मिथुन साप्ताहिक राशिफल
Mithun Rashifal · 30 मार्च – 5 अप्रैल 2026 · चन्द्र राशि से
सावधानी का सप्ताह
30 मार्च – 5 अप्रैल 2026 मिथुन राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 30 मार्च, 31 मार्च। सावधानी: 2 अप्रैल, 3 अप्रैल। सहायक: सूर्य और केतु। बाधक: शनि और गुरु।
WhatsApp पर भेजेंदिन-प्रतिदिन
किसी भी दिन का पूरा राशिफल खोलें।
| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 30 मार्च | ★★★☆☆ | तीसरे भाव में |
| मंगलवार, 31 मार्च | ★★★☆☆ | तीसरे भाव में |
| बुधवार, 1 अप्रैल | ★★☆☆☆ | चौथे भाव में |
| गुरुवार, 2 अप्रैल | ★★☆☆☆ | चौथे भाव में |
| शुक्रवार, 3 अप्रैल | ★★☆☆☆ | चौथे भाव में |
| शनिवार, 4 अप्रैल | ★★☆☆☆ | पाँचवें भाव में |
| रविवार, 5 अप्रैल | ★★☆☆☆ | पाँचवें भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
30 मार्च से 31 मार्च तक · तीसरे भाव में शुभ भाव
उजला दिन: धन आता है, स्वास्थ्य और मन अच्छे रहते हैं, सम्पर्क और सम्बन्धी सहायता करते हैं।
21:32 तक
1 अप्रैल से 3 अप्रैल तक · चौथे भाव में कठिन भाव
अस्थिर दिन: घर में बहस, नींद और भूख कम, छाती में बेचैनी, जीवनसाथी से खिंचाव।
06:28 तक
4 अप्रैल से 5 अप्रैल तक · पाँचवें भाव में कठिन भाव
यात्रा ठीक नहीं रहती, योजनाएँ अटकती हैं, धन रिसता है, विवेक धुंधला रहता है और पेट गड़बड़ करता है।
17:27 तक
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके दसवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
काम में प्रतिकूल बदलाव और खर्च किया धन निष्फल; परिवार से अलग रहना और छाती की तकलीफ सम्भव। ग्रन्थ क्या कहता हैनौकरी अथवा व्यवसाय में परिवर्तन और विघ्न-बाधाएँ आती हैं; धन खर्च करने पर भी सफलता नहीं मिलती; जातक गलत कार्य करता है और मानसिक कष्ट सहता है; उसे घर से दूर रहना पड़ता है और सामान्य विरोध का सामना करना पड़ता है; पत्नी से अनबन के कारण अलग रहना पड़ता है; छाती के रोग सम्भव। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 10th from the natal Moon (p.25, lines 817-821) | ||
| गुरु | मिथुन में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
भारी वर्ष: काम अटकते और देर से होते हैं, खर्च आय से आगे निकल जाता है और प्रतिष्ठा असुरक्षित लगती है। ग्रन्थ क्या कहता हैबृहस्पति चन्द्र लग्न में गोचरवश आता है तब भय और मान-हानि होती है; रोजगार और व्यापार में बाधाएँ; राज्य से भय और मानसिक कष्ट; कार्य लम्बे विलम्ब के बाद ही पूरे होते हैं; यात्रा में असुविधा और सुख में भारी कमी; भारी व्यय से आर्थिक स्थिति डगमगाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 1st from the natal Moon (p.19, lines 589-593) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
आपको नुकसान होता है। ग्रन्थ क्या कहता हैहानि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार अकस्मात् आशातीत लाभ होता है जो प्रायः चिरस्थायी होता है; राज्य की कृपा और मित्रों की सहायता; परन्तु चन्द्र लग्न पर राहु की दृष्टि के कारण मानसिक कष्ट भी रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 9th from the natal Moon (p.27, lines 956-959) | ||
| केतु | सिंह में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
काम अच्छे चलते हैं और आपको लाभ होता है। ग्रन्थ क्या कहता हैसुख, लाभ और वृद्धि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 3 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | कुम्भ में — आपके नौवें भाव में30 मार्च से 2 अप्रैल तकअशुभ | |
भाग्य विरुद्ध हो जाता है: कमजोर स्वास्थ्य, ऑपरेशन बिगड़ने की सम्भावना, काम में रुकावट, और मान की हानि। ग्रन्थ क्या कहता हैमनुष्य अनादर पाता है; पट्ठों में दर्द और 'सूखा' रोग सम्भव; शरीर दुर्बल रहता है; भाग्य पर आघात और धन की कमी; रोजगार में बाधाएँ; ऑपरेशन बिगड़ने का भय; शत्रुओं से पराजय, धर्म-विरुद्ध आचरण, और भाइयों के कारण कष्ट। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 9th from the natal Moon (p.16, lines 475-480) | ||
| मंगल | मीन में — आपके दसवें भाव में2 अप्रैल से 5 अप्रैल तकअशुभ | |
कार्य में रुकावट आती है और घर से दूर रहना पड़ता है; इस गोचर से मिलने वाला धन इसके अन्त के निकट ही आता है। ग्रन्थ क्या कहता हैरूखा-सूखा भोजन; शरीर में चोट या रोग; किसी कारण घर से दूर रहना पड़ता है; रोजगार में बाधाएँ; चोरों से भय। किन्तु 'वाराही संहिता' के अनुसार दशम भाव में मंगल धन देता है; लेखक का मत है कि यह धन गोचर के केवल उत्तरार्ध में ही आता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 10th from the natal Moon (p.16, lines 482-487) | ||
| सूर्य | मीन में — आपके दसवें भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
कार्यक्षेत्र में अच्छा मास: पदोन्नति के अवसर, वरिष्ठों में उपयोगी सम्पर्क, बढ़ता सम्मान और प्रभाव। ग्रन्थ क्या कहता हैधन, स्वभाव, मित्र आदि का सुख प्राप्त होता है; अधिकारियों और प्रतिष्ठित लोगों से मित्रता बढ़ती है; सज्जनों के द्वारा लाभ; हर कार्य में सफलता; पदोन्नति की अच्छी सम्भावना; मान, प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 10th from the natal Moon (p.11, lines 278-281) | ||
| शुक्र | मेष में — आपके ग्यारहवें भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
धन सहजता से आता है, मित्र पूरा सहयोग देते हैं, और घर तथा सामाजिक जीवन आनन्दमय रहता है। ग्रन्थ क्या कहता हैजातक को धन लाभ होता है और प्रताप बढ़ता है; सब कार्यों में सफलता; अच्छा भोजन; पत्नी सम्बन्धी सुखों में वृद्धि; स्त्रियों के संग से आनन्द; मित्रों का पूर्ण सहयोग। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 11th from the natal Moon (p.22, lines 733-737) | ||
| बुध | कुम्भ में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
हर काम में रुकावट, यात्रा निराश करती है, धन और प्रतिष्ठा घटती है, और सम्बन्धों में सन्देह और कड़वाहट आती है। ग्रन्थ क्या कहता हैखेद, संताप तथा सब कार्यों में विघ्न-बाधाएँ आती हैं; यात्रा में असुविधा और हानि; धन और मान की हानि; सम्बन्धियों और भाइयों से मनमुटाव; जातक धर्म और शास्त्र में दोष निकालने का प्रयत्न करता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 9th from the natal Moon (p.18, lines 560-563) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★☆☆☆ |
धन | ★☆☆☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★☆☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★★☆☆ |
इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव
- 2 अप्रैलमंगल का मीन में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
इस अवधि में मिथुन राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- ताम्बई लाल
- अंक
- 1
- दिशा
- पूर्व
सूर्य से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
108 बार जप करें
पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस सप्ताह के त्योहार और व्रत
रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ
मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस महीने का राशिफल →मिथुन राशिफल 2026 →मिथुन राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
30 मार्च – 5 अप्रैल 2026 मिथुन राशि के लिए कैसा रहेगा?
30 मार्च – 5 अप्रैल 2026 मिथुन राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 30 मार्च, 31 मार्च। सावधानी: 2 अप्रैल, 3 अप्रैल। सहायक: सूर्य और केतु। बाधक: शनि और गुरु।
30 मार्च – 5 अप्रैल 2026 में मिथुन राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 30 मार्च, 31 मार्च। सावधानी के दिन: 2 अप्रैल, 3 अप्रैल।
क्या मिथुन राशि पर अभी साढ़े साती है?
इस अवधि में मिथुन राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
30 मार्च – 5 अप्रैल 2026 में मिथुन राशि का शुभ रंग और अंक?
ताम्बई लाल, अंक 1, दिशा पूर्व (सूर्य)।