
- दिशा
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- शुभ समय (अभिजित)
- 11:53–12:45
- टालें (राहु काल)
- 17:15–18:53
चन्द्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- विशाखा में जन्म (चरण 4): क्षेम (कल्याण: शुभ; 20:27 तक) फिर प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें)
- अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें; 20:27 तक) फिर क्षेम (कल्याण: शुभ)
- ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ; 20:27 तक) फिर विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें)
इस महीने और इस वर्ष
| ग्रह | राशि और भाव | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके पाँचवें भाव में29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकअशुभ | |
व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | मिथुन में — आपके आठवें भाव में5 दिस॰ 2025 से 2 जून 2026 तकअशुभ | |
कठिन वर्ष: नौकरी और धन खतरे में, बीमारी और कानूनी परेशानी, कठोर शब्दों से सद्भाव की हानि, और कष्टदायक यात्रा। ग्रन्थ क्या कहता हैबन्धन, शोक, रोग तथा चोरों और राज्य की ओर से कष्ट; कठोर वाणी से जातक तिरस्कार पाता है; उसकी कान्ति मन्द पड़ती है; बात नौकरी छूटने तक पहुँच जाती है; धन और व्यापार में भारी हानि; शारीरिक कष्ट बढ़ता है; अपने ही देश में कष्टदायक लम्बी यात्रा; सन्तान का विरोध। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 8th from the natal Moon (p.20, lines 635-640) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके चौथे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैशोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | सिंह में — आपके दसवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
चिन्ता भरा, दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और शोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | मीन में — आपके पाँचवें भाव में2 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तकअशुभ | |
बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी। ग्रन्थ क्या कहता हैज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632) | ||
| सूर्य | मेष में — आपके छठे भाव में14 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तकशुभ | |
काम पूरे होते हैं, प्रतिद्वन्द्वी पीछे हटते हैं, स्वास्थ्य सुधरता है और अधिकारी या वरिष्ठ उपयोगी सिद्ध होते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैकार्यसिद्धि और सुख की प्राप्ति होती है; अन्न-वस्त्र का लाभ; शत्रुओं पर विजय; रोगों का नाश; अधिकारियों से लाभ; व्यक्तिगत प्रभाव बढ़ता है; शोक और मोह दूर होते हैं तथा मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 6th from the natal Moon (p.10, lines 251-255) | ||
| शुक्र | वृषभ में — आपके सातवें भाव में19 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तकअशुभ | |
कोई सम्बन्ध परेशानी का कारण बनता है। ग्रन्थ क्या कहता हैकिसी स्त्री के कारण कष्ट। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 21 (Ojha p.634-635 / PDF 636) | ||
| बुध | मीन में — आपके पाँचवें भाव में11 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तकअशुभ | |
योजनाएँ विफल होती हैं, धन की तंगी रहती है, और घर तथा प्रेम-सम्बन्धों में खटपट होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक पीड़ा होती है; विचारित योजनाएँ सफल नहीं होतीं; सन्तान और पत्नी से झगड़े; आर्थिक कष्ट; पराई स्त्रियों से सम्बन्ध आरम्भ होते हैं परन्तु विफल रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 5th from the natal Moon (p.17, lines 533-536) | ||
आज का उपाय
आज गुरु को शान्त करें।
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
108 बार जप करें
पूजा: बृहस्पति देव (विष्णु) · वार: गुरुवार · पढ़ें: बृहस्पतिवार व्रत कथा
रविवार · तिथि शुक्ल दशमी · नक्षत्र मघा · सूर्योदय 05:45 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →
अन्य राशियाँ
यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
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प्रश्न
26 अप्रैल 2026 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?
सावधानी का दिन (2/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से दसवें भाव में है। कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग सफ़ेद, शुभ अंक 2, शुभ दिशा वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (चन्द्र शुभ भाव में)।
वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।
क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।