राशिफल › साप्ताहिक › वृश्चिक

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

Vrishchik Rashifal · 25–31 जनवरी 2027 · चन्द्र राशि से

Read in English
★★★★☆

अच्छा सप्ताह

25–31 जनवरी 2027 वृश्चिक राशि के लिए अच्छा सप्ताह (4/5)। अच्छे दिन: 26 जनवरी, 28 जनवरी। सावधानी: 29 जनवरी, 30 जनवरी। सहायक: शुक्र और राहु। बाधक: शनि और मंगल।

WhatsApp पर भेजें

दिन-प्रतिदिन

किसी भी दिन का पूरा राशिफल खोलें।

अच्छे दिन 26 जनवरी, 28 जनवरीसावधानी के दिन 29 जनवरी, 30 जनवरी
दिनरेटिंगचन्द्रमा
सोमवार, 25 जनवरी★★★★☆दसवें भाव में
मंगलवार, 26 जनवरी★★★★★ग्यारहवें भाव में
बुधवार, 27 जनवरी★★★★★ग्यारहवें भाव में
गुरुवार, 28 जनवरी★★★★★ग्यारहवें भाव में
शुक्रवार, 29 जनवरी★★☆☆☆बारहवें भाव में
शनिवार, 30 जनवरी★★☆☆☆बारहवें भाव में
रविवार, 31 जनवरी★★★☆☆पहले भाव में

सप्ताह में चन्द्रमा की चाल

चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:

  • 25 जनवरी · दसवें भाव में शुभ भाव

    कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।

    06:44 तक

  • 26 जनवरी से 28 जनवरी तक · ग्यारहवें भाव में शुभ भाव

    आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।

    12:08 तक

  • 29 जनवरी से 30 जनवरी तक · बारहवें भाव में कठिन भाव

    धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।

    21:21 तक

  • 31 जनवरी · पहले भाव में शुभ भाव

    चीज़ें आपके पक्ष में जाने लगती हैं।

इस सप्ताह के ग्रह

बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:

ग्रहराशि, भाव और अवधि
शनिमीन में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ

व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637)

गुरुकर्क में — आपके नौवें भाव में25 जनवरी से 31 जनवरी तक · वक्रीशुभ भाव, पर वेध से बाधित

भाग्य उठता है: मान और पद, सन्तान से लाभ, भाई-बहनों का सहयोग और सामान्यतः सफलता।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन वृद्धि होती है, पुत्र-जन्म का उत्सव होता है; भाग्य में स्पष्ट उन्नति; सन्तान से लाभ; राज्य से मान और पद; हर कार्य में सफलता; भाइयों से सुख और सहायता; धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 9th from the natal Moon (p.20, lines 642-645)

राहुमकर में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ

आरामदायक समय।

ग्रन्थ क्या कहता है

सुख।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638)

केतुकर्क में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ

मन उदास रहता है; गलत कदमों से बचें।

ग्रन्थ क्या कहता है

पाप कर्म और दीनता।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 9 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641)

दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार

अकस्मात् भाग्य में वृद्धि होती है; मित्रों से लाभ होता है; सन्तान का भाग्य भी सुधरता है; और मान की प्राप्ति होती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 9th from the natal Moon (p.28, lines 1009-1011)

मंगलसिंह में — आपके दसवें भाव मेंपूरे सप्ताह · वक्रीअशुभ

कार्य में रुकावट आती है और घर से दूर रहना पड़ता है; इस गोचर से मिलने वाला धन इसके अन्त के निकट ही आता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

रूखा-सूखा भोजन; शरीर में चोट या रोग; किसी कारण घर से दूर रहना पड़ता है; रोजगार में बाधाएँ; चोरों से भय। किन्तु 'वाराही संहिता' के अनुसार दशम भाव में मंगल धन देता है; लेखक का मत है कि यह धन गोचर के केवल उत्तरार्ध में ही आता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 10th from the natal Moon (p.16, lines 482-487)

सूर्यमकर में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ भाव, पर वेध से बाधित

स्वास्थ्य सुधरता है, वरिष्ठ और अधिकारी सहायता करते हैं, सन्तान और मित्रों से धन-मान मिलता है, प्रायः पदोन्नति भी।

ग्रन्थ क्या कहता है

रोगों से मुक्ति, सुख-चैन; सज्जनों और उच्च अधिकारियों से भेंट; पुत्रों और मित्रों के द्वारा धन और सम्मान; शत्रु सहज ही पराजित होते हैं; धन और मान, प्रायः कोई पद, तथा सदाचरण से सफलता।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.10, lines 233-238)

शुक्रवृश्चिक में — आपके पहले भाव में25 जनवरी से 29 जनवरी तकशुभ

आनन्ददायक, समृद्ध समय: धन, प्रेम या विवाह, पढ़ाई में सफलता और सौन्दर्य या विलास के व्यापार से आय।

ग्रन्थ क्या कहता है

सुख और धन की प्राप्ति होती है; शत्रु का नाश होता है, यद्यपि जातक से कुछ दुराचरण भी होता है; विवाह या सन्तान-जन्म सम्भव; अध्ययन में सफलता; हर प्रकार का मनोरंजन और विलास; सत्य की ओर झुकाव; व्यापार में वृद्धि; तरल पदार्थों, इत्र, प्रसाधन और सौन्दर्य-सामग्री से आय।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 1st from the natal Moon (p.21, lines 671-676)

शुक्रधनु में — आपके दूसरे भाव में29 जनवरी से 31 जनवरी तकशुभ

बार-बार धन का आगमन, नये वस्त्र, अच्छा स्वास्थ्य, सुखी दाम्पत्य और अधिकारियों से मान्यता।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की बार-बार प्राप्ति होती है; शरीर स्वस्थ रहता है; जातक नये वस्त्र और आभूषण पहनता है; पत्नी से उत्तम सुख; सन्तान की आशा; राज्य से मान; अध्ययन में रुचि; जातक का रूप निखरता है; संगीत में रुचि बढ़ती है; शत्रुओं का नाश होता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.21, lines 678-682)

बुधमकर में — आपके तीसरे भाव में25 जनवरी से 28 जनवरी तकअशुभ

घबराहट और आत्मविश्वास की कमी, सम्बन्धियों से बहस और धन का हाथ से निकलना।

ग्रन्थ क्या कहता है

व्यक्ति डरा-डरा रहता है और उसमें साहस की कमी होती है; सम्बन्धियों से झगड़े और धन की हानि; भय के कारण इधर-उधर भागता है। किन्तु वाराही संहिता के अनुसार तृतीय भाव में बुध मित्र दिलाता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.17, lines 523-526)

बुधकुम्भ में — आपके चौथे भाव में28 जनवरी से 31 जनवरी तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित

धन और सम्पत्ति का लाभ, घर में सहज समय, और प्रतिष्ठित लोगों से उपयोगी मित्रता।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की प्राप्ति होती है; माता को सुख मिलता है; भूमि और सम्पत्ति में वृद्धि; विद्वानों, सज्जनों और उच्च पद वाले लोगों से मित्रता बढ़ती है; घरेलू जीवन भी सुखी रहता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 4th from the natal Moon (p.17, lines 528-531)

करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

क्षेत्ररेटिंग

करियर व कार्य

★★★☆☆

धन

★★★★☆

प्रेम व परिवार

★★★★☆

स्वास्थ्य

★★★☆☆

इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव

  • 25 जनवरीगुरु का कर्क में प्रवेश
  • 28 जनवरीबुध का कुम्भ में प्रवेश
  • 29 जनवरीशुक्र का धनु में प्रवेश

साढ़े साती और ढैय्या

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।

इस अवधि का शुभ

रंग
गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
अंक
6
दिशा
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)

शुक्र से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।

उपाय

इस अवधि में शनि को शान्त रखें।

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

108 बार जप करें

पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा

इस सप्ताह के त्योहार और व्रत

सभी त्योहार →

रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ

मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।

अन्य राशियाँ

यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना

आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।

आज का राशिफल →इस महीने का राशिफल →वृश्चिक राशिफल 2026 →वृश्चिक राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →

प्रश्न

25–31 जनवरी 2027 वृश्चिक राशि के लिए कैसा रहेगा?

25–31 जनवरी 2027 वृश्चिक राशि के लिए अच्छा सप्ताह (4/5)। अच्छे दिन: 26 जनवरी, 28 जनवरी। सावधानी: 29 जनवरी, 30 जनवरी। सहायक: शुक्र और राहु। बाधक: शनि और मंगल।

25–31 जनवरी 2027 में वृश्चिक राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?

अच्छे दिन: 26 जनवरी, 28 जनवरी। सावधानी के दिन: 29 जनवरी, 30 जनवरी।

क्या वृश्चिक राशि पर अभी साढ़े साती है?

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।

25–31 जनवरी 2027 में वृश्चिक राशि का शुभ रंग और अंक?

गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, अंक 6, दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र)।