सावधानी का सप्ताह
3–9 अगस्त 2026 कर्क राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 5 अगस्त, 6 अगस्त। सावधानी: 4 अगस्त, 9 अगस्त। सहायक: शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।
WhatsApp पर भेजेंदिन-प्रतिदिन
किसी भी दिन का पूरा राशिफल खोलें।
| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 3 अगस्त | ★★☆☆☆ | नौवें भाव में |
| मंगलवार, 4 अगस्त | ★★☆☆☆ | नौवें भाव में |
| बुधवार, 5 अगस्त | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| गुरुवार, 6 अगस्त | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| शुक्रवार, 7 अगस्त | ★★☆☆☆ | ग्यारहवें भाव में |
| शनिवार, 8 अगस्त | ★★☆☆☆ | ग्यारहवें भाव में |
| रविवार, 9 अगस्त | ★☆☆☆☆ | बारहवें भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
3 अगस्त से 4 अगस्त तक · नौवें भाव में कठिन भाव
सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।
21:54 तक
5 अगस्त से 6 अगस्त तक · दसवें भाव में शुभ भाव
कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
01:53 तक
7 अगस्त से 8 अगस्त तक · ग्यारहवें भाव में शुभ भाव
आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।
03:48 तक
9 अगस्त · बारहवें भाव में कठिन भाव
धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताह · वक्रीअशुभ | |
भाग्य साथ छोड़ देता है: आय घटती है, आस्था डगमगाती है, यात्राएँ व्यर्थ होती हैं, और आरोपों का भय रहता है। ग्रन्थ क्या कहता हैदुःख, रोग और शत्रुओं की वृद्धि होती है; जातक धार्मिक कर्तव्यों से विमुख होता है या धर्म तक बदल लेता है; क्षेत्रीय या तीर्थ यात्राएँ होती हैं पर लाभ नहीं होता; भाइयों और मित्रों से अनबन और कष्ट; आय घटती है; सेवकों से कष्ट; बन्धन और आरोपों का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 9th from the natal Moon (p.24, lines 811-815) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
भारी वर्ष: काम अटकते और देर से होते हैं, खर्च आय से आगे निकल जाता है और प्रतिष्ठा असुरक्षित लगती है। ग्रन्थ क्या कहता हैबृहस्पति चन्द्र लग्न में गोचरवश आता है तब भय और मान-हानि होती है; रोजगार और व्यापार में बाधाएँ; राज्य से भय और मानसिक कष्ट; कार्य लम्बे विलम्ब के बाद ही पूरे होते हैं; यात्रा में असुविधा और सुख में भारी कमी; भारी व्यय से आर्थिक स्थिति डगमगाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 1st from the natal Moon (p.19, lines 589-593) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके आठवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
धन अचानक आता है, फिर भी उसके साथ गम्भीर बीमारी या विदेश जाना हो सकता है। ग्रन्थ क्या कहता हैअकस्मात् धन की वृद्धि होती है, परन्तु विदेश यात्रा और भयंकर रोगों की सम्भावना भी रहती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 8th from the natal Moon (p.27, lines 953-954) | ||
| केतु | सिंह में — आपके दूसरे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
किसी से मनमुटाव, और धन की हानि। ग्रन्थ क्या कहता हैवैर और धन की हानि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 2 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार अकस्मात् धन वृद्धि करता है, परन्तु आँख में घाव या चोट भी देता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.28, lines 986-987) | ||
| मंगल | मिथुन में — आपके बारहवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
खर्च और घर से दूरी, आँखों की तकलीफ, और जीवनसाथी, भाई-बहनों व सन्तान से खटपट। ग्रन्थ क्या कहता हैधन का व्यय होता है तथा घर से दूर जाना पड़ता है; नेत्र रोग; भाइयों में अनबन; प्रतिष्ठा की हानि; पत्नी से कष्ट और झगड़े; सन्तान भी कष्ट पाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 12th from the natal Moon (p.16, lines 495-503) | ||
| सूर्य | कर्क में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
थका देने वाला मास: धन और मान घटता है, रक्तचाप, पेट या आँखों की तकलीफ, काम अटकता है और परिवार से दूर रहना पड़ता है। ग्रन्थ क्या कहता हैधन का नाश और प्रतिष्ठा की हानि; रक्तचाप, हृदय रोग, थकावट, पेट और नेत्रों के कष्ट से स्वास्थ्य खराब; हर कार्य में विलम्ब, भोजन अनियमित, व्यर्थ भटकना, परिवार से वियोग तथा स्वजनों और मित्रों से कलह। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 1st from the natal Moon (p.10, lines 220-225) | ||
| शुक्र | कन्या में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
मित्रों और भाई-बहनों से आत्मविश्वास और सहयोग, हाथ में धन, और भाग्य में सहायक मोड़। ग्रन्थ क्या कहता हैमित्रों से सुख तथा शत्रुओं की पराजय होती है; धन प्राप्त होता है और साहस बढ़ता है; सेवकों से सुख; मान में वृद्धि; भाग्य उन्नत होता है; राज्य की कृपा; भाई-बहनों से सुख और धर्म में रुचि बढ़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.21, lines 684-688) | ||
| बुध | मिथुन में — आपके बारहवें भाव में3 अगस्त से 5 अगस्त तकअशुभ | |
रुका हुआ और खर्चीला समय: भूख और स्वास्थ्य कम, पढ़ाई में व्यवधान, और चारों ओर झगड़े। ग्रन्थ क्या कहता हैधन तथा सुख में कमी होती है; मन में क्लेश और भूख नहीं लगती; झगड़े लगभग हर कार्य को रोक देते हैं; शत्रुओं से अपमान और पराजय; खराब स्वास्थ्य; सम्बन्धियों से मनमुटाव; अध्ययन में बाधा। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 12th from the natal Moon (p.18, lines 575-579) | ||
| बुध | कर्क में — आपके पहले भाव में5 अगस्त से 9 अगस्त तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
गपशप और तीखे शब्द धन और सम्मान दोनों घटाते हैं; गर्मजोशी भरा स्वागत भी अन्त तक फीका पड़ जाता है। ग्रन्थ क्या कहता हैचुगलखोरी में समय व्यतीत होता है; जातक अप्रिय वचन बोलता है; धन की हानि और बन्धन का भय; छोटे-छोटे झगड़ों में धन की हानि; लोग सम्मान नहीं देते; सम्बन्धियों को हानि; यात्रा में स्वागत होने पर भी अन्त में सम्मान नहीं मिलता। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 1st from the natal Moon (p.17, lines 512-516) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★☆☆☆ |
धन | ★★☆☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★★☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★☆☆☆ |
इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव
- 5 अगस्तबुध का कर्क में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
इस अवधि में कर्क राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
- अंक
- 6
- दिशा
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
शुक्र से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
108 बार जप करें
पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस सप्ताह के त्योहार और व्रत
- 9 अगस्तकामिका एकादशी
रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ
मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस महीने का राशिफल →कर्क राशिफल 2026 →कर्क राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
3–9 अगस्त 2026 कर्क राशि के लिए कैसा रहेगा?
3–9 अगस्त 2026 कर्क राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 5 अगस्त, 6 अगस्त। सावधानी: 4 अगस्त, 9 अगस्त। सहायक: शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।
3–9 अगस्त 2026 में कर्क राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 5 अगस्त, 6 अगस्त। सावधानी के दिन: 4 अगस्त, 9 अगस्त।
क्या कर्क राशि पर अभी साढ़े साती है?
इस अवधि में कर्क राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
3–9 अगस्त 2026 में कर्क राशि का शुभ रंग और अंक?
गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, अंक 6, दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र)।