मिला-जुला महीना
अक्टूबर 2025 कर्क राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 1 अक्टूबर, 14 अक्टूबर, 15 अक्टूबर, 16 अक्टूबर, 27 अक्टूबर। सावधानी: 18 अक्टूबर, 22 अक्टूबर, 23 अक्टूबर। सहायक: शुक्र और सूर्य। बाधक: शनि और मंगल।
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इस महीने के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके नौवें भाव मेंपूरे महीने · वक्रीअशुभ | |
भाग्य साथ छोड़ देता है: आय घटती है, आस्था डगमगाती है, यात्राएँ व्यर्थ होती हैं, और आरोपों का भय रहता है। ग्रन्थ क्या कहता हैदुःख, रोग और शत्रुओं की वृद्धि होती है; जातक धार्मिक कर्तव्यों से विमुख होता है या धर्म तक बदल लेता है; क्षेत्रीय या तीर्थ यात्राएँ होती हैं पर लाभ नहीं होता; भाइयों और मित्रों से अनबन और कष्ट; आय घटती है; सेवकों से कष्ट; बन्धन और आरोपों का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 9th from the natal Moon (p.24, lines 811-815) | ||
| गुरु | मिथुन में — आपके बारहवें भाव में1 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
खर्च बहुत बढ़ जाते हैं, कोई भरोसेमन्द व्यक्ति आपका नाम खराब करता है, स्वास्थ्य गिरता है और सन्तान से दूरी बनती है। ग्रन्थ क्या कहता हैपुत्रादि से अलग होना पड़ता है; यात्रा में कष्ट और व्यर्थ व्यय; खर्च बहुत अधिक बढ़ जाते हैं; जिस पर भरोसा था उसी के कारण जातक का अपमान होता है; शरीर अस्वस्थ रहता है; आचरण गिरता है; वह खोखली, झूठी सलाह देता फिरता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 12th from the natal Moon (p.20, lines 657-661) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके पहले भाव में18 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ | |
भारी वर्ष: काम अटकते और देर से होते हैं, खर्च आय से आगे निकल जाता है और प्रतिष्ठा असुरक्षित लगती है। ग्रन्थ क्या कहता हैबृहस्पति चन्द्र लग्न में गोचरवश आता है तब भय और मान-हानि होती है; रोजगार और व्यापार में बाधाएँ; राज्य से भय और मानसिक कष्ट; कार्य लम्बे विलम्ब के बाद ही पूरे होते हैं; यात्रा में असुविधा और सुख में भारी कमी; भारी व्यय से आर्थिक स्थिति डगमगाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 1st from the natal Moon (p.19, lines 589-593) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके आठवें भाव मेंपूरे महीनेअशुभ | |
धन अचानक आता है, फिर भी उसके साथ गम्भीर बीमारी या विदेश जाना हो सकता है। ग्रन्थ क्या कहता हैअकस्मात् धन की वृद्धि होती है, परन्तु विदेश यात्रा और भयंकर रोगों की सम्भावना भी रहती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 8th from the natal Moon (p.27, lines 953-954) | ||
| केतु | सिंह में — आपके दूसरे भाव मेंपूरे महीनेअशुभ | |
किसी से मनमुटाव, और धन की हानि। ग्रन्थ क्या कहता हैवैर और धन की हानि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 2 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार अकस्मात् धन वृद्धि करता है, परन्तु आँख में घाव या चोट भी देता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.28, lines 986-987) | ||
| मंगल | तुला में — आपके चौथे भाव में1 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तकअशुभ | |
घर और सम्पत्ति विवाद का मैदान बन जाते हैं, माता का स्वास्थ्य प्रभावित होता है, और जातक क्रोधी व भयभीत हो जाता है। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और स्वजनों द्वारा विरोध होता है; धन और वस्तुओं की कमी; भूमि और सम्पत्ति की बार-बार समस्याएँ; घरेलू सुख में कमी; ज्वर, छाती के रोग और रक्त विकार; सम्मान की हानि, सामान्य विरोध, माता को कष्ट, और मन हिंसक, क्रूर तथा भयभीत हो जाता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 4th from the natal Moon (p.15, lines 441-447) | ||
| मंगल | वृश्चिक में — आपके पाँचवें भाव में27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ | |
बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी। ग्रन्थ क्या कहता हैज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632) | ||
| सूर्य | कन्या में — आपके तीसरे भाव में1 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तकशुभ | |
स्वास्थ्य सुधरता है, वरिष्ठ और अधिकारी सहायता करते हैं, सन्तान और मित्रों से धन-मान मिलता है, प्रायः पदोन्नति भी। ग्रन्थ क्या कहता हैरोगों से मुक्ति, सुख-चैन; सज्जनों और उच्च अधिकारियों से भेंट; पुत्रों और मित्रों के द्वारा धन और सम्मान; शत्रु सहज ही पराजित होते हैं; धन और मान, प्रायः कोई पद, तथा सदाचरण से सफलता। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.10, lines 233-238) | ||
| सूर्य | तुला में — आपके चौथे भाव में17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ | |
घर में तनाव, पारिवारिक झगड़े, सम्पत्ति की उलझनें, असुविधाजनक यात्रा और जीवनसाथी से खिंचाव। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक और शारीरिक व्यथा रहती है; घरेलू झगड़ों से सुख घटता है; भूमि और सम्पत्ति को लेकर अनेक समस्याएँ; सुविधाओं का अभाव, कष्टदायक यात्राएँ, लोग परेशान करते हैं, पत्नी की ओर से सुख में बाधा, अपमान का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 4th from the natal Moon (p.10, lines 240-244) | ||
| शुक्र | सिंह में — आपके दूसरे भाव में1 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तकशुभ | |
