परीक्षा का सप्ताह
5–11 अप्रैल 2027 कर्क राशि के लिए परीक्षा का सप्ताह (1/5)। अच्छे दिन: 8 अप्रैल, 9 अप्रैल। सावधानी: 6 अप्रैल, 7 अप्रैल। सहायक: शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।
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किसी भी दिन का पूरा राशिफल खोलें।
| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 5 अप्रैल | ★☆☆☆☆ | आठवें भाव में |
| मंगलवार, 6 अप्रैल | ★☆☆☆☆ | नौवें भाव में |
| बुधवार, 7 अप्रैल | ★☆☆☆☆ | नौवें भाव में |
| गुरुवार, 8 अप्रैल | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| शुक्रवार, 9 अप्रैल | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| शनिवार, 10 अप्रैल | ★★☆☆☆ | ग्यारहवें भाव में |
| रविवार, 11 अप्रैल | ★★☆☆☆ | ग्यारहवें भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
5 अप्रैल · आठवें भाव में कठिन भाव
छाती या पाचन की तकलीफ, बहस और तनाव, भोजन छूटना, और धन को लेकर अचानक झटका।
11:31 तक
6 अप्रैल से 7 अप्रैल तक · नौवें भाव में कठिन भाव
सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।
18:25 तक
8 अप्रैल से 9 अप्रैल तक · दसवें भाव में शुभ भाव
कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
22:56 तक
10 अप्रैल से 11 अप्रैल तक · ग्यारहवें भाव में शुभ भाव
आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।
02:14 तक
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
भाग्य साथ छोड़ देता है: आय घटती है, आस्था डगमगाती है, यात्राएँ व्यर्थ होती हैं, और आरोपों का भय रहता है। ग्रन्थ क्या कहता हैदुःख, रोग और शत्रुओं की वृद्धि होती है; जातक धार्मिक कर्तव्यों से विमुख होता है या धर्म तक बदल लेता है; क्षेत्रीय या तीर्थ यात्राएँ होती हैं पर लाभ नहीं होता; भाइयों और मित्रों से अनबन और कष्ट; आय घटती है; सेवकों से कष्ट; बन्धन और आरोपों का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 9th from the natal Moon (p.24, lines 811-815) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताह · वक्रीअशुभ | |
भारी वर्ष: काम अटकते और देर से होते हैं, खर्च आय से आगे निकल जाता है और प्रतिष्ठा असुरक्षित लगती है। ग्रन्थ क्या कहता हैबृहस्पति चन्द्र लग्न में गोचरवश आता है तब भय और मान-हानि होती है; रोजगार और व्यापार में बाधाएँ; राज्य से भय और मानसिक कष्ट; कार्य लम्बे विलम्ब के बाद ही पूरे होते हैं; यात्रा में असुविधा और सुख में भारी कमी; भारी व्यय से आर्थिक स्थिति डगमगाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 1st from the natal Moon (p.19, lines 589-593) | ||
| राहु | मकर में — आपके सातवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
चीज़ें खोती या टूटती हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैहानि और नाश। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार अचानक व्यापार में वृद्धि करता है; यात्रा आदि से धन लाभ; राज्य की कृपा और मित्रों की सहायता; पित्त या वात से साधारण शारीरिक कष्ट; मन व्यथित रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 7th from the natal Moon (p.27, lines 948-951) | ||
| केतु | कर्क में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
आपको नुकसान होता है और स्वास्थ्य की चिन्ता रहती है। ग्रन्थ क्या कहता हैहानि, और रोग का भय। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 1 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार उस समय मान में वृद्धि होती है और धन बढ़ता है; सन्तान का भाग्य अचानक सुधरता है; परन्तु शरीर में चोट का भय रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 1st from the natal Moon (p.28, lines 982-984) | ||
| मंगल | कर्क में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
