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वृश्चिक राशिफल

गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 · Scorpio Horoscope

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★☆☆☆☆

कठिन दिन

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आज का चन्द्रमा

चन्द्रमा आज मिथुन राशि में है — वृश्चिक से आठवें भाव में (अशुभ)। छाती या पाचन की तकलीफ, बहस और तनाव, भोजन छूटना, और धन को लेकर अचानक झटका।

ग्रन्थ क्या कहता है

अपच, श्वास, खाँसी तथा छाती के रोग उत्पन्न होते हैं; झगड़े और मानसिक कष्ट; अच्छा भोजन समय पर नहीं मिलता; अचानक बड़ी विपत्ति में पड़ने का भय; धन की हानि।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 8th from the natal Moon (p.14, lines 381-384)

15:13 से चन्द्रमा कर्क राशि में, आपके नौवें भाव में: सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।

ग्रन्थ क्या कहता है

राज्य की ओर से परेशानी होती है और व्यापार में हानि; पुत्रों से मतभेद और उनका स्वास्थ्य खराब; हैजा या निमोनिया जैसे पेट और छाती के रोग; भाग्य साथ नहीं देता और शत्रु सताते हैं।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 9th from the natal Moon (p.14, lines 386-390)

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।

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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

करियर व कार्य

★★☆☆☆

सहायक सूर्य (छठे भाव)

बाधक चन्द्र (आठवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), बुध (पाँचवें भाव), केतु (दसवें भाव)

धन

★☆☆☆☆

बाधक चन्द्र (आठवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), बुध (पाँचवें भाव), शुक्र (सातवें भाव)

प्रेम व परिवार

★☆☆☆☆

सहायक सूर्य (छठे भाव)

बाधक चन्द्र (आठवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), बुध (पाँचवें भाव), शुक्र (सातवें भाव), राहु (चौथे भाव), केतु (दसवें भाव)

स्वास्थ्य

★★☆☆☆

सहायक सूर्य (छठे भाव)

बाधक चन्द्र (आठवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), शुक्र (सातवें भाव), केतु (दसवें भाव)

आज का शुभ

रंग
ताम्बई लाल
अंक
1
दिशा
पूर्व
शुभ समय (अभिजित)
11:54–12:46
टालें (राहु काल)
13:58–15:36

सूर्य से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।

आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा

एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:

  • विशाखा में जन्म (चरण 4): जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें; 20:57 तक) फिर सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ)
  • अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ; 20:57 तक) फिर जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें)
  • ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): मित्र (मित्र: शुभ; 20:57 तक) फिर परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ)

इस महीने और इस वर्ष

ग्रहराशि और भाव
शनिमीन में — आपके पाँचवें भाव में29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकअशुभ

व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637)

गुरुमिथुन में — आपके आठवें भाव में5 दिस॰ 2025 से 2 जून 2026 तकअशुभ

कठिन वर्ष: नौकरी और धन खतरे में, बीमारी और कानूनी परेशानी, कठोर शब्दों से सद्भाव की हानि, और कष्टदायक यात्रा।

ग्रन्थ क्या कहता है

बन्धन, शोक, रोग तथा चोरों और राज्य की ओर से कष्ट; कठोर वाणी से जातक तिरस्कार पाता है; उसकी कान्ति मन्द पड़ती है; बात नौकरी छूटने तक पहुँच जाती है; धन और व्यापार में भारी हानि; शारीरिक कष्ट बढ़ता है; अपने ही देश में कष्टदायक लम्बी यात्रा; सन्तान का विरोध।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 8th from the natal Moon (p.20, lines 635-640)

राहुकुम्भ में — आपके चौथे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ

दुःखी समय।

ग्रन्थ क्या कहता है

शोक।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638)

केतुसिंह में — आपके दसवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ

चिन्ता भरा, दुःखी समय।

ग्रन्थ क्या कहता है

भय और शोक।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641)

मंगलमीन में — आपके पाँचवें भाव में2 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तकअशुभ

बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी।

ग्रन्थ क्या कहता है

ज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632)

सूर्यमेष में — आपके छठे भाव में14 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तकशुभ

काम पूरे होते हैं, प्रतिद्वन्द्वी पीछे हटते हैं, स्वास्थ्य सुधरता है और अधिकारी या वरिष्ठ उपयोगी सिद्ध होते हैं।

ग्रन्थ क्या कहता है

कार्यसिद्धि और सुख की प्राप्ति होती है; अन्न-वस्त्र का लाभ; शत्रुओं पर विजय; रोगों का नाश; अधिकारियों से लाभ; व्यक्तिगत प्रभाव बढ़ता है; शोक और मोह दूर होते हैं तथा मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 6th from the natal Moon (p.10, lines 251-255)

शुक्रवृषभ में — आपके सातवें भाव में19 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तकअशुभ

कोई सम्बन्ध परेशानी का कारण बनता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

किसी स्त्री के कारण कष्ट।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 21 (Ojha p.634-635 / PDF 636)

बुधमीन में — आपके पाँचवें भाव में11 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तकअशुभ

योजनाएँ विफल होती हैं, धन की तंगी रहती है, और घर तथा प्रेम-सम्बन्धों में खटपट होती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

मानसिक पीड़ा होती है; विचारित योजनाएँ सफल नहीं होतीं; सन्तान और पत्नी से झगड़े; आर्थिक कष्ट; पराई स्त्रियों से सम्बन्ध आरम्भ होते हैं परन्तु विफल रहते हैं।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 5th from the natal Moon (p.17, lines 533-536)

आज का उपाय

आज चन्द्र को शान्त करें।

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः

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पूजा: भगवान शिव · वार: सोमवार · पढ़ें: शिव चालीसा

गुरुवार · तिथि शुक्ल सप्तमी · नक्षत्र पुनर्वसु · सूर्योदय 05:48 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →

अन्य राशियाँ

यह राशिफल कैसे बना

आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।

नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →

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प्रश्न

23 अप्रैल 2026 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?

कठिन दिन (1/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से आठवें भाव में है। छाती या पाचन की तकलीफ, बहस और तनाव, भोजन छूटना, और धन को लेकर अचानक झटका।

वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?

शुभ रंग ताम्बई लाल, शुभ अंक 1, शुभ दिशा पूर्व (सूर्य शुभ भाव में)।

वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।

क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।