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कन्या मासिक राशिफल

Kanya Rashifal · सितंबर 2025 · चन्द्र राशि से

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★★☆☆☆

सावधानी का महीना

सितंबर 2025 कन्या राशि के लिए सावधानी का महीना (2/5)। अच्छे दिन: 1 सितंबर, 9 सितंबर, 10 सितंबर, 15 सितंबर, 16 सितंबर। सावधानी: 26 सितंबर, 29 सितंबर, 30 सितंबर। सहायक: राहु और शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।

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अच्छे दिन 1 सितंबर, 9 सितंबर, 10 सितंबर, 15 सितंबर, 16 सितंबरसावधानी के दिन 26 सितंबर, 29 सितंबर, 30 सितंबर

इस महीने के ग्रह

बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:

ग्रहराशि, भाव और अवधि
शनिमीन में — आपके सातवें भाव मेंपूरे महीने · वक्रीअशुभ

साथी से परेशानी, बहुत डर, और थकाने वाली यात्राएँ जो कहीं नहीं पहुँचतीं।

ग्रन्थ क्या कहता है

कष्टदायक: पत्नी का रोग या उससे झगड़ा, अनेक प्रकार के भय, और निष्फल कष्टदायक यात्राएँ।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637)

गुरुमिथुन में — आपके दसवें भाव मेंपूरे महीनेअशुभ

कार्यक्षेत्र में अपमानजनक वर्ष, जिसमें प्रतिष्ठा और धन दोनों की हानि होती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

दीनता होती है, मान-हानि तक की सम्भावना रहती है; और अन्न तथा धन की भी हानि होती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 10th from the natal Moon (p.20, lines 647-648)

राहुकुम्भ में — आपके छठे भाव मेंपूरे महीनेशुभ

जीवन आरामदायक रहता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

सुख।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638)

दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार

दीर्घकालीन रोगों की उत्पत्ति करता है, मामाओं को बीमार करता है और प्रतिष्ठा की हानि कराता है; धन की भी हानि होती है और आय घटती है; नेत्रों में कष्ट होता है और जातक अनेक व्यसनों में पड़ जाता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 6th from the natal Moon (p.27, lines 943-946)

केतुसिंह में — आपके बारहवें भाव मेंपूरे महीनेअशुभ

परेशानी, और किसी से मनमुटाव।

ग्रन्थ क्या कहता है

कष्ट और वैर।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 12 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641)

मंगलकन्या में — आपके पहले भाव में1 सितंबर से 13 सितंबर तकअशुभ

दुर्घटना की आशंका वाला समय: ज्वर, कटना या रक्त की तकलीफ, आग और धारदार औजारों से जोखिम, और कुछ भी योजना के अनुसार नहीं होता।

ग्रन्थ क्या कहता है

कार्य सफल नहीं होते; व्यक्ति ज्वर, व्रण (घाव) और रक्त विकार से पीड़ित होता है; अग्नि, विष और शस्त्र से शारीरिक हानि का भय; बवासीर आदि रोग; पत्नी भी ज्वर से पीड़ित; दुष्टों से कष्ट; यात्रा में दुर्घटना।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 1st from the natal Moon (p.15, lines 425-429)

मंगलतुला में — आपके दूसरे भाव में13 सितंबर से 30 सितंबर तकअशुभ

चोरी, आग या बुरे लोगों से धन की हानि; कठोर शब्दों से परेशानी; जुर्माने या दण्ड की सम्भावना।

ग्रन्थ क्या कहता है

बल की हानि होती है, कार्यों में असफलता मिलती है; दुष्टों, चोरों और अग्नि से हानि और क्षति; जातक कठोर वचन बोलता है; राज्य से दण्ड का भय; पित्त की अधिकता से कष्ट।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.15, lines 431-434)

सूर्यसिंह में — आपके बारहवें भाव में1 सितंबर से 17 सितंबर तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत

घर से दूर रहना और भारी खर्च, नौकरी या पद खतरे में, पेट या आँखों की तकलीफ, मित्रों का रुख ठण्डा।

ग्रन्थ क्या कहता है

दूर देश में भ्रमण होता है; कार्य एवं पद की हानि; भारी व्यय; अनेक कष्ट; ज्वर और पेट का गम्भीर विकार; राज्य का विरोध; नेत्र रोग की सम्भावना; मित्र भी शत्रु जैसा व्यवहार करते हैं; अपमान का भय।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 12th from the natal Moon (p.11, lines 289-294)

सूर्यकन्या में — आपके पहले भाव में17 सितंबर से 30 सितंबर तकअशुभ

थका देने वाला मास: धन और मान घटता है, रक्तचाप, पेट या आँखों की तकलीफ, काम अटकता है और परिवार से दूर रहना पड़ता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन का नाश और प्रतिष्ठा की हानि; रक्तचाप, हृदय रोग, थकावट, पेट और नेत्रों के कष्ट से स्वास्थ्य खराब; हर कार्य में विलम्ब, भोजन अनियमित, व्यर्थ भटकना, परिवार से वियोग तथा स्वजनों और मित्रों से कलह।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 1st from the natal Moon (p.10, lines 220-225)

