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वृश्चिक राशिफल

गुरुवार, 4 नवंबर 2027 · Scorpio Horoscope

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★★☆☆☆

सावधानी का दिन

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आज का चन्द्रमा

चन्द्रमा आज धनु राशि में है — वृश्चिक से दूसरे भाव में (अशुभ)। बेचैन दिन: घर में खटपट, आँखों पर जोर या हल्की बीमारी, काम बिगड़ते हैं और पढ़ाई व्यर्थ लगती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

मानसिक असन्तोष देता है; कुटुम्ब वालों से नहीं बनती; नेत्र कष्ट या कोई अन्य रोग; साधारण भोजन और थोड़ा सुख; कार्यों में असफलता; बुरे कर्मों की ओर झुकाव और अध्ययन में अरुचि।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.13, lines 345-348)

22:06 से चन्द्रमा मकर राशि में, आपके तीसरे भाव में: उजला दिन: धन आता है, स्वास्थ्य और मन अच्छे रहते हैं, सम्पर्क और सम्बन्धी सहायता करते हैं।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की प्राप्ति होती है; वस्त्रादि का सुख मिलता है; अच्छा स्वास्थ्य; शत्रुओं पर विजय; प्रसन्न मन; प्रिय के साथ आनन्द; सम्बन्धियों से लाभ; सम्पर्क बढ़ते हैं और भाग्य सुधरता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.13, lines 350-353)

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।

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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

करियर व कार्य

★★☆☆☆

सहायक बुध (ग्यारहवें भाव)

बाधक चन्द्र (दूसरे भाव), गुरु (दसवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (बारहवें भाव), केतु (नौवें भाव)

धन

★★☆☆☆

सहायक बुध (ग्यारहवें भाव), शुक्र (पहले भाव), राहु (तीसरे भाव)

बाधक चन्द्र (दूसरे भाव), गुरु (दसवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (बारहवें भाव), केतु (नौवें भाव)

प्रेम व परिवार

★★☆☆☆

सहायक बुध (ग्यारहवें भाव), शुक्र (पहले भाव), राहु (तीसरे भाव)

बाधक चन्द्र (दूसरे भाव), गुरु (दसवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), मंगल (पहले भाव), केतु (नौवें भाव)

स्वास्थ्य

★★☆☆☆

सहायक बुध (ग्यारहवें भाव)

बाधक चन्द्र (दूसरे भाव), गुरु (दसवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (बारहवें भाव), मंगल (पहले भाव)

आज का शुभ

रंग
गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
अंक
6
दिशा
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
शुभ समय (अभिजित)
11:43–12:27
टालें (राहु काल)
13:27–14:49

शुक्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।

आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा

एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:

  • विशाखा में जन्म (चरण 4): प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें; 15:24 तक) फिर साधक (सिद्धि: प्रयास सफल)
  • अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): क्षेम (कल्याण: शुभ; 15:24 तक) फिर प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें)
  • ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें; 15:24 तक) फिर क्षेम (कल्याण: शुभ)

इस महीने और इस वर्ष

ग्रहराशि और भाव
शनिमीन में — आपके पाँचवें भाव में (वक्री)20 अक्टू॰ 2027 से 23 फ़र॰ 2028 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत

व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637)

गुरुसिंह में — आपके दसवें भाव में26 जून 2027 से 26 नव॰ 2027 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत

कार्यक्षेत्र में अपमानजनक वर्ष, जिसमें प्रतिष्ठा और धन दोनों की हानि होती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

दीनता होती है, मान-हानि तक की सम्भावना रहती है; और अन्न तथा धन की भी हानि होती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 10th from the natal Moon (p.20, lines 647-648)

राहुमकर में — आपके तीसरे भाव में25 नव॰ 2026 से 24 मई 2028 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित

आरामदायक समय।

ग्रन्थ क्या कहता है

सुख।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638)

केतुकर्क में — आपके नौवें भाव में25 नव॰ 2026 से 24 मई 2028 तकअशुभ

मन उदास रहता है; गलत कदमों से बचें।

ग्रन्थ क्या कहता है

पाप कर्म और दीनता।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 9 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641)

दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार

अकस्मात् भाग्य में वृद्धि होती है; मित्रों से लाभ होता है; सन्तान का भाग्य भी सुधरता है; और मान की प्राप्ति होती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 9th from the natal Moon (p.28, lines 1009-1011)

मंगलवृश्चिक में — आपके पहले भाव में8 अक्टू॰ 2027 से 18 नव॰ 2027 तकअशुभ

दुर्घटना की आशंका वाला समय: ज्वर, कटना या रक्त की तकलीफ, आग और धारदार औजारों से जोखिम, और कुछ भी योजना के अनुसार नहीं होता।

ग्रन्थ क्या कहता है

कार्य सफल नहीं होते; व्यक्ति ज्वर, व्रण (घाव) और रक्त विकार से पीड़ित होता है; अग्नि, विष और शस्त्र से शारीरिक हानि का भय; बवासीर आदि रोग; पत्नी भी ज्वर से पीड़ित; दुष्टों से कष्ट; यात्रा में दुर्घटना।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 1st from the natal Moon (p.15, lines 425-429)

सूर्यतुला में — आपके बारहवें भाव में18 अक्टू॰ 2027 से 17 नव॰ 2027 तकअशुभ

घर से दूर रहना और भारी खर्च, नौकरी या पद खतरे में, पेट या आँखों की तकलीफ, मित्रों का रुख ठण्डा।

ग्रन्थ क्या कहता है

दूर देश में भ्रमण होता है; कार्य एवं पद की हानि; भारी व्यय; अनेक कष्ट; ज्वर और पेट का गम्भीर विकार; राज्य का विरोध; नेत्र रोग की सम्भावना; मित्र भी शत्रु जैसा व्यवहार करते हैं; अपमान का भय।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 12th from the natal Moon (p.11, lines 289-294)

शुक्रवृश्चिक में — आपके पहले भाव में27 अक्टू॰ 2027 से 21 नव॰ 2027 तकशुभ

आनन्ददायक, समृद्ध समय: धन, प्रेम या विवाह, पढ़ाई में सफलता और सौन्दर्य या विलास के व्यापार से आय।

ग्रन्थ क्या कहता है

सुख और धन की प्राप्ति होती है; शत्रु का नाश होता है, यद्यपि जातक से कुछ दुराचरण भी होता है; विवाह या सन्तान-जन्म सम्भव; अध्ययन में सफलता; हर प्रकार का मनोरंजन और विलास; सत्य की ओर झुकाव; व्यापार में वृद्धि; तरल पदार्थों, इत्र, प्रसाधन और सौन्दर्य-सामग्री से आय।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 1st from the natal Moon (p.21, lines 671-676)

बुधकन्या में — आपके ग्यारहवें भाव में21 अक्टू॰ 2027 से 5 नव॰ 2027 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित

स्वास्थ्य, आय और प्रतिष्ठा सब सुधरते हैं, और सन्तान की आशा हो सकती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

स्वास्थ्य, सुख, यश और धन उत्तम रहते हैं और आनन्द देते हैं; सन्तान की सम्भावना; शुभ कार्यों की ओर झुकाव बढ़ता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 11th from the natal Moon (p.18, lines 571-573)

आज का उपाय

आज चन्द्र को शान्त करें।

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः

108 बार जप करें

पूजा: भगवान शिव · वार: सोमवार · पढ़ें: शिव चालीसा

गुरुवार · तिथि शुक्ल षष्ठी · नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा · सूर्योदय 06:35 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →

अन्य राशियाँ

यह राशिफल कैसे बना

आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।

नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →

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प्रश्न

4 नवंबर 2027 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?

सावधानी का दिन (2/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से दूसरे भाव में है। बेचैन दिन: घर में खटपट, आँखों पर जोर या हल्की बीमारी, काम बिगड़ते हैं और पढ़ाई व्यर्थ लगती है।

वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?

शुभ रंग गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, शुभ अंक 6, शुभ दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र शुभ भाव में)।

वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।

क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।