दुर्घटना की आशंका वाला समय: ज्वर, कटना या रक्त की तकलीफ, आग और धारदार औजारों से जोखिम, और कुछ भी योजना के अनुसार नहीं होता। ग्रन्थ क्या कहता हैकार्य सफल नहीं होते; व्यक्ति ज्वर, व्रण (घाव) और रक्त विकार से पीड़ित होता है; अग्नि, विष और शस्त्र से शारीरिक हानि का भय; बवासीर आदि रोग; पत्नी भी ज्वर से पीड़ित; दुष्टों से कष्ट; यात्रा में दुर्घटना। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 1st from the natal Moon (p.15, lines 425-429) | ||
| सूर्य | मीन में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
फीका समय: झूठा आरोप या दोष, आय में कमी, स्वास्थ्य और मन दोनों ढीले, बड़े और मित्र साथ नहीं देते। ग्रन्थ क्या कहता हैकांति का क्षय, झूठा आरोप, अकारण धन और पुण्य की हानि, आय में कमी, रोग और अशान्ति; बड़ों, मित्रों और भाइयों का विरोध; अपमान का भय; हर प्रयत्न विफल होता है और जातक उदास रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 9th from the natal Moon (p.11, lines 273-276) | ||
| शुक्र | कुम्भ में — आपके आठवें भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
अप्रत्याशित रूप से सहज समय: पुरानी परेशानियाँ दूर होती हैं, धन और सुविधाएँ आती हैं, और परिवार सहायता करता है। ग्रन्थ क्या कहता हैधन और सुख में वृद्धि होती है; जातक के सब कष्ट दूर होते हैं; विलास की वस्तुएँ बढ़ती हैं; कुटुम्बीजनों से धन और सुख का लाभ; अध्ययन में रुचि। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 8th from the natal Moon (p.22, lines 717-719) | ||
| बुध | कुम्भ में — आपके आठवें भाव में5 अप्रैलशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
धन आता है, सन्तान अच्छा करती है, बाधाएँ हटती हैं और आपकी स्थिति सुधरती है। ग्रन्थ क्या कहता हैधन का लाभ तथा पुत्र से सुख होता है; शत्रुओं पर विजय; हर कार्य में सफलता से जातक का उत्साह बढ़ता है; उसकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधरती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 8th from the natal Moon (p.18, lines 555-558) | ||
| बुध | मीन में — आपके नौवें भाव में5 अप्रैल से 11 अप्रैल तकअशुभ | |
हर काम में रुकावट, यात्रा निराश करती है, धन और प्रतिष्ठा घटती है, और सम्बन्धों में सन्देह और कड़वाहट आती है। ग्रन्थ क्या कहता हैखेद, संताप तथा सब कार्यों में विघ्न-बाधाएँ आती हैं; यात्रा में असुविधा और हानि; धन और मान की हानि; सम्बन्धियों और भाइयों से मनमुटाव; जातक धर्म और शास्त्र में दोष निकालने का प्रयत्न करता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 9th from the natal Moon (p.18, lines 560-563) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★☆☆☆☆ |
धन | ★☆☆☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★☆☆☆ |
स्वास्थ्य | ★☆☆☆☆ |
इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव
- 5 अप्रैलबुध का मीन में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
इस अवधि में कर्क राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
- अंक
- 6
- दिशा
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
शुक्र से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
108 बार जप करें
पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस सप्ताह के त्योहार और व्रत
रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ
मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस महीने का राशिफल →कर्क राशिफल 2026 →कर्क राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
5–11 अप्रैल 2027 कर्क राशि के लिए कैसा रहेगा?
5–11 अप्रैल 2027 कर्क राशि के लिए परीक्षा का सप्ताह (1/5)। अच्छे दिन: 8 अप्रैल, 9 अप्रैल। सावधानी: 6 अप्रैल, 7 अप्रैल। सहायक: शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।
5–11 अप्रैल 2027 में कर्क राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 8 अप्रैल, 9 अप्रैल। सावधानी के दिन: 6 अप्रैल, 7 अप्रैल।
क्या कर्क राशि पर अभी साढ़े साती है?
इस अवधि में कर्क राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
5–11 अप्रैल 2027 में कर्क राशि का शुभ रंग और अंक?
गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, अंक 6, दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र)।