सावधानी का महीना
सितंबर 2027 मेष राशि के लिए सावधानी का महीना (2/5)। अच्छे दिन: 2 सितंबर, 3 सितंबर, 4 सितंबर, 5 सितंबर, 6 सितंबर। सावधानी: 9 सितंबर, 10 सितंबर, 11 सितंबर। सहायक: राहु और गुरु। बाधक: शनि और मंगल।
WhatsApp पर भेजेंमहीने के दिन
किसी भी दिन का पूरा राशिफल खोलें।
इस महीने के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मेष में — आपके पहले भाव मेंपूरे महीने · वक्रीअशुभ | |
घिसाने वाला समय: विवेक धुंधला, स्वास्थ्य और धन में गिरावट, मित्र और घर छूटना, और सार्वजनिक अपमान। ग्रन्थ क्या कहता हैबुद्धि काम नहीं करती; शरीर निस्तेज रहता है; मानसिक और शारीरिक पीड़ा; भाइयों और पत्नी से झगड़े; शस्त्र और पत्थर से चोट का भय; दूर स्थानों की यात्राएँ; मित्र और घर छूट जाते हैं; हर कार्य में असफलता; अपमान और कभी-कभी राज्य द्वारा बन्धन का भय; आर्थिक स्थिति में तीव्र गिरावट। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 1st from the natal Moon (p.23, lines 753-758) | ||
| गुरु | सिंह में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे महीनेशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
रचनात्मक, भाग्यशाली वर्ष: नया पद, स्थिर लाभ, घर में उत्सव, और सट्टे से भी लाभ हो सकता है। ग्रन्थ क्या कहता हैसुख और आनन्द में वृद्धि होती है; हर कार्य में सफलता; पद की प्राप्ति और व्यापार में उन्नति; कोई स्थायी लाभ; घर में मांगलिक उत्सव; पुत्र-जन्म की सम्भावना; तर्क और विवेक से कार्य सिद्ध होते हैं; सट्टे और भाग्य के खेलों में लाभ; सद्गुण बढ़ते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 5th from the natal Moon (p.19, lines 612-617) | ||
| राहु | मकर में — आपके दसवें भाव मेंपूरे महीनेशुभ | |
आपको लाभ होता है। ग्रन्थ क्या कहता हैलाभ। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार गंगादि तीर्थों में स्नान का अवसर आता है; दान करने की इच्छा होती है; मान में अकस्मात् वृद्धि; कार्य सफल होते हैं - परन्तु शत्रु भी उत्पन्न होते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 10th from the natal Moon (p.27, lines 961-963) | ||
| केतु | कर्क में — आपके चौथे भाव मेंपूरे महीनेअशुभ | |
चिन्ता और कठिनाई का समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और कष्ट। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 4 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार सुख व मान की वृद्धि करता है, जातक को शुभ कार्यों और तीर्थ-स्नान की ओर प्रवृत्त करता है; अकस्मात् भूमि-लाभ भी सम्भव है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 4th from the natal Moon (p.28, lines 992-994) | ||
| मंगल | तुला में — आपके सातवें भाव मेंपूरे महीनेअशुभ | |
जीवनसाथी और भाइयों से झगड़े, साथी के स्वास्थ्य में गिरावट, और आँखों की तकलीफ की सम्भावना। ग्रन्थ क्या कहता हैस्वजनों को मानसिक तथा शारीरिक कष्ट होता है; अन्न और वस्त्र की कमी; पत्नी से झगड़े और उसका स्वास्थ्य खराब; भाइयों से विवाद और उससे दुःख; नेत्र रोग। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 7th from the natal Moon (p.16, lines 464-467) | ||
| सूर्य | सिंह में — आपके पाँचवें भाव में1 सितंबर से 17 सितंबर तकअशुभ | |
विचारों में उलझन और ऊर्जा की कमी, धन की हानि, सन्तान अस्वस्थ, अधिकारियों से अनबन, यात्रा में जोखिम। ग्रन्थ क्या कहता हैविशेषतया मानसिक भ्रम उत्पन्न होता है; शारीरिक और मानसिक बल घटता है; धन की हानि; जातक और उसकी सन्तान को रोग; अधिकारियों से विवाद बढ़ते हैं; यात्रा में दुर्घटना; जातक स्वयं को दुखी अनुभव करता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 5th from the natal Moon (p.10, lines 246-249) | ||
| सूर्य | कन्या में — आपके छठे भाव में17 सितंबर से 30 सितंबर तकशुभ | |
काम पूरे होते हैं, प्रतिद्वन्द्वी पीछे हटते हैं, स्वास्थ्य सुधरता है और अधिकारी या वरिष्ठ उपयोगी सिद्ध होते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैकार्यसिद्धि और सुख की प्राप्ति होती है; अन्न-वस्त्र का लाभ; शत्रुओं पर विजय; रोगों का नाश; अधिकारियों से लाभ; व्यक्तिगत प्रभाव बढ़ता है; शोक और मोह दूर होते हैं तथा मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 6th from the natal Moon (p.10, lines 251-255) | ||
| शुक्र | सिंह में — आपके पाँचवें भाव में1 सितंबर से 9 सितंबर तकशुभ | |
