सावधानी का दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज मिथुन राशि में है — वृषभ से दूसरे भाव में (अशुभ)। बेचैन दिन: घर में खटपट, आँखों पर जोर या हल्की बीमारी, काम बिगड़ते हैं और पढ़ाई व्यर्थ लगती है।
ग्रन्थ क्या कहता है
मानसिक असन्तोष देता है; कुटुम्ब वालों से नहीं बनती; नेत्र कष्ट या कोई अन्य रोग; साधारण भोजन और थोड़ा सुख; कार्यों में असफलता; बुरे कर्मों की ओर झुकाव और अध्ययन में अरुचि।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.13, lines 345-348)
14:47 से चन्द्रमा कर्क राशि में, आपके तीसरे भाव में: उजला दिन: धन आता है, स्वास्थ्य और मन अच्छे रहते हैं, सम्पर्क और सम्बन्धी सहायता करते हैं।
ग्रन्थ क्या कहता है
धन की प्राप्ति होती है; वस्त्रादि का सुख मिलता है; अच्छा स्वास्थ्य; शत्रुओं पर विजय; प्रसन्न मन; प्रिय के साथ आनन्द; सम्बन्धियों से लाभ; सम्पर्क बढ़ते हैं और भाग्य सुधरता है।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.13, lines 350-353)
साढ़े साती चल रही है — पहला (उदय) चरण, शनि आपके बारहवें भाव में।
रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ
मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★☆☆☆सहायक सूर्य (तीसरे भाव), शुक्र (तीसरे भाव)
बाधक चन्द्र (दूसरे भाव), शनि (बारहवें भाव), बुध (तीसरे भाव), राहु (नौवें भाव)
धन
★★☆☆☆सहायक सूर्य (तीसरे भाव), शुक्र (तीसरे भाव), केतु (तीसरे भाव)
बाधक चन्द्र (दूसरे भाव), गुरु (चौथे भाव), शनि (बारहवें भाव), बुध (तीसरे भाव), राहु (नौवें भाव)
प्रेम व परिवार
★★☆☆☆सहायक शुक्र (तीसरे भाव), केतु (तीसरे भाव)
बाधक चन्द्र (दूसरे भाव), गुरु (चौथे भाव), शनि (बारहवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), बुध (तीसरे भाव)
स्वास्थ्य
★★☆☆☆सहायक सूर्य (तीसरे भाव)
बाधक चन्द्र (दूसरे भाव), गुरु (चौथे भाव), शनि (बारहवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), बुध (तीसरे भाव)
आज का शुभ
- रंग
- गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
- अंक
- 6
- दिशा
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- शुभ समय (अभिजित)
- 12:00–12:54
- टालें (राहु काल)
- 17:31–19:12
शुक्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- कृत्तिका में जन्म (चरण 2, 3, 4): प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें; 20:04 तक) फिर साधक (सिद्धि: प्रयास सफल)
- रोहिणी में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): क्षेम (कल्याण: शुभ; 20:04 तक) फिर प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें)
- मृगशिरा में जन्म (चरण 1, 2): विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें; 20:04 तक) फिर क्षेम (कल्याण: शुभ)
इस महीने और इस वर्ष
| ग्रह | राशि और भाव | |
|---|---|---|
| शनि | मेष में — आपके बारहवें भाव में3 जून 2027 से 20 अक्टू॰ 2027 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
कठोर परिश्रम जो कहीं नहीं पहुँचता, विरोधियों के कारण धन हानि, और घर में बीमारी। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यर्थ श्रम - निरर्थक कार्य में लगा प्रयत्न जिसमें सफलता नहीं; शत्रुओं के द्वारा धन की हानि; पत्नी और सन्तान को रोग। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | सिंह में — आपके चौथे भाव में26 जून 2027 से 26 नव॰ 2027 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
बेचैन और अस्थिर: घर से दूर, सम्पत्ति और परिवार से आनन्द नहीं, और सरकारी मामले चिन्ता देते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैमन में अशान्ति रहती है; धन तथा कान्ति की हानि; शत्रुओं के बढ़ने से कष्ट; जातक को अपने जन्म-स्थान से दूर जाना पड़ता है; भूमि, सम्पत्ति या कुटुम्बीजनों से सुख नहीं; राज्य की ओर से नाना प्रकार के भय निरन्तर बने रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 4th from the natal Moon (p.19, lines 607-610) | ||
| राहु | मकर में — आपके नौवें भाव में25 नव॰ 2026 से 24 मई 2028 तकअशुभ | |
आपको नुकसान होता है। ग्रन्थ क्या कहता हैहानि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार अकस्मात् आशातीत लाभ होता है जो प्रायः चिरस्थायी होता है; राज्य की कृपा और मित्रों की सहायता; परन्तु चन्द्र लग्न पर राहु की दृष्टि के कारण मानसिक कष्ट भी रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 9th from the natal Moon (p.27, lines 956-959) | ||
| केतु | कर्क में — आपके तीसरे भाव में25 नव॰ 2026 से 24 मई 2028 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
काम अच्छे चलते हैं और आपको लाभ होता है। ग्रन्थ क्या कहता हैसुख, लाभ और वृद्धि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 3 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | कन्या में — आपके पाँचवें भाव में5 जुल॰ 2027 से 24 अग॰ 2027 तकअशुभ | |
बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी। ग्रन्थ क्या कहता हैज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632) | ||
| सूर्य | कर्क में — आपके तीसरे भाव में17 जुल॰ 2027 से 17 अग॰ 2027 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
स्वास्थ्य सुधरता है, वरिष्ठ और अधिकारी सहायता करते हैं, सन्तान और मित्रों से धन-मान मिलता है, प्रायः पदोन्नति भी। ग्रन्थ क्या कहता हैरोगों से मुक्ति, सुख-चैन; सज्जनों और उच्च अधिकारियों से भेंट; पुत्रों और मित्रों के द्वारा धन और सम्मान; शत्रु सहज ही पराजित होते हैं; धन और मान, प्रायः कोई पद, तथा सदाचरण से सफलता। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.10, lines 233-238) | ||
| शुक्र | कर्क में — आपके तीसरे भाव में23 जुल॰ 2027 से 16 अग॰ 2027 तकशुभ | |
मित्रों और भाई-बहनों से आत्मविश्वास और सहयोग, हाथ में धन, और भाग्य में सहायक मोड़। ग्रन्थ क्या कहता हैमित्रों से सुख तथा शत्रुओं की पराजय होती है; धन प्राप्त होता है और साहस बढ़ता है; सेवकों से सुख; मान में वृद्धि; भाग्य उन्नत होता है; राज्य की कृपा; भाई-बहनों से सुख और धर्म में रुचि बढ़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.21, lines 684-688) | ||
| बुध | कर्क में — आपके तीसरे भाव में30 जुल॰ 2027 से 14 अग॰ 2027 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
घबराहट और आत्मविश्वास की कमी, सम्बन्धियों से बहस और धन का हाथ से निकलना। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यक्ति डरा-डरा रहता है और उसमें साहस की कमी होती है; सम्बन्धियों से झगड़े और धन की हानि; भय के कारण इधर-उधर भागता है। किन्तु वाराही संहिता के अनुसार तृतीय भाव में बुध मित्र दिलाता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.17, lines 523-526) | ||
आज का उपाय
आज चन्द्र को शान्त करें।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
108 बार जप करें
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रविवार · तिथि कृष्ण चतुर्दशी · नक्षत्र पुनर्वसु · सूर्योदय 05:42 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →
अन्य राशियाँ
यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
नाम अक्षर: इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
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प्रश्न
1 अगस्त 2027 को वृषभ राशि का दिन कैसा है?
सावधानी का दिन (2/5)। चन्द्रमा वृषभ से दूसरे भाव में है। बेचैन दिन: घर में खटपट, आँखों पर जोर या हल्की बीमारी, काम बिगड़ते हैं और पढ़ाई व्यर्थ लगती है।
वृषभ राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, शुभ अंक 6, शुभ दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र शुभ भाव में)।
वृषभ राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो। स्वामी ग्रह शुक्र।
क्या वृषभ राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?
साढ़े साती चल रही है — पहला (उदय) चरण, शनि आपके बारहवें भाव में।