बार-बार धन का आगमन, नये वस्त्र, अच्छा स्वास्थ्य, सुखी दाम्पत्य और अधिकारियों से मान्यता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की बार-बार प्राप्ति होती है; शरीर स्वस्थ रहता है; जातक नये वस्त्र और आभूषण पहनता है; पत्नी से उत्तम सुख; सन्तान की आशा; राज्य से मान; अध्ययन में रुचि; जातक का रूप निखरता है; संगीत में रुचि बढ़ती है; शत्रुओं का नाश होता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.21, lines 678-682) | ||
| शुक्र | कन्या में — आपके तीसरे भाव में9 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
मित्रों और भाई-बहनों से आत्मविश्वास और सहयोग, हाथ में धन, और भाग्य में सहायक मोड़। ग्रन्थ क्या कहता हैमित्रों से सुख तथा शत्रुओं की पराजय होती है; धन प्राप्त होता है और साहस बढ़ता है; सेवकों से सुख; मान में वृद्धि; भाग्य उन्नत होता है; राज्य की कृपा; भाई-बहनों से सुख और धर्म में रुचि बढ़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.21, lines 684-688) | ||
| बुध | कन्या में — आपके तीसरे भाव में1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
घबराहट और आत्मविश्वास की कमी, सम्बन्धियों से बहस और धन का हाथ से निकलना। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यक्ति डरा-डरा रहता है और उसमें साहस की कमी होती है; सम्बन्धियों से झगड़े और धन की हानि; भय के कारण इधर-उधर भागता है। किन्तु वाराही संहिता के अनुसार तृतीय भाव में बुध मित्र दिलाता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.17, lines 523-526) | ||
| बुध | तुला में — आपके चौथे भाव में3 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
धन और सम्पत्ति का लाभ, घर में सहज समय, और प्रतिष्ठित लोगों से उपयोगी मित्रता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की प्राप्ति होती है; माता को सुख मिलता है; भूमि और सम्पत्ति में वृद्धि; विद्वानों, सज्जनों और उच्च पद वाले लोगों से मित्रता बढ़ती है; घरेलू जीवन भी सुखी रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 4th from the natal Moon (p.17, lines 528-531) | ||
| बुध | वृश्चिक में — आपके पाँचवें भाव में24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
योजनाएँ विफल होती हैं, धन की तंगी रहती है, और घर तथा प्रेम-सम्बन्धों में खटपट होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक पीड़ा होती है; विचारित योजनाएँ सफल नहीं होतीं; सन्तान और पत्नी से झगड़े; आर्थिक कष्ट; पराई स्त्रियों से सम्बन्ध आरम्भ होते हैं परन्तु विफल रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 5th from the natal Moon (p.17, lines 533-536) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★★★★ |
धन | ★★★☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★★★☆ |
स्वास्थ्य | ★★★☆☆ |
इस महीने ग्रहों में बदलाव
- 3 अक्टूबरबुध का तुला में प्रवेश
- 9 अक्टूबरशुक्र का कन्या में प्रवेश
- 17 अक्टूबरसूर्य का तुला में प्रवेश
- 18 अक्टूबरगुरु का कर्क में प्रवेश
- 24 अक्टूबरबुध का वृश्चिक में प्रवेश
- 27 अक्टूबरमंगल का वृश्चिक में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
इस अवधि में कर्क राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
- अंक
- 6
- दिशा
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
शुक्र से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
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पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस महीने के त्योहार और व्रत
- 1 अक्टूबरमहा नवमी
- 2 अक्टूबरदशहरा (विजयादशमी)
- 3 अक्टूबरपापांकुशा एकादशी
- 4 अक्टूबरशनि प्रदोष
- 6 अक्टूबरशरद पूर्णिमा
- 7 अक्टूबरआश्विन पूर्णिमा
- 10 अक्टूबरकरवा चौथ
- 10 अक्टूबरसंकष्टी चतुर्थी
- 13 अक्टूबरअहोई अष्टमी
- 17 अक्टूबरतुला संक्रांति
- 17 अक्टूबररमा एकादशी
- 18 अक्टूबरधनतेरस
- 18 अक्टूबरशनि प्रदोष
- 20 अक्टूबरदीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- 20 अक्टूबरनरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली)
- 21 अक्टूबरकार्तिक अमावस्या
- 22 अक्टूबरगोवर्धन पूजा
- 23 अक्टूबरभाई दूज
- 27 अक्टूबरछठ पूजा (संध्या अर्घ्य)
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अन्य राशियाँ
यह मासिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। महीने की रेटिंग चन्द्रमा को छोड़ बाकी ग्रहों की मध्य-माह की स्थिति से, वेध के साथ, बनी है, जैसे हमारे वार्षिक पृष्ठ पर। कैलेंडर के हर दिन की अपनी दैनिक रेटिंग है। हर भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली की। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
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प्रश्न
अक्टूबर 2025 कर्क राशि के लिए कैसा रहेगा?
अक्टूबर 2025 कर्क राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 1 अक्टूबर, 14 अक्टूबर, 15 अक्टूबर, 16 अक्टूबर, 27 अक्टूबर। सावधानी: 18 अक्टूबर, 22 अक्टूबर, 23 अक्टूबर। सहायक: शुक्र और सूर्य। बाधक: शनि और मंगल।
अक्टूबर 2025 में कर्क राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 1 अक्टूबर, 14 अक्टूबर, 15 अक्टूबर, 16 अक्टूबर, 27 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 18 अक्टूबर, 22 अक्टूबर, 23 अक्टूबर।
क्या कर्क राशि पर अभी साढ़े साती है?
इस अवधि में कर्क राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
अक्टूबर 2025 में कर्क राशि का शुभ रंग और अंक?
गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, अंक 6, दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र)।