अच्छा सप्ताह
21–27 जून 2027 मेष राशि के लिए अच्छा सप्ताह (4/5)। अच्छे दिन: 24 जून, 26 जून। सावधानी: 21 जून, 27 जून। सहायक: सूर्य और शुक्र। बाधक: शनि और मंगल।
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| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 21 जून | ★★★☆☆ | नौवें भाव में |
| मंगलवार, 22 जून | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| बुधवार, 23 जून | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| गुरुवार, 24 जून | ★★★★★ | ग्यारहवें भाव में |
| शुक्रवार, 25 जून | ★★★★★ | ग्यारहवें भाव में |
| शनिवार, 26 जून | ★★★★★ | ग्यारहवें भाव में |
| रविवार, 27 जून | ★★☆☆☆ | बारहवें भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
21 जून · नौवें भाव में कठिन भाव
सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।
11:48 तक
22 जून से 23 जून तक · दसवें भाव में शुभ भाव
कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
00:50 तक
24 जून से 26 जून तक · ग्यारहवें भाव में शुभ भाव
आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।
12:52 तक
27 जून · बारहवें भाव में कठिन भाव
धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मेष में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
घिसाने वाला समय: विवेक धुंधला, स्वास्थ्य और धन में गिरावट, मित्र और घर छूटना, और सार्वजनिक अपमान। ग्रन्थ क्या कहता हैबुद्धि काम नहीं करती; शरीर निस्तेज रहता है; मानसिक और शारीरिक पीड़ा; भाइयों और पत्नी से झगड़े; शस्त्र और पत्थर से चोट का भय; दूर स्थानों की यात्राएँ; मित्र और घर छूट जाते हैं; हर कार्य में असफलता; अपमान और कभी-कभी राज्य द्वारा बन्धन का भय; आर्थिक स्थिति में तीव्र गिरावट। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 1st from the natal Moon (p.23, lines 753-758) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके चौथे भाव में21 जून से 26 जून तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
बेचैन और अस्थिर: घर से दूर, सम्पत्ति और परिवार से आनन्द नहीं, और सरकारी मामले चिन्ता देते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैमन में अशान्ति रहती है; धन तथा कान्ति की हानि; शत्रुओं के बढ़ने से कष्ट; जातक को अपने जन्म-स्थान से दूर जाना पड़ता है; भूमि, सम्पत्ति या कुटुम्बीजनों से सुख नहीं; राज्य की ओर से नाना प्रकार के भय निरन्तर बने रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 4th from the natal Moon (p.19, lines 607-610) | ||
| गुरु | सिंह में — आपके पाँचवें भाव में26 जून से 27 जून तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
रचनात्मक, भाग्यशाली वर्ष: नया पद, स्थिर लाभ, घर में उत्सव, और सट्टे से भी लाभ हो सकता है। ग्रन्थ क्या कहता हैसुख और आनन्द में वृद्धि होती है; हर कार्य में सफलता; पद की प्राप्ति और व्यापार में उन्नति; कोई स्थायी लाभ; घर में मांगलिक उत्सव; पुत्र-जन्म की सम्भावना; तर्क और विवेक से कार्य सिद्ध होते हैं; सट्टे और भाग्य के खेलों में लाभ; सद्गुण बढ़ते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 5th from the natal Moon (p.19, lines 612-617) | ||
| राहु | मकर में — आपके दसवें भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
आपको लाभ होता है। ग्रन्थ क्या कहता हैलाभ। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार गंगादि तीर्थों में स्नान का अवसर आता है; दान करने की इच्छा होती है; मान में अकस्मात् वृद्धि; कार्य सफल होते हैं - परन्तु शत्रु भी उत्पन्न होते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 10th from the natal Moon (p.27, lines 961-963) | ||
| केतु | कर्क में — आपके चौथे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
चिन्ता और कठिनाई का समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और कष्ट। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 4 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार सुख व मान की वृद्धि करता है, जातक को शुभ कार्यों और तीर्थ-स्नान की ओर प्रवृत्त करता है; अकस्मात् भूमि-लाभ भी सम्भव है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 4th from the natal Moon (p.28, lines 992-994) | ||
| मंगल | सिंह में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी। ग्रन्थ क्या कहता हैज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632) | ||
| सूर्य | मिथुन में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
स्वास्थ्य सुधरता है, वरिष्ठ और अधिकारी सहायता करते हैं, सन्तान और मित्रों से धन-मान मिलता है, प्रायः पदोन्नति भी। ग्रन्थ क्या कहता हैरोगों से मुक्ति, सुख-चैन; सज्जनों और उच्च अधिकारियों से भेंट; पुत्रों और मित्रों के द्वारा धन और सम्मान; शत्रु सहज ही पराजित होते हैं; धन और मान, प्रायः कोई पद, तथा सदाचरण से सफलता। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.10, lines 233-238) | ||
| शुक्र | वृषभ में — आपके दूसरे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
बार-बार धन का आगमन, नये वस्त्र, अच्छा स्वास्थ्य, सुखी दाम्पत्य और अधिकारियों से मान्यता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की बार-बार प्राप्ति होती है; शरीर स्वस्थ रहता है; जातक नये वस्त्र और आभूषण पहनता है; पत्नी से उत्तम सुख; सन्तान की आशा; राज्य से मान; अध्ययन में रुचि; जातक का रूप निखरता है; संगीत में रुचि बढ़ती है; शत्रुओं का नाश होता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.21, lines 678-682) | ||
| बुध | मिथुन में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताह · वक्रीअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
घबराहट और आत्मविश्वास की कमी, सम्बन्धियों से बहस और धन का हाथ से निकलना। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यक्ति डरा-डरा रहता है और उसमें साहस की कमी होती है; सम्बन्धियों से झगड़े और धन की हानि; भय के कारण इधर-उधर भागता है। किन्तु वाराही संहिता के अनुसार तृतीय भाव में बुध मित्र दिलाता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.17, lines 523-526) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★★★☆ |
धन | ★★★★☆ |
प्रेम व परिवार | ★★★★☆ |
स्वास्थ्य | ★★★☆☆ |
इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव
- 26 जूनगुरु का सिंह में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
साढ़े साती चल रही है — दूसरा (शिखर) चरण, शनि आपके पहले भाव में।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- ताम्बई लाल
- अंक
- 1
- दिशा
- पूर्व
सूर्य से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
108 बार जप करें
पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस सप्ताह के त्योहार और व्रत
- 22 जूनसंकष्टी चतुर्थी
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अन्य राशियाँ
यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
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प्रश्न
21–27 जून 2027 मेष राशि के लिए कैसा रहेगा?
21–27 जून 2027 मेष राशि के लिए अच्छा सप्ताह (4/5)। अच्छे दिन: 24 जून, 26 जून। सावधानी: 21 जून, 27 जून। सहायक: सूर्य और शुक्र। बाधक: शनि और मंगल।
21–27 जून 2027 में मेष राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 24 जून, 26 जून। सावधानी के दिन: 21 जून, 27 जून।
क्या मेष राशि पर अभी साढ़े साती है?
साढ़े साती चल रही है — दूसरा (शिखर) चरण, शनि आपके पहले भाव में।
21–27 जून 2027 में मेष राशि का शुभ रंग और अंक?
ताम्बई लाल, अंक 1, दिशा पूर्व (सूर्य)।