शुक्रकर्क में — आपके ग्यारहवें भाव में1 सितंबर से 15 सितंबर तकशुभ

धन सहजता से आता है, मित्र पूरा सहयोग देते हैं, और घर तथा सामाजिक जीवन आनन्दमय रहता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

जातक को धन लाभ होता है और प्रताप बढ़ता है; सब कार्यों में सफलता; अच्छा भोजन; पत्नी सम्बन्धी सुखों में वृद्धि; स्त्रियों के संग से आनन्द; मित्रों का पूर्ण सहयोग।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 11th from the natal Moon (p.22, lines 733-737)

शुक्रसिंह में — आपके बारहवें भाव में15 सितंबर से 30 सितंबर तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित

धन और सुविधाएँ आती हैं, पर बाद में हानि होती है, प्रायः वस्त्र या कपड़े के व्यापार में।

ग्रन्थ क्या कहता है

जातक को मित्र, धन, अन्न और भोग के साधन प्राप्त होते हैं; यद्यपि उसका धन बढ़ता है, अन्ततोगत्वा उसे कपड़े के व्यापार में हानि उठानी पड़ती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 12th from the natal Moon (p.22, lines 739-741)

बुधसिंह में — आपके बारहवें भाव में1 सितंबर से 15 सितंबर तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत

रुका हुआ और खर्चीला समय: भूख और स्वास्थ्य कम, पढ़ाई में व्यवधान, और चारों ओर झगड़े।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन तथा सुख में कमी होती है; मन में क्लेश और भूख नहीं लगती; झगड़े लगभग हर कार्य को रोक देते हैं; शत्रुओं से अपमान और पराजय; खराब स्वास्थ्य; सम्बन्धियों से मनमुटाव; अध्ययन में बाधा।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 12th from the natal Moon (p.18, lines 575-579)

बुधकन्या में — आपके पहले भाव में15 सितंबर से 30 सितंबर तकअशुभ

गपशप और तीखे शब्द धन और सम्मान दोनों घटाते हैं; गर्मजोशी भरा स्वागत भी अन्त तक फीका पड़ जाता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

चुगलखोरी में समय व्यतीत होता है; जातक अप्रिय वचन बोलता है; धन की हानि और बन्धन का भय; छोटे-छोटे झगड़ों में धन की हानि; लोग सम्मान नहीं देते; सम्बन्धियों को हानि; यात्रा में स्वागत होने पर भी अन्त में सम्मान नहीं मिलता।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 1st from the natal Moon (p.17, lines 512-516)

करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

क्षेत्ररेटिंग

करियर व कार्य

★☆☆☆☆

धन

★★☆☆☆

प्रेम व परिवार

★★☆☆☆

स्वास्थ्य

★★★☆☆

इस महीने ग्रहों में बदलाव

  • 13 सितंबरमंगल का तुला में प्रवेश
  • 15 सितंबरशुक्र का सिंह में प्रवेश
  • 15 सितंबरबुध का कन्या में प्रवेश
  • 17 सितंबरसूर्य का कन्या में प्रवेश

साढ़े साती और ढैय्या

शनि आपके सातवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।

इस अवधि का शुभ

रंग
धूसर
अंक
4
दिशा
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)

राहु से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।

उपाय

इस अवधि में शनि को शान्त रखें।

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

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पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा

इस महीने के त्योहार और व्रत

सभी त्योहार →

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अन्य राशियाँ

यह मासिक राशिफल कैसे बना

आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। महीने की रेटिंग चन्द्रमा को छोड़ बाकी ग्रहों की मध्य-माह की स्थिति से, वेध के साथ, बनी है, जैसे हमारे वार्षिक पृष्ठ पर। कैलेंडर के हर दिन की अपनी दैनिक रेटिंग है। हर भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली की। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।

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प्रश्न

सितंबर 2025 कन्या राशि के लिए कैसा रहेगा?

सितंबर 2025 कन्या राशि के लिए सावधानी का महीना (2/5)। अच्छे दिन: 1 सितंबर, 9 सितंबर, 10 सितंबर, 15 सितंबर, 16 सितंबर। सावधानी: 26 सितंबर, 29 सितंबर, 30 सितंबर। सहायक: राहु और शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।

सितंबर 2025 में कन्या राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?

अच्छे दिन: 1 सितंबर, 9 सितंबर, 10 सितंबर, 15 सितंबर, 16 सितंबर। सावधानी के दिन: 26 सितंबर, 29 सितंबर, 30 सितंबर।

क्या कन्या राशि पर अभी साढ़े साती है?

शनि आपके सातवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।

सितंबर 2025 में कन्या राशि का शुभ रंग और अंक?

धूसर, अंक 4, दिशा नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) (राहु)।