अच्छा दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज कन्या राशि में है — वृश्चिक से ग्यारहवें भाव में (शुभ)। आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।
ग्रन्थ क्या कहता है
मनुष्य की आय में वृद्धि होती है और व्यापार में अच्छा लाभ; सन्तान से सुख; समय पर अच्छा भोजन; मित्रों के साथ हँसी-मज़ाक और पत्नी के साथ आनन्द में समय बीतता है; प्रसन्न मन महत्त्वाकांक्षाओं की पूर्ति की ओर बढ़ता है; स्त्रियों से और तरल पदार्थों से लाभ।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 11th from the natal Moon (p.14, lines 397-401)
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★★★☆सहायक चन्द्र (ग्यारहवें भाव), गुरु (नौवें भाव)
बाधक शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (बारहवें भाव), बुध (पहले भाव), केतु (दसवें भाव)
धन
★★★★☆सहायक चन्द्र (ग्यारहवें भाव), गुरु (नौवें भाव), शुक्र (बारहवें भाव)
बाधक शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (बारहवें भाव), बुध (पहले भाव)
प्रेम व परिवार
★★★★★सहायक चन्द्र (ग्यारहवें भाव), गुरु (नौवें भाव), शुक्र (बारहवें भाव)
बाधक शनि (पाँचवें भाव), मंगल (पहले भाव), राहु (चौथे भाव), केतु (दसवें भाव)
स्वास्थ्य
★★★☆☆सहायक चन्द्र (ग्यारहवें भाव)
बाधक शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (बारहवें भाव), मंगल (पहले भाव), बुध (पहले भाव), केतु (दसवें भाव)
आज का शुभ
- रंग
- सफ़ेद
- अंक
- 2
- दिशा
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- शुभ समय (अभिजित)
- 11:44–12:27
- टालें (राहु काल)
- 16:07–17:27
चन्द्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- विशाखा में जन्म (चरण 4): वध (हानि: जोखिम और नया आरम्भ टालें; 02:11 (अगले दिन) तक) फिर मित्र (मित्र: शुभ)
- अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): साधक (सिद्धि: प्रयास सफल; 02:11 (अगले दिन) तक) फिर वध (हानि: जोखिम और नया आरम्भ टालें)
- ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें; 02:11 (अगले दिन) तक) फिर साधक (सिद्धि: प्रयास सफल)
इस महीने और इस वर्ष
| ग्रह | राशि और भाव | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके पाँचवें भाव में (वक्री)29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके नौवें भाव में (वक्री)18 अक्टू॰ 2025 से 5 दिस॰ 2025 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
भाग्य उठता है: मान और पद, सन्तान से लाभ, भाई-बहनों का सहयोग और सामान्यतः सफलता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन वृद्धि होती है, पुत्र-जन्म का उत्सव होता है; भाग्य में स्पष्ट उन्नति; सन्तान से लाभ; राज्य से मान और पद; हर कार्य में सफलता; भाइयों से सुख और सहायता; धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 9th from the natal Moon (p.20, lines 642-645) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके चौथे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैशोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | सिंह में — आपके दसवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
चिन्ता भरा, दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और शोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | वृश्चिक में — आपके पहले भाव में27 अक्टू॰ 2025 से 7 दिस॰ 2025 तकअशुभ | |
दुर्घटना की आशंका वाला समय: ज्वर, कटना या रक्त की तकलीफ, आग और धारदार औजारों से जोखिम, और कुछ भी योजना के अनुसार नहीं होता। ग्रन्थ क्या कहता हैकार्य सफल नहीं होते; व्यक्ति ज्वर, व्रण (घाव) और रक्त विकार से पीड़ित होता है; अग्नि, विष और शस्त्र से शारीरिक हानि का भय; बवासीर आदि रोग; पत्नी भी ज्वर से पीड़ित; दुष्टों से कष्ट; यात्रा में दुर्घटना। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 1st from the natal Moon (p.15, lines 425-429) | ||
| सूर्य | तुला में — आपके बारहवें भाव में17 अक्टू॰ 2025 से 16 नव॰ 2025 तकअशुभ | |
घर से दूर रहना और भारी खर्च, नौकरी या पद खतरे में, पेट या आँखों की तकलीफ, मित्रों का रुख ठण्डा। ग्रन्थ क्या कहता हैदूर देश में भ्रमण होता है; कार्य एवं पद की हानि; भारी व्यय; अनेक कष्ट; ज्वर और पेट का गम्भीर विकार; राज्य का विरोध; नेत्र रोग की सम्भावना; मित्र भी शत्रु जैसा व्यवहार करते हैं; अपमान का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 12th from the natal Moon (p.11, lines 289-294) | ||
| शुक्र | तुला में — आपके बारहवें भाव में2 नव॰ 2025 से 26 नव॰ 2025 तकशुभ | |
धन और सुविधाएँ आती हैं, पर बाद में हानि होती है, प्रायः वस्त्र या कपड़े के व्यापार में। ग्रन्थ क्या कहता हैजातक को मित्र, धन, अन्न और भोग के साधन प्राप्त होते हैं; यद्यपि उसका धन बढ़ता है, अन्ततोगत्वा उसे कपड़े के व्यापार में हानि उठानी पड़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 12th from the natal Moon (p.22, lines 739-741) | ||
| बुध | वृश्चिक में — आपके पहले भाव में (वक्री)24 अक्टू॰ 2025 से 23 नव॰ 2025 तकअशुभ | |
गपशप और तीखे शब्द धन और सम्मान दोनों घटाते हैं; गर्मजोशी भरा स्वागत भी अन्त तक फीका पड़ जाता है। ग्रन्थ क्या कहता हैचुगलखोरी में समय व्यतीत होता है; जातक अप्रिय वचन बोलता है; धन की हानि और बन्धन का भय; छोटे-छोटे झगड़ों में धन की हानि; लोग सम्मान नहीं देते; सम्बन्धियों को हानि; यात्रा में स्वागत होने पर भी अन्त में सम्मान नहीं मिलता। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 1st from the natal Moon (p.17, lines 512-516) | ||
आज का उपाय
आज सूर्य को शान्त करें।
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
108 बार जप करें
पूजा: सूर्य देव · वार: रविवार · पढ़ें: सूर्य चालीसा
रविवार · तिथि कृष्ण द्वादशी · नक्षत्र हस्त · सूर्योदय 06:44 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →
अन्य राशियाँ
यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
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प्रश्न
16 नवंबर 2025 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?
अच्छा दिन (4/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से ग्यारहवें भाव में है। आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।
वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग सफ़ेद, शुभ अंक 2, शुभ दिशा वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (चन्द्र शुभ भाव में)।
वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।
क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।