सन्तान और प्रेम में अच्छा समय, परीक्षाओं में सफलता, प्रतिष्ठा में वृद्धि और आनन्द के लिए समय। ग्रन्थ क्या कहता हैपुत्रादि से स्नेह बढ़ता है; अन्न-धन की प्राप्ति और अच्छा भोजन; यश बढ़ता है; शत्रुओं पर विजय; सन्तान-जन्म सम्भव; प्रेमी निकट आते हैं; जातक विभागीय परीक्षाएँ उत्तीर्ण करता है; मनोरंजन-स्थलों, सिनेमा और क्लबों में जाना होता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 5th from the natal Moon (p.21, lines 695-700) | ||
| शुक्र | कन्या में — आपके छठे भाव में9 सितंबर से 30 सितंबर तकअशुभ | |
प्रतिद्वन्द्वी भारी पड़ते हैं और समझौता करना पड़ता है; साझेदारों से झगड़े, यात्रा में जोखिम, दाम्पत्य में ठण्डापन। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और उनकी विजय होती है, और जातक को उनसे समझौता करने पर विवश होना पड़ता है; व्यापारिक साझेदारों से झगड़े; यात्रा में दुर्घटना से हानि; पत्नी विमुख हो जाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 6th from the natal Moon (p.22, lines 706-709) | ||
| बुध | कन्या में — आपके छठे भाव में1 सितंबर से 21 सितंबर तकशुभ | |
सुखद और सम्मानित समय: प्रतिद्वन्द्वी पराजित, अच्छी कमाई, और लेखन या कला में पहचान। ग्रन्थ क्या कहता हैधन, अन्न और उत्तम वस्त्रों का सुख होता है; अच्छी और मनोरंजक पुस्तकें पढ़ने का अवसर; शत्रुओं पर विजय; सब लोग सम्मान करते हैं; भरपूर शारीरिक और मानसिक सुख; लेखन और संगीत कलाओं में यश। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 6th from the natal Moon (p.17, lines 538-547) | ||
| बुध | तुला में — आपके सातवें भाव में21 सितंबर से 30 सितंबर तकअशुभ | |
ऊर्जा कम, जीवनसाथी और मित्रों से बहस, और न यात्रा से लाभ न व्यापार से। ग्रन्थ क्या कहता हैशरीर निस्तेज तथा पीड़ायुक्त रहता है; पत्नी से विवाद; मित्रों और सम्बन्धियों से भी अनबन; राज्य से भय और धन की हानि; न यात्रा से लाभ होता है न व्यापार से; जातक चिन्ताओं में घिरा रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 7th from the natal Moon (p.18, lines 549-553) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★★☆☆ |
धन | ★★★☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★☆☆☆ |
स्वास्थ्य | ★☆☆☆☆ |
इस महीने ग्रहों में बदलाव
- 9 सितंबरशुक्र का कन्या में प्रवेश
- 17 सितंबरसूर्य का कन्या में प्रवेश
- 21 सितंबरबुध का तुला में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
साढ़े साती चल रही है — दूसरा (शिखर) चरण, शनि आपके पहले भाव में।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- धूसर
- अंक
- 4
- दिशा
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
राहु से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
108 बार जप करें
पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस महीने के त्योहार और व्रत
- 3 सितंबरहरतालिका तीज
- 4 सितंबरगणेश चतुर्थी
- 8 सितंबरराधा अष्टमी
- 11 सितंबरपरिवर्तिनी एकादशी
- 13 सितंबरसोम प्रदोष
- 14 सितंबरअनंत चतुर्दशी (गणेश विसर्जन)
- 15 सितंबरभाद्रपद पूर्णिमा
- 17 सितंबरकन्या संक्रांति
- 19 सितंबरसंकष्टी चतुर्थी
- 26 सितंबरइंदिरा एकादशी
- 27 सितंबरसोम प्रदोष
- 29 सितंबरसर्व पितृ अमावस्या
- 30 सितंबरशारदीय नवरात्रि (घटस्थापना)
- 30 सितंबरआश्विन अमावस्या
रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ
मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह मासिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। महीने की रेटिंग चन्द्रमा को छोड़ बाकी ग्रहों की मध्य-माह की स्थिति से, वेध के साथ, बनी है, जैसे हमारे वार्षिक पृष्ठ पर। कैलेंडर के हर दिन की अपनी दैनिक रेटिंग है। हर भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली की। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस सप्ताह का राशिफल →मेष राशिफल 2026 →मेष राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
सितंबर 2027 मेष राशि के लिए कैसा रहेगा?
सितंबर 2027 मेष राशि के लिए सावधानी का महीना (2/5)। अच्छे दिन: 2 सितंबर, 3 सितंबर, 4 सितंबर, 5 सितंबर, 6 सितंबर। सावधानी: 9 सितंबर, 10 सितंबर, 11 सितंबर। सहायक: राहु और गुरु। बाधक: शनि और मंगल।
सितंबर 2027 में मेष राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 2 सितंबर, 3 सितंबर, 4 सितंबर, 5 सितंबर, 6 सितंबर। सावधानी के दिन: 9 सितंबर, 10 सितंबर, 11 सितंबर।
क्या मेष राशि पर अभी साढ़े साती है?
साढ़े साती चल रही है — दूसरा (शिखर) चरण, शनि आपके पहले भाव में।
सितंबर 2027 में मेष राशि का शुभ रंग और अंक?
धूसर, अंक 4, दिशा नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) (राहु)।