सावधानी का दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज तुला राशि में है — वृश्चिक से बारहवें भाव में (अशुभ)। धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।
ग्रन्थ क्या कहता है
शारीरिक कष्ट, विशेषकर नेत्र रोग का भय; धन और मान की हानि; सन्तान से सहयोग नहीं; बढ़ती चिन्ताएँ; भारी व्यय। वाराही संहिता के अनुसार यहाँ का चन्द्रमा व्यक्ति से मतवाले बैल जैसा आचरण कराता है, जो हानिकारक कार्यों में अपनी शक्ति नष्ट करता है।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 12th from the natal Moon (p.14, lines 403-409)
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★☆☆☆सहायक मंगल (ग्यारहवें भाव)
बाधक चन्द्र (बारहवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (नौवें भाव), बुध (नौवें भाव), केतु (दसवें भाव)
धन
★☆☆☆☆सहायक मंगल (ग्यारहवें भाव), शुक्र (आठवें भाव)
बाधक चन्द्र (बारहवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (नौवें भाव), बुध (नौवें भाव)
प्रेम व परिवार
★★☆☆☆सहायक मंगल (ग्यारहवें भाव), शुक्र (आठवें भाव)
बाधक चन्द्र (बारहवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (नौवें भाव), राहु (चौथे भाव), केतु (दसवें भाव)
स्वास्थ्य
★★☆☆☆सहायक मंगल (ग्यारहवें भाव)
बाधक चन्द्र (बारहवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (नौवें भाव), केतु (दसवें भाव)
आज का शुभ
- रंग
- गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
- अंक
- 6
- दिशा
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- शुभ समय (अभिजित)
- 12:00–12:54
- टालें (राहु काल)
- 10:46–12:27
शुक्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- विशाखा में जन्म (चरण 4): परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ; 03:40 (अगले दिन) तक) फिर जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें)
- अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): मित्र (मित्र: शुभ; 03:40 (अगले दिन) तक) फिर परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ)
- ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): वध (हानि: जोखिम और नया आरम्भ टालें; 03:40 (अगले दिन) तक) फिर मित्र (मित्र: शुभ)
इस महीने और इस वर्ष
| ग्रह | राशि और भाव | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके पाँचवें भाव में (वक्री)29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | मिथुन में — आपके आठवें भाव में14 मई 2025 से 18 अक्टू॰ 2025 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
कठिन वर्ष: नौकरी और धन खतरे में, बीमारी और कानूनी परेशानी, कठोर शब्दों से सद्भाव की हानि, और कष्टदायक यात्रा। ग्रन्थ क्या कहता हैबन्धन, शोक, रोग तथा चोरों और राज्य की ओर से कष्ट; कठोर वाणी से जातक तिरस्कार पाता है; उसकी कान्ति मन्द पड़ती है; बात नौकरी छूटने तक पहुँच जाती है; धन और व्यापार में भारी हानि; शारीरिक कष्ट बढ़ता है; अपने ही देश में कष्टदायक लम्बी यात्रा; सन्तान का विरोध। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 8th from the natal Moon (p.20, lines 635-640) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके चौथे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैशोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | सिंह में — आपके दसवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
चिन्ता भरा, दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और शोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | कन्या में — आपके ग्यारहवें भाव में28 जुल॰ 2025 से 13 सित॰ 2025 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
अच्छी कमाई का समय: आय अपेक्षा से अधिक, सम्पत्ति या किराया लाभ देता है, और भाई या साथी सहायता करते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैजय, आरोग्य और धन-धान्य की प्राप्ति होती है; आय आशा से अधिक बढ़ती है; भूमि-लाभ के लिए उपयुक्त समय; किराये की आय बढ़ती है; भाइयों की वृद्धि और उनसे लाभ; कार्यों में सफलता। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 11th from the natal Moon (p.16, lines 489-493) | ||
| सूर्य | कर्क में — आपके नौवें भाव में16 जुल॰ 2025 से 17 अग॰ 2025 तकअशुभ | |
फीका समय: झूठा आरोप या दोष, आय में कमी, स्वास्थ्य और मन दोनों ढीले, बड़े और मित्र साथ नहीं देते। ग्रन्थ क्या कहता हैकांति का क्षय, झूठा आरोप, अकारण धन और पुण्य की हानि, आय में कमी, रोग और अशान्ति; बड़ों, मित्रों और भाइयों का विरोध; अपमान का भय; हर प्रयत्न विफल होता है और जातक उदास रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 9th from the natal Moon (p.11, lines 273-276) | ||
| शुक्र | मिथुन में — आपके आठवें भाव में26 जुल॰ 2025 से 21 अग॰ 2025 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
अप्रत्याशित रूप से सहज समय: पुरानी परेशानियाँ दूर होती हैं, धन और सुविधाएँ आती हैं, और परिवार सहायता करता है। ग्रन्थ क्या कहता हैधन और सुख में वृद्धि होती है; जातक के सब कष्ट दूर होते हैं; विलास की वस्तुएँ बढ़ती हैं; कुटुम्बीजनों से धन और सुख का लाभ; अध्ययन में रुचि। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 8th from the natal Moon (p.22, lines 717-719) | ||
| बुध | कर्क में — आपके नौवें भाव में (वक्री)22 जून 2025 से 30 अग॰ 2025 तकअशुभ | |
हर काम में रुकावट, यात्रा निराश करती है, धन और प्रतिष्ठा घटती है, और सम्बन्धों में सन्देह और कड़वाहट आती है। ग्रन्थ क्या कहता हैखेद, संताप तथा सब कार्यों में विघ्न-बाधाएँ आती हैं; यात्रा में असुविधा और हानि; धन और मान की हानि; सम्बन्धियों और भाइयों से मनमुटाव; जातक धर्म और शास्त्र में दोष निकालने का प्रयत्न करता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 9th from the natal Moon (p.18, lines 560-563) | ||
आज का उपाय
आज चन्द्र को शान्त करें।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
108 बार जप करें
पूजा: भगवान शिव · वार: सोमवार · पढ़ें: शिव चालीसा
शुक्रवार · तिथि शुक्ल अष्टमी · नक्षत्र स्वाती · सूर्योदय 05:43 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →
अन्य राशियाँ
यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
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प्रश्न
1 अगस्त 2025 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?
सावधानी का दिन (2/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से बारहवें भाव में है। धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।
वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, शुभ अंक 6, शुभ दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र शुभ भाव में)।
वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।
क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।