मिला-जुला महीना
जून 2021 मिथुन राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 4 जून, 5 जून, 11 जून, 12 जून, 13 जून। सावधानी: 18 जून, 19 जून, 20 जून। सहायक: गुरु और शुक्र। बाधक: शनि और मंगल।
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इस महीने के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मकर में — आपके आठवें भाव मेंपूरे महीने · वक्रीअशुभ | |
आप अपने परिवार से अलग हो जाते हैं और कठिन परिस्थितियों में यात्रा करने को विवश होते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैपत्नी और पुत्रों से वियोग, और दयनीय दशा में पैदल यात्रा। Hindu Predictive Astrology · Ch. XXXIII Gocharaphala or Results of Transits — Saturn transiting the 8 from the natal Moon (HPA 20th ed. p.263-264 / PDF 279-280) | ||
| गुरु | कुम्भ में — आपके नौवें भाव मेंपूरे महीने · वक्रीशुभ | |
भाग्य उठता है: मान और पद, सन्तान से लाभ, भाई-बहनों का सहयोग और सामान्यतः सफलता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन वृद्धि होती है, पुत्र-जन्म का उत्सव होता है; भाग्य में स्पष्ट उन्नति; सन्तान से लाभ; राज्य से मान और पद; हर कार्य में सफलता; भाइयों से सुख और सहायता; धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 9th from the natal Moon (p.20, lines 642-645) | ||
| राहु | वृषभ में — आपके बारहवें भाव मेंपूरे महीनेअशुभ | |
धन बाहर जाता है। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यय। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | वृश्चिक में — आपके छठे भाव मेंपूरे महीनेशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
आप आराम में रहते हैं और धन आता है। ग्रन्थ क्या कहता हैसुख और धन। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 6 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार शत्रु, व्यय तथा विघ्न-बाधाएँ सब बढ़ते हैं; नेत्रों में कष्ट होता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 6th from the natal Moon (p.28, lines 999-1000) | ||
| मंगल | मिथुन में — आपके पहले भाव में1 जून से 2 जून तकअशुभ | |
दुर्घटना की आशंका वाला समय: ज्वर, कटना या रक्त की तकलीफ, आग और धारदार औजारों से जोखिम, और कुछ भी योजना के अनुसार नहीं होता। ग्रन्थ क्या कहता हैकार्य सफल नहीं होते; व्यक्ति ज्वर, व्रण (घाव) और रक्त विकार से पीड़ित होता है; अग्नि, विष और शस्त्र से शारीरिक हानि का भय; बवासीर आदि रोग; पत्नी भी ज्वर से पीड़ित; दुष्टों से कष्ट; यात्रा में दुर्घटना। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 1st from the natal Moon (p.15, lines 425-429) | ||
| मंगल | कर्क में — आपके दूसरे भाव में2 जून से 30 जून तकअशुभ | |
चोरी, आग या बुरे लोगों से धन की हानि; कठोर शब्दों से परेशानी; जुर्माने या दण्ड की सम्भावना। ग्रन्थ क्या कहता हैबल की हानि होती है, कार्यों में असफलता मिलती है; दुष्टों, चोरों और अग्नि से हानि और क्षति; जातक कठोर वचन बोलता है; राज्य से दण्ड का भय; पित्त की अधिकता से कष्ट। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.15, lines 431-434) | ||
| सूर्य | वृषभ में — आपके बारहवें भाव में1 जून से 15 जून तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
घर से दूर रहना और भारी खर्च, नौकरी या पद खतरे में, पेट या आँखों की तकलीफ, मित्रों का रुख ठण्डा। ग्रन्थ क्या कहता हैदूर देश में भ्रमण होता है; कार्य एवं पद की हानि; भारी व्यय; अनेक कष्ट; ज्वर और पेट का गम्भीर विकार; राज्य का विरोध; नेत्र रोग की सम्भावना; मित्र भी शत्रु जैसा व्यवहार करते हैं; अपमान का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 12th from the natal Moon (p.11, lines 289-294) | ||
| सूर्य | मिथुन में — आपके पहले भाव में15 जून से 30 जून तकअशुभ | |
थका देने वाला मास: धन और मान घटता है, रक्तचाप, पेट या आँखों की तकलीफ, काम अटकता है और परिवार से दूर रहना पड़ता है। ग्रन्थ क्या कहता हैधन का नाश और प्रतिष्ठा की हानि; रक्तचाप, हृदय रोग, थकावट, पेट और नेत्रों के कष्ट से स्वास्थ्य खराब; हर कार्य में विलम्ब, भोजन अनियमित, व्यर्थ भटकना, परिवार से वियोग तथा स्वजनों और मित्रों से कलह। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 1st from the natal Moon (p.10, lines 220-225) | ||
| शुक्र | मिथुन में — आपके पहले भाव में1 जून से 22 जून तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
आनन्ददायक, समृद्ध समय: धन, प्रेम