सावधानी का सप्ताह
15–21 जून 2026 कुम्भ राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 18 जून, 19 जून। सावधानी: 15 जून, 21 जून। सहायक: मंगल। बाधक: शनि और गुरु।
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| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 15 जून | ★☆☆☆☆ | चौथे भाव में |
| मंगलवार, 16 जून | ★★☆☆☆ | पाँचवें भाव में |
| बुधवार, 17 जून | ★★☆☆☆ | पाँचवें भाव में |
| गुरुवार, 18 जून | ★★★☆☆ | छठे भाव में |
| शुक्रवार, 19 जून | ★★★☆☆ | छठे भाव में |
| शनिवार, 20 जून | ★★☆☆☆ | सातवें भाव में |
| रविवार, 21 जून | ★★☆☆☆ | सातवें भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
15 जून · चौथे भाव में कठिन भाव
अस्थिर दिन: घर में बहस, नींद और भूख कम, छाती में बेचैनी, जीवनसाथी से खिंचाव।
08:40 तक
16 जून से 17 जून तक · पाँचवें भाव में कठिन भाव
यात्रा ठीक नहीं रहती, योजनाएँ अटकती हैं, धन रिसता है, विवेक धुंधला रहता है और पेट गड़बड़ करता है।
08:13 तक
18 जून से 19 जून तक · छठे भाव में शुभ भाव
धन और स्वास्थ्य दोनों सुधरते हैं और प्रतिद्वन्द्वी पीछे हटते हैं, यद्यपि खर्च भी बढ़ता है।
10:06 तक
20 जून से 21 जून तक · सातवें भाव में शुभ भाव
लाभदायक और मेल-जोल भरा दिन: छोटी उपयोगी यात्राएँ, अच्छा व्यापार, विश्राम और सुखी दाम्पत्य।
15:39 तक
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके दूसरे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
बच्चों की चिन्ता रहती है और धन की हानि होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैसन्तान को कष्ट और धन की हानि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके छठे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
स्वास्थ्य, विशेषकर पाचन, कमजोर पड़ता है; धन कम लगता है और सन्तान व अधिकारियों से खटपट रहती है। ग्रन्थ क्या कहता हैरोग उत्पन्न करता है; पुत्रों आदि से वैमनस्य रहता है; धन की कमी अनुभव होती है; पेट के रोग बढ़ते हैं; सरकारी कर्मचारियों का विरोध भी सम्भव है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 6th from the natal Moon (p.19, lines 619-627) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
आप बीमार पड़ते हैं और शारीरिक रूप से थका हुआ अनुभव करते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैरोग और शारीरिक बल की हानि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार मान में वृद्धि होती है, धन-सम्पत्ति बढ़ती है और पुत्रों के धन में वृद्धि होती है; परन्तु राहु चन्द्रमा का शत्रु होने से मानसिक कष्ट भी रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 1st from the natal Moon (p.26, lines 882-884) | ||
| केतु | सिंह में — आपके सातवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
कठिन दौर, मन और जीवन पर दबाव। ग्रन्थ क्या कहता हैदुर्भाग्य और कष्ट। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 7 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार राज्य से लाभ, मान में वृद्धि, व्यापार में अकस्मात् वृद्धि और धन का स्पष्ट लाभ। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 7th from the natal Moon (p.28, lines 1002-1003) | ||
| मंगल | मेष में — आपके तीसरे भाव में15 जून से 20 जून तकशुभ | |
साहसी, फलदायक समय: प्रतिद्वन्द्वी पीछे हटते हैं, सरकारी सहायता मिलती है, और कमाई बढ़ती है - धातु या मशीनरी से लाभ हो सकता है। ग्रन्थ क्या कहता हैजातक का साहस बढ़ता है तथा उसके शत्रु पराजित होते हैं; धातुओं से धन; व्यक्तिगत प्रभाव बढ़ता है; सरकारी कर्मचारियों या राज्य से सहायता; तर्क-शक्ति और धन दोनों बढ़ते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.15, lines 436-439) | ||
| मंगल | वृषभ में — आपके चौथे भाव में20 जून से 21 जून तकअशुभ | |
घर और सम्पत्ति विवाद का मैदान बन जाते हैं, माता का स्वास्थ्य प्रभावित होता है, और जातक क्रोधी व भयभीत हो जाता है। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और स्वजनों द्वारा विरोध होता है; धन और वस्तुओं की कमी; भूमि और सम्पत्ति की बार-बार समस्याएँ; घरेलू सुख में कमी; ज्वर, छाती के रोग और रक्त विकार; सम्मान की हानि, सामान्य विरोध, माता को कष्ट, और मन हिंसक, क्रूर तथा भयभीत हो जाता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 4th from the natal Moon (p.15, lines 441-447) | ||
| सूर्य | वृषभ में — आपके चौथे भाव में15 जूनअशुभ | |
घर में तनाव, पारिवारिक झगड़े, सम्पत्ति की उलझनें, असुविधाजनक यात्रा और जीवनसाथी से खिंचाव। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक और शारीरिक व्यथा रहती है; घरेलू झगड़ों से सुख घटता है; भूमि और सम्पत्ति को लेकर अनेक समस्याएँ; सुविधाओं का अभाव, कष्टदायक यात्राएँ, लोग परेशान करते हैं, पत्नी की ओर से सुख में बाधा, अपमान का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 4th from the natal Moon (p.10, lines 240-244) | ||
| सूर्य | मिथुन में — आपके पाँचवें भाव में15 जून से 21 जून तकअशुभ | |
विचारों में उलझन और ऊर्जा की कमी, धन की हानि, सन्तान अस्वस्थ, अधिकारियों से अनबन, यात्रा में जोखिम। ग्रन्थ क्या कहता हैविशेषतया मानसिक भ्रम उत्पन्न होता है; शारीरिक और मानसिक बल घटता है; धन की हानि; जातक और उसकी सन्तान को रोग; अधिकारियों से विवाद बढ़ते हैं; यात्रा में दुर्घटना; जातक स्वयं को दुखी अनुभव करता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 5th from the natal Moon (p.10, lines 246-249) | ||
| शुक्र | कर्क में — आपके छठे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
प्रतिद्वन्द्वी भारी पड़ते हैं और समझौता करना पड़ता है; साझेदारों से झगड़े, यात्रा में जोखिम, दाम्पत्य में ठण्डापन। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और उनकी विजय होती है, और जातक को उनसे समझौता करने पर विवश होना पड़ता है; व्यापारिक साझेदारों से झगड़े; यात्रा में दुर्घटना से हानि; पत्नी विमुख हो जाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 6th from the natal Moon (p.22, lines 706-709) | ||
| बुध | मिथुन में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
योजनाएँ विफल होती हैं, धन की तंगी रहती है, और घर तथा प्रेम-सम्बन्धों में खटपट होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक पीड़ा होती है; विचारित योजनाएँ सफल नहीं होतीं; सन्तान और पत्नी से झगड़े; आर्थिक कष्ट; पराई स्त्रियों से सम्बन्ध आरम्भ होते हैं परन्तु विफल रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 5th from the natal Moon (p.17, lines 533-536) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★☆☆☆ |
धन | ★☆☆☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★☆☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★★☆☆ |
इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव
- 15 जूनसूर्य का मिथुन में प्रवेश
- 20 जूनमंगल का वृषभ में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
साढ़े साती चल रही है — अन्तिम (अस्त) चरण, शनि आपके दूसरे भाव में।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- लाल
- अंक
- 9
- दिशा
- दक्षिण
मंगल से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
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पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस सप्ताह के त्योहार और व्रत
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यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस महीने का राशिफल →कुम्भ राशिफल 2026 →कुम्भ राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
15–21 जून 2026 कुम्भ राशि के लिए कैसा रहेगा?
15–21 जून 2026 कुम्भ राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 18 जून, 19 जून। सावधानी: 15 जून, 21 जून। सहायक: मंगल। बाधक: शनि और गुरु।
15–21 जून 2026 में कुम्भ राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 18 जून, 19 जून। सावधानी के दिन: 15 जून, 21 जून।
क्या कुम्भ राशि पर अभी साढ़े साती है?
साढ़े साती चल रही है — अन्तिम (अस्त) चरण, शनि आपके दूसरे भाव में।
15–21 जून 2026 में कुम्भ राशि का शुभ रंग और अंक?
लाल, अंक 9, दिशा दक्षिण (मंगल)।