घटी-पल कैलकुलेटरघटी-पल से घंटे, और सूर्योदय से इष्टकाल
भारतीय पंचांग दिन को घटी (घटिका) में नापते हैं: एक सूर्योदय से अगले तक दिन-रात 60 घटी है, यानी एक घटी 24 मिनट। पुरानी जन्मपत्रियाँ जन्म समय को इष्टकाल — सूर्योदय से बीते घटी-पल — में लिखती हैं। यहाँ दोनों में बदलें, या अपने स्थान पर किसी समय का इष्टकाल जानें।
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घटी-पल-विपल से घंटे
बराबर
1 घंटा 0 मिनट 0 सेकंड
घंटे से घटी-पल-विपल
बराबर
2 घटी 30 पल 0 विपल
1 घटी = 60 पल = 24 मिनट · 1 पल = 60 विपल = 24 सेकंड · 2½ घटी = 1 घंटा · 60 घटी = 1 दिन-रात
सूर्योदय से इष्टकाल
इकाइयाँ
- 1
60 विपल = 1 पल = 24 सेकंड; 60 पल = 1 घटी = 24 मिनट; 60 घटी = एक दिन-रात।
- 2
2½ घटी का एक घंटा होता है, और 1 घंटा 36 मिनट की 4 घटी।
- 3
इष्टकाल सूर्योदय से गिना जाता है, आधी रात से नहीं: सूर्योदय से पहले का समय पिछले हिंदू दिन का ही होता है।
- 4
सूर्योदय वह क्षण है जब सूर्य का ऊपरी किनारा दिखता है, वायुमंडलीय अपवर्तन सहित — पंचांगों की परिपाटी।
घटी का उपयोग
- पुरानी जन्मपत्रियाँ जन्म समय को घटी-पल में इष्टकाल के रूप में लिखती हैं।
- हर पंचांग में दिनमान और रात्रिमान घटी में छपते हैं।
- मुहूर्त, चौघड़िया और काल सूर्योदय से दिन के भाग हैं।
- कर्मकांड प्रायः घटी में समयबद्ध होते हैं, जैसे संक्रांति का पुण्य काल।
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जन्म विवरण से
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प्रश्न
एक घटी कितने मिनट की होती है?
24 मिनट। एक पल 24 सेकंड का और एक विपल 0.4 सेकंड का होता है।
इष्टकाल को घड़ी के समय में कैसे बदलें?
जन्म स्थान पर उस दिन के सूर्योदय में घटी-पल जोड़ें। ऊपर तिथि और स्थान डालें और “सूर्योदय से घटी-पल देकर घड़ी का समय” भाग देखें।
इष्टकाल सूर्योदय से क्यों गिना जाता है?
हिंदू गणना में दिन (वार) सूर्योदय से आरम्भ होता है, इसलिए दिन का समय सूर्योदय से गिना जाता है।
एक दिन में कितनी घटी होती हैं?
एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक साठ। दिनमान और रात्रिमान ऋतु के साथ बदलते हैं; विषुव के आसपास दोनों लगभग 30-30 घटी होते हैं।