मिला-जुला दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज कर्क राशि में है — वृश्चिक से नौवें भाव में (अशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत)। सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।
ग्रन्थ क्या कहता है
राज्य की ओर से परेशानी होती है और व्यापार में हानि; पुत्रों से मतभेद और उनका स्वास्थ्य खराब; हैजा या निमोनिया जैसे पेट और छाती के रोग; भाग्य साथ नहीं देता और शत्रु सताते हैं।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 9th from the natal Moon (p.14, lines 386-390)
17:41 से चन्द्रमा सिंह राशि में, आपके दसवें भाव में: कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
ग्रन्थ क्या कहता है
अभीष्ट कार्य की सिद्धि होती है और सब कुछ सहजता से पूरा होता है; अच्छा स्वास्थ्य; राज्य से धन और मान; नौकरी में पदोन्नति; अधिकारी प्रसन्न रहते हैं; घर में अच्छा सुख।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 10th from the natal Moon (p.14, lines 392-395)
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★★☆☆सहायक बुध (ग्यारहवें भाव)
बाधक चन्द्र (नौवें भाव), गुरु (दसवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (बारहवें भाव), केतु (नौवें भाव)
धन
★★★☆☆सहायक बुध (ग्यारहवें भाव), शुक्र (बारहवें भाव), राहु (तीसरे भाव)
बाधक चन्द्र (नौवें भाव), गुरु (दसवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (बारहवें भाव), केतु (नौवें भाव)
प्रेम व परिवार
★★★☆☆सहायक बुध (ग्यारहवें भाव), शुक्र (बारहवें भाव), राहु (तीसरे भाव)
बाधक चन्द्र (नौवें भाव), गुरु (दसवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), मंगल (पहले भाव), केतु (नौवें भाव)
स्वास्थ्य
★★★☆☆सहायक बुध (ग्यारहवें भाव)
बाधक चन्द्र (नौवें भाव), गुरु (दसवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (बारहवें भाव), मंगल (पहले भाव)
आज का शुभ
- रंग
- गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
- अंक
- 6
- दिशा
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- शुभ समय (अभिजित)
- 11:43–12:28
- टालें (राहु काल)
- 16:19–17:43
शुक्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- विशाखा में जन्म (चरण 4): विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें; 17:41 तक) फिर क्षेम (कल्याण: शुभ)
- अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ; 17:41 तक) फिर विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें)
- ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें; 17:41 तक) फिर सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ)
इस महीने और इस वर्ष
| ग्रह | राशि और भाव | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके पाँचवें भाव में (वक्री)20 अक्टू॰ 2027 से 23 फ़र॰ 2028 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | सिंह में — आपके दसवें भाव में26 जून 2027 से 26 नव॰ 2027 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
कार्यक्षेत्र में अपमानजनक वर्ष, जिसमें प्रतिष्ठा और धन दोनों की हानि होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैदीनता होती है, मान-हानि तक की सम्भावना रहती है; और अन्न तथा धन की भी हानि होती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 10th from the natal Moon (p.20, lines 647-648) | ||
| राहु | मकर में — आपके तीसरे भाव में25 नव॰ 2026 से 24 मई 2028 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
आरामदायक समय। ग्रन्थ क्या कहता हैसुख। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | कर्क में — आपके नौवें भाव में25 नव॰ 2026 से 24 मई 2028 तकअशुभ | |
मन उदास रहता है; गलत कदमों से बचें। ग्रन्थ क्या कहता हैपाप कर्म और दीनता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 9 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार अकस्मात् भाग्य में वृद्धि होती है; मित्रों से लाभ होता है; सन्तान का भाग्य भी सुधरता है; और मान की प्राप्ति होती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 9th from the natal Moon (p.28, lines 1009-1011) | ||
| मंगल | वृश्चिक में — आपके पहले भाव में8 अक्टू॰ 2027 से 18 नव॰ 2027 तकअशुभ | |
दुर्घटना की आशंका वाला समय: ज्वर, कटना या रक्त की तकलीफ, आग और धारदार औजारों से जोखिम, और कुछ भी योजना के अनुसार नहीं होता। ग्रन्थ क्या कहता हैकार्य सफल नहीं होते; व्यक्ति ज्वर, व्रण (घाव) और रक्त विकार से पीड़ित होता है; अग्नि, विष और शस्त्र से शारीरिक हानि का भय; बवासीर आदि रोग; पत्नी भी ज्वर से पीड़ित; दुष्टों से कष्ट; यात्रा में दुर्घटना। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 1st from the natal Moon (p.15, lines 425-429) | ||
| सूर्य | तुला में — आपके बारहवें भाव में18 अक्टू॰ 2027 से 17 नव॰ 2027 तकअशुभ | |
घर से दूर रहना और भारी खर्च, नौकरी या पद खतरे में, पेट या आँखों की तकलीफ, मित्रों का रुख ठण्डा। ग्रन्थ क्या कहता हैदूर देश में भ्रमण होता है; कार्य एवं पद की हानि; भारी व्यय; अनेक कष्ट; ज्वर और पेट का गम्भीर विकार; राज्य का विरोध; नेत्र रोग की सम्भावना; मित्र भी शत्रु जैसा व्यवहार करते हैं; अपमान का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 12th from the natal Moon (p.11, lines 289-294) | ||
| शुक्र | तुला में — आपके बारहवें भाव में3 अक्टू॰ 2027 से 27 अक्टू॰ 2027 तकशुभ | |
धन और सुविधाएँ आती हैं, पर बाद में हानि होती है, प्रायः वस्त्र या कपड़े के व्यापार में। ग्रन्थ क्या कहता हैजातक को मित्र, धन, अन्न और भोग के साधन प्राप्त होते हैं; यद्यपि उसका धन बढ़ता है, अन्ततोगत्वा उसे कपड़े के व्यापार में हानि उठानी पड़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 12th from the natal Moon (p.22, lines 739-741) | ||
| बुध | कन्या में — आपके ग्यारहवें भाव में (वक्री)21 अक्टू॰ 2027 से 5 नव॰ 2027 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
स्वास्थ्य, आय और प्रतिष्ठा सब सुधरते हैं, और सन्तान की आशा हो सकती है। ग्रन्थ क्या कहता हैस्वास्थ्य, सुख, यश और धन उत्तम रहते हैं और आनन्द देते हैं; सन्तान की सम्भावना; शुभ कार्यों की ओर झुकाव बढ़ता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 11th from the natal Moon (p.18, lines 571-573) | ||
आज का उपाय
आज सूर्य को शान्त करें।
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
108 बार जप करें
पूजा: सूर्य देव · वार: रविवार · पढ़ें: सूर्य चालीसा
रविवार · तिथि कृष्ण नवमी · नक्षत्र अश्लेषा · सूर्योदय 06:27 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →
अन्य राशियाँ
यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
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प्रश्न
24 अक्टूबर 2027 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?
मिला-जुला दिन (3/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से नौवें भाव में है। सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।
वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, शुभ अंक 6, शुभ दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र शुभ भाव में)।
वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।
क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।