वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल
Vrishchik Rashifal · 30 नवंबर – 6 दिसंबर 2026 · चन्द्र राशि से
मिला-जुला सप्ताह
30 नवंबर – 6 दिसंबर 2026 वृश्चिक राशि के लिए मिला-जुला सप्ताह (3/5)। अच्छे दिन: 3 दिसंबर, 4 दिसंबर। सावधानी: 5 दिसंबर, 6 दिसंबर। सहायक: शुक्र और राहु। बाधक: शनि और मंगल।
WhatsApp पर भेजेंदिन-प्रतिदिन
किसी भी दिन का पूरा राशिफल खोलें।
| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 30 नवंबर | ★★☆☆☆ | नौवें भाव में |
| मंगलवार, 1 दिसंबर | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| बुधवार, 2 दिसंबर | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| गुरुवार, 3 दिसंबर | ★★★★☆ | ग्यारहवें भाव में |
| शुक्रवार, 4 दिसंबर | ★★★★☆ | ग्यारहवें भाव में |
| शनिवार, 5 दिसंबर | ★☆☆☆☆ | बारहवें भाव में |
| रविवार, 6 दिसंबर | ★☆☆☆☆ | बारहवें भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
30 नवंबर · नौवें भाव में कठिन भाव
सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।
09:42 तक
1 दिसंबर से 2 दिसंबर तक · दसवें भाव में शुभ भाव
कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
14:59 तक
3 दिसंबर से 4 दिसंबर तक · ग्यारहवें भाव में शुभ भाव
आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।
23:02 तक
5 दिसंबर से 6 दिसंबर तक · बारहवें भाव में कठिन भाव
धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताह · वक्रीअशुभ | |
व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | सिंह में — आपके दसवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
कार्यक्षेत्र में अपमानजनक वर्ष, जिसमें प्रतिष्ठा और धन दोनों की हानि होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैदीनता होती है, मान-हानि तक की सम्भावना रहती है; और अन्न तथा धन की भी हानि होती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 10th from the natal Moon (p.20, lines 647-648) | ||
| राहु | मकर में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
आरामदायक समय। ग्रन्थ क्या कहता हैसुख। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | कर्क में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
मन उदास रहता है; गलत कदमों से बचें। ग्रन्थ क्या कहता हैपाप कर्म और दीनता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 9 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार अकस्मात् भाग्य में वृद्धि होती है; मित्रों से लाभ होता है; सन्तान का भाग्य भी सुधरता है; और मान की प्राप्ति होती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 9th from the natal Moon (p.28, lines 1009-1011) | ||
| मंगल | सिंह में — आपके दसवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
कार्य में रुकावट आती है और घर से दूर रहना पड़ता है; इस गोचर से मिलने वाला धन इसके अन्त के निकट ही आता है। ग्रन्थ क्या कहता हैरूखा-सूखा भोजन; शरीर में चोट या रोग; किसी कारण घर से दूर रहना पड़ता है; रोजगार में बाधाएँ; चोरों से भय। किन्तु 'वाराही संहिता' के अनुसार दशम भाव में मंगल धन देता है; लेखक का मत है कि यह धन गोचर के केवल उत्तरार्ध में ही आता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 10th from the natal Moon (p.16, lines 482-487) | ||
| सूर्य | वृश्चिक में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
थका देने वाला मास: धन और मान घटता है, रक्तचाप, पेट या आँखों की तकलीफ, काम अटकता है और परिवार से दूर रहना पड़ता है। ग्रन्थ क्या कहता हैधन का नाश और प्रतिष्ठा की हानि; रक्तचाप, हृदय रोग, थकावट, पेट और नेत्रों के कष्ट से स्वास्थ्य खराब; हर कार्य में विलम्ब, भोजन अनियमित, व्यर्थ भटकना, परिवार से वियोग तथा स्वजनों और मित्रों से कलह। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 1st from the natal Moon (p.10, lines 220-225) | ||
| शुक्र | तुला में — आपके बारहवें भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
धन और सुविधाएँ आती हैं, पर बाद में हानि होती है, प्रायः वस्त्र या कपड़े के व्यापार में। ग्रन्थ क्या कहता हैजातक को मित्र, धन, अन्न और भोग के साधन प्राप्त होते हैं; यद्यपि उसका धन बढ़ता है, अन्ततोगत्वा उसे कपड़े के व्यापार में हानि उठानी पड़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 12th from the natal Moon (p.22, lines 739-741) | ||
| बुध | तुला में — आपके बारहवें भाव में30 नवंबर से 2 दिसंबर तकअशुभ | |
रुका हुआ और खर्चीला समय: भूख और स्वास्थ्य कम, पढ़ाई में व्यवधान, और चारों ओर झगड़े। ग्रन्थ क्या कहता हैधन तथा सुख में कमी होती है; मन में क्लेश और भूख नहीं लगती; झगड़े लगभग हर कार्य को रोक देते हैं; शत्रुओं से अपमान और पराजय; खराब स्वास्थ्य; सम्बन्धियों से मनमुटाव; अध्ययन में बाधा। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 12th from the natal Moon (p.18, lines 575-579) | ||
| बुध | वृश्चिक में — आपके पहले भाव में2 दिसंबर से 6 दिसंबर तकअशुभ | |
गपशप और तीखे शब्द धन और सम्मान दोनों घटाते हैं; गर्मजोशी भरा स्वागत भी अन्त तक फीका पड़ जाता है। ग्रन्थ क्या कहता हैचुगलखोरी में समय व्यतीत होता है; जातक अप्रिय वचन बोलता है; धन की हानि और बन्धन का भय; छोटे-छोटे झगड़ों में धन की हानि; लोग सम्मान नहीं देते; सम्बन्धियों को हानि; यात्रा में स्वागत होने पर भी अन्त में सम्मान नहीं मिलता। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 1st from the natal Moon (p.17, lines 512-516) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★☆☆☆ |
धन | ★★★☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★★★☆ |
स्वास्थ्य | ★★☆☆☆ |
इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव
- 2 दिसंबरबुध का वृश्चिक में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
- अंक
- 6
- दिशा
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
शुक्र से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
108 बार जप करें
पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस सप्ताह के त्योहार और व्रत
रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ
मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस महीने का राशिफल →वृश्चिक राशिफल 2026 →वृश्चिक राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
30 नवंबर – 6 दिसंबर 2026 वृश्चिक राशि के लिए कैसा रहेगा?
30 नवंबर – 6 दिसंबर 2026 वृश्चिक राशि के लिए मिला-जुला सप्ताह (3/5)। अच्छे दिन: 3 दिसंबर, 4 दिसंबर। सावधानी: 5 दिसंबर, 6 दिसंबर। सहायक: शुक्र और राहु। बाधक: शनि और मंगल।
30 नवंबर – 6 दिसंबर 2026 में वृश्चिक राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 3 दिसंबर, 4 दिसंबर। सावधानी के दिन: 5 दिसंबर, 6 दिसंबर।
क्या वृश्चिक राशि पर अभी साढ़े साती है?
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
30 नवंबर – 6 दिसंबर 2026 में वृश्चिक राशि का शुभ रंग और अंक?
गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, अंक 6, दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र)।