कठिन दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज कन्या राशि में है — वृषभ से पाँचवें भाव में (अशुभ)। यात्रा ठीक नहीं रहती, योजनाएँ अटकती हैं, धन रिसता है, विवेक धुंधला रहता है और पेट गड़बड़ करता है।
ग्रन्थ क्या कहता है
यात्रा में कष्ट और दुर्घटना की सम्भावना रहती है; कार्य सफल नहीं होते; मन में अशान्ति; धन की हानि; जलोदर जैसे पेट के रोगों का भय; कामवासना बढ़ती है और जातक की सलाह ठीक नहीं होती।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 5th from the natal Moon (p.13, lines 360-363)
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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★☆☆☆सहायक शनि (ग्यारहवें भाव), राहु (दसवें भाव)
बाधक चन्द्र (पाँचवें भाव), गुरु (तीसरे भाव), सूर्य (चौथे भाव), मंगल (दूसरे भाव), बुध (पाँचवें भाव), शुक्र (छठे भाव)
धन
★☆☆☆☆सहायक शनि (ग्यारहवें भाव), राहु (दसवें भाव)
बाधक चन्द्र (पाँचवें भाव), गुरु (तीसरे भाव), सूर्य (चौथे भाव), मंगल (दूसरे भाव), बुध (पाँचवें भाव), शुक्र (छठे भाव), केतु (चौथे भाव)
प्रेम व परिवार
★☆☆☆☆सहायक शनि (ग्यारहवें भाव)
बाधक चन्द्र (पाँचवें भाव), गुरु (तीसरे भाव), सूर्य (चौथे भाव), बुध (पाँचवें भाव), शुक्र (छठे भाव), केतु (चौथे भाव)
स्वास्थ्य
★★☆☆☆सहायक शनि (ग्यारहवें भाव)
बाधक चन्द्र (पाँचवें भाव), गुरु (तीसरे भाव), सूर्य (चौथे भाव), मंगल (दूसरे भाव), शुक्र (छठे भाव), केतु (चौथे भाव)
आज का शुभ
- रंग
- गहरा नीला
- अंक
- 8
- दिशा
- पश्चिम
- शुभ समय (अभिजित)
- 11:52–12:42
- टालें (राहु काल)
- 09:11–10:44
शनि से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- कृत्तिका में जन्म (चरण 2, 3, 4): जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें; 12:55 तक) फिर सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ)
- रोहिणी में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ; 12:55 तक) फिर जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें)
- मृगशिरा में जन्म (चरण 1, 2): मित्र (मित्र: शुभ; 12:55 तक) फिर परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ)
इस महीने और इस वर्ष
| ग्रह | राशि और भाव | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके ग्यारहवें भाव में (वक्री)29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
भारी व्यापारों - भूमि, धातु, मशीनरी, खनिज - से आय आती है, बीमारी दूर होती है और पदोन्नति मिलती है। ग्रन्थ क्या कहता हैस्त्री वर्ग से, लोहे आदि से अथवा भूमि से, मशीनरी, पत्थर, सीमेंट, कोयले और चमड़े से लाभ; रोग से मुक्ति; पदोन्नति; सेवकों और अधीनस्थों से लाभ। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 11th from the natal Moon (p.25, lines 823-825) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके तीसरे भाव में2 जून 2026 से 31 अक्टू॰ 2026 तकअशुभ | |
नौकरी खतरे में, घर में झगड़े, और धन, प्रतिष्ठा व यात्राएँ सब प्रतिकूल। ग्रन्थ क्या कहता हैशारीरिक संताप होता है और कुटुम्बीजनों से झगड़ा; रोजगार में परेशानी, नौकरी छूटने तक की सम्भावना; सरकारी कर्मचारियों से कष्ट; मित्रों को हानि तथा धन और मान की हानि; यात्रा भी लाभदायक नहीं होती। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.19, lines 601-605) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके दसवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकशुभ | |
आपको लाभ होता है। ग्रन्थ क्या कहता हैलाभ। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार गंगादि तीर्थों में स्नान का अवसर आता है; दान करने की इच्छा होती है; मान में अकस्मात् वृद्धि; कार्य सफल होते हैं - परन्तु शत्रु भी उत्पन्न होते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 10th from the natal Moon (p.27, lines 961-963) | ||
| केतु | सिंह में — आपके चौथे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
चिन्ता और कठिनाई का समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और कष्ट। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 4 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार सुख व मान की वृद्धि करता है, जातक को शुभ कार्यों और तीर्थ-स्नान की ओर प्रवृत्त करता है; अकस्मात् भूमि-लाभ भी सम्भव है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 4th from the natal Moon (p.28, lines 992-994) | ||
| मंगल | मिथुन में — आपके दूसरे भाव में2 अग॰ 2026 से 18 सित॰ 2026 तकअशुभ | |
चोरी, आग या बुरे लोगों से धन की हानि; कठोर शब्दों से परेशानी; जुर्माने या दण्ड की सम्भावना। ग्रन्थ क्या कहता हैबल की हानि होती है, कार्यों में असफलता मिलती है; दुष्टों, चोरों और अग्नि से हानि और क्षति; जातक कठोर वचन बोलता है; राज्य से दण्ड का भय; पित्त की अधिकता से कष्ट। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.15, lines 431-434) | ||
| सूर्य | सिंह में — आपके चौथे भाव में17 अग॰ 2026 से 17 सित॰ 2026 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
घर में तनाव, पारिवारिक झगड़े, सम्पत्ति की उलझनें, असुविधाजनक यात्रा और जीवनसाथी से खिंचाव। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक और शारीरिक व्यथा रहती है; घरेलू झगड़ों से सुख घटता है; भूमि और सम्पत्ति को लेकर अनेक समस्याएँ; सुविधाओं का अभाव, कष्टदायक यात्राएँ, लोग परेशान करते हैं, पत्नी की ओर से सुख में बाधा, अपमान का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 4th from the natal Moon (p.10, lines 240-244) | ||
| शुक्र | तुला में — आपके छठे भाव में2 सित॰ 2026 से 6 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
प्रतिद्वन्द्वी भारी पड़ते हैं और समझौता करना पड़ता है; साझेदारों से झगड़े, यात्रा में जोखिम, दाम्पत्य में ठण्डापन। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और उनकी विजय होती है, और जातक को उनसे समझौता करने पर विवश होना पड़ता है; व्यापारिक साझेदारों से झगड़े; यात्रा में दुर्घटना से हानि; पत्नी विमुख हो जाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 6th from the natal Moon (p.22, lines 706-709) | ||
| बुध | कन्या में — आपके पाँचवें भाव में7 सित॰ 2026 से 26 सित॰ 2026 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
योजनाएँ विफल होती हैं, धन की तंगी रहती है, और घर तथा प्रेम-सम्बन्धों में खटपट होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक पीड़ा होती है; विचारित योजनाएँ सफल नहीं होतीं; सन्तान और पत्नी से झगड़े; आर्थिक कष्ट; पराई स्त्रियों से सम्बन्ध आरम्भ होते हैं परन्तु विफल रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 5th from the natal Moon (p.17, lines 533-536) | ||
आज का उपाय
आज चन्द्र को शान्त करें।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
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यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
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प्रश्न
12 सितंबर 2026 को वृषभ राशि का दिन कैसा है?
कठिन दिन (1/5)। चन्द्रमा वृषभ से पाँचवें भाव में है। यात्रा ठीक नहीं रहती, योजनाएँ अटकती हैं, धन रिसता है, विवेक धुंधला रहता है और पेट गड़बड़ करता है।
वृषभ राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग गहरा नीला, शुभ अंक 8, शुभ दिशा पश्चिम (शनि शुभ भाव में)।
वृषभ राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
इ, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो। स्वामी ग्रह शुक्र।