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मिथुन मासिक राशिफल

Mithun Rashifal · सितंबर 2025 · चन्द्र राशि से

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★★★☆☆

मिला-जुला महीना

सितंबर 2025 मिथुन राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 1 सितंबर, 11 सितंबर, 12 सितंबर, 27 सितंबर, 28 सितंबर। सावधानी: 17 सितंबर, 18 सितंबर, 19 सितंबर। सहायक: केतु और शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।

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अच्छे दिन 1 सितंबर, 11 सितंबर, 12 सितंबर, 27 सितंबर, 28 सितंबरसावधानी के दिन 17 सितंबर, 18 सितंबर, 19 सितंबर

इस महीने के ग्रह

बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:

ग्रहराशि, भाव और अवधि
शनिमीन में — आपके दसवें भाव मेंपूरे महीने · वक्रीअशुभ

काम में प्रतिकूल बदलाव और खर्च किया धन निष्फल; परिवार से अलग रहना और छाती की तकलीफ सम्भव।

ग्रन्थ क्या कहता है

नौकरी अथवा व्यवसाय में परिवर्तन और विघ्न-बाधाएँ आती हैं; धन खर्च करने पर भी सफलता नहीं मिलती; जातक गलत कार्य करता है और मानसिक कष्ट सहता है; उसे घर से दूर रहना पड़ता है और सामान्य विरोध का सामना करना पड़ता है; पत्नी से अनबन के कारण अलग रहना पड़ता है; छाती के रोग सम्भव।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 10th from the natal Moon (p.25, lines 817-821)

गुरुमिथुन में — आपके पहले भाव मेंपूरे महीनेअशुभ

भारी वर्ष: काम अटकते और देर से होते हैं, खर्च आय से आगे निकल जाता है और प्रतिष्ठा असुरक्षित लगती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

बृहस्पति चन्द्र लग्न में गोचरवश आता है तब भय और मान-हानि होती है; रोजगार और व्यापार में बाधाएँ; राज्य से भय और मानसिक कष्ट; कार्य लम्बे विलम्ब के बाद ही पूरे होते हैं; यात्रा में असुविधा और सुख में भारी कमी; भारी व्यय से आर्थिक स्थिति डगमगाती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 1st from the natal Moon (p.19, lines 589-593)

राहुकुम्भ में — आपके नौवें भाव मेंपूरे महीनेअशुभ

आपको नुकसान होता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

हानि।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638)

दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार

अकस्मात् आशातीत लाभ होता है जो प्रायः चिरस्थायी होता है; राज्य की कृपा और मित्रों की सहायता; परन्तु चन्द्र लग्न पर राहु की दृष्टि के कारण मानसिक कष्ट भी रहता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 9th from the natal Moon (p.27, lines 956-959)

केतुसिंह में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे महीनेशुभ

काम अच्छे चलते हैं और आपको लाभ होता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

सुख, लाभ और वृद्धि।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 3 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641)

मंगलकन्या में — आपके चौथे भाव में1 सितंबर से 13 सितंबर तकअशुभ

घर और सम्पत्ति विवाद का मैदान बन जाते हैं, माता का स्वास्थ्य प्रभावित होता है, और जातक क्रोधी व भयभीत हो जाता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

शत्रुओं की वृद्धि और स्वजनों द्वारा विरोध होता है; धन और वस्तुओं की कमी; भूमि और सम्पत्ति की बार-बार समस्याएँ; घरेलू सुख में कमी; ज्वर, छाती के रोग और रक्त विकार; सम्मान की हानि, सामान्य विरोध, माता को कष्ट, और मन हिंसक, क्रूर तथा भयभीत हो जाता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 4th from the natal Moon (p.15, lines 441-447)

मंगलतुला में — आपके पाँचवें भाव में13 सितंबर से 30 सितंबर तकअशुभ

बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी।

ग्रन्थ क्या कहता है

ज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632)

सूर्यसिंह में — आपके तीसरे भाव में1 सितंबर से 17 सितंबर तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित

स्वास्थ्य सुधरता है, वरिष्ठ और अधिकारी सहायता करते हैं, सन्तान और मित्रों से धन-मान मिलता है, प्रायः पदोन्नति भी।

ग्रन्थ क्या कहता है

रोगों से मुक्ति, सुख-चैन; सज्जनों और उच्च अधिकारियों से भेंट; पुत्रों और मित्रों के द्वारा धन और सम्मान; शत्रु सहज ही पराजित होते हैं; धन और मान, प्रायः कोई पद, तथा सदाचरण से सफलता।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.10, lines 233-238)

सूर्यकन्या में — आपके चौथे भाव में17 सितंबर से 30 सितंबर तकअशुभ

घर में तनाव, पारिवारिक झगड़े, सम्पत्ति की उलझनें, असुविधाजनक यात्रा और जीवनसाथी से खिंचाव।

ग्रन्थ क्या कहता है

मानसिक और शारीरिक व्यथा रहती है; घरेलू झगड़ों से सुख घटता है; भूमि और सम्पत्ति को लेकर अनेक समस्याएँ; सुविधाओं का अभाव, कष्टदायक यात्राएँ, लोग परेशान करते हैं, पत्नी की ओर से सुख में बाधा, अपमान का भय।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 4th from the natal Moon (p.10, lines 240-244)

शुक्रकर्क में — आपके दूसरे भाव में1 सितंबर से 15 सितंबर तकशुभ

बार-बार धन का आगमन, नये वस्त्र, अच्छा स्वास्थ्य, सुखी दाम्पत्य और अधिकारियों से मान्यता।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की बार-बार प्राप्ति होती है; शरीर स्वस्थ रहता है; जातक नये वस्त्र और आभूषण पहनता है; पत्नी से उत्तम सुख; सन्तान की आशा; राज्य से मान; अध्ययन में रुचि; जातक का रूप निखरता है; संगीत में रुचि बढ़ती है; शत्रुओं का नाश होता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.21, lines 678-682)

शुक्रसिंह में — आपके तीसरे भाव में15 सितंबर से 30 सितंबर तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित

मित्रों और भाई-बहनों से आत्मविश्वास और सहयोग, हाथ में धन, और भाग्य में सहायक मोड़।

ग्रन्थ क्या कहता है

मित्रों से सुख तथा शत्रुओं की पराजय होती है; धन प्राप्त होता है और साहस बढ़ता है; सेवकों से सुख; मान में वृद्धि; भाग्य उन्नत होता है; राज्य की कृपा; भाई-बहनों से सुख और धर्म में रुचि बढ़ती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.21, lines 684-688)

बुधसिंह में — आपके तीसरे भाव में1 सितंबर से 15 सितंबर तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत

घबराहट और आत्मविश्वास की कमी, सम्बन्धियों से बहस और धन का हाथ से निकलना।

ग्रन्थ क्या कहता है

व्यक्ति डरा-डरा रहता है और उसमें साहस की कमी होती है; सम्बन्धियों से झगड़े और धन की हानि; भय के कारण इधर-उधर भागता है। किन्तु वाराही संहिता के अनुसार तृतीय भाव में बुध मित्र दिलाता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.17, lines 523-526)

बुधकन्या में — आपके चौथे भाव में15 सितंबर से 30 सितंबर तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित

धन और सम्पत्ति का लाभ, घर में सहज समय, और प्रतिष्ठित लोगों से उपयोगी मित्रता।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की प्राप्ति होती है; माता को सुख मिलता है; भूमि और सम्पत्ति में वृद्धि; विद्वानों, सज्जनों और उच्च पद वाले लोगों से मित्रता बढ़ती है; घरेलू जीवन भी सुखी रहता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 4th from the natal Moon (p.17, lines 528-531)

करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

क्षेत्ररेटिंग

करियर व कार्य

★★☆☆☆

धन

★★☆☆☆

प्रेम व परिवार

★★☆☆☆

स्वास्थ्य

★★★☆☆

इस महीने ग्रहों में बदलाव

  • 13 सितंबरमंगल का तुला में प्रवेश
  • 15 सितंबरशुक्र का सिंह में प्रवेश
  • 15 सितंबरबुध का कन्या में प्रवेश
  • 17 सितंबरसूर्य का कन्या में प्रवेश

साढ़े साती और ढैय्या

इस अवधि में मिथुन राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।

इस अवधि का शुभ

रंग
चितकबरा
अंक
7
दिशा
वायव्य

केतु से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।

उपाय

इस अवधि में शनि को शान्त रखें।

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

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पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा

इस महीने के त्योहार और व्रत

सभी त्योहार →

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मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।

अन्य राशियाँ

यह मासिक राशिफल कैसे बना

आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। महीने की रेटिंग चन्द्रमा को छोड़ बाकी ग्रहों की मध्य-माह की स्थिति से, वेध के साथ, बनी है, जैसे हमारे वार्षिक पृष्ठ पर। कैलेंडर के हर दिन की अपनी दैनिक रेटिंग है। हर भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली की। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।

आज का राशिफल →इस सप्ताह का राशिफल →मिथुन राशिफल 2026 →मिथुन राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →

प्रश्न

सितंबर 2025 मिथुन राशि के लिए कैसा रहेगा?

सितंबर 2025 मिथुन राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 1 सितंबर, 11 सितंबर, 12 सितंबर, 27 सितंबर, 28 सितंबर। सावधानी: 17 सितंबर, 18 सितंबर, 19 सितंबर। सहायक: केतु और शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।

सितंबर 2025 में मिथुन राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?

अच्छे दिन: 1 सितंबर, 11 सितंबर, 12 सितंबर, 27 सितंबर, 28 सितंबर। सावधानी के दिन: 17 सितंबर, 18 सितंबर, 19 सितंबर।

क्या मिथुन राशि पर अभी साढ़े साती है?

इस अवधि में मिथुन राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।

सितंबर 2025 में मिथुन राशि का शुभ रंग और अंक?

चितकबरा, अंक 7, दिशा वायव्य (केतु)।