लग्न जानेंलग्न राशि, अंश, नक्षत्र और नवांश
लग्न वह राशि है जो जन्म के क्षण पूर्व क्षितिज पर उदित हो रही थी। यही कुंडली का पहला भाव है और बाकी सारे भाव इसी से गिने जाते हैं, इसलिए यह कुंडली का सबसे समय-संवेदी बिंदु है। जन्म विवरण डालकर अपना लग्न जानें, साथ में यह भी कि उस दिन वह लग्न कब उदय और कब अस्त हुआ।
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लग्न कैसे निकलता है
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जन्म समय को जन्म स्थान पर उस दिन लागू समय क्षेत्र से विश्व समय (UT) में बदला जाता है।
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जन्म स्थान के अक्षांश और देशांतर से स्विस एफ़ेमेरिस पूर्व में उदित हो रहा राशिचक्र का बिंदु देता है; लाहिरी अयनांश से वह निरयण होता है।
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एक राशि उदित होने में लगभग दो घंटे लेती है: भारत में अक्षांश के अनुसार लगभग सवा घंटे (मीन, कुम्भ) से ढाई घंटे (कर्क, तुला) तक — इसलिए लग्न दिन में बारह बार बदलता है।
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यह पृष्ठ बताता है कि उस दिन आपका लग्न कब से कब तक उदित रहा, और जन्म समय परिवर्तन के पास हो तो सावधान करता है।
लग्न का उपयोग
- यह पहला भाव है: शरीर, स्वास्थ्य, स्वभाव और कुंडली का समग्र बल।
- हर भाव और उसका स्वामी — विवाह (सप्तम), कर्म (दशम) आदि — इसी से गिना जाता है।
- रत्न विचार में लग्नेश का रत्न ही जीवन रत्न है।
- अनेक योग, जैसे लग्न से मांगलिक दोष, इसी से देखे जाते हैं।
अन्य मुफ़्त कैलकुलेटर
जन्म विवरण से
दोष जाँच
नाम से
प्रश्न
मेरा लग्न कौन सा है?
जन्म के समय और स्थान पर पूर्व में उदित हो रही राशि आपका लग्न है। ऊपर जन्म विवरण डालकर जानें।
जन्म समय इतना ज़रूरी क्यों है?
लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है और उसका अंश लगभग हर चार मिनट में 1° आगे बढ़ता है। कुछ मिनट की चूक से अंश बदल जाता है, और परिवर्तन के पास राशि भी।
क्या लग्न और राशि एक ही हैं?
नहीं। राशि चंद्रमा की राशि है, लग्न उदित राशि। दोनों तभी एक होते हैं जब जन्म के समय चंद्रमा लग्न में हो।
नवांश लग्न क्या है?
लग्न के अंश की D9 (नवांश) कुंडली में राशि, जो विवाह और कुंडली के आंतरिक बल के लिए देखी जाती है।
क्या जन्म समय के बिना लग्न पता चल सकता है?
नहीं। लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसलिए जन्म समय चाहिए। समय न हो तो चंद्र राशि (जो सवा दो दिन में बदलती है) या नाम से नाम राशि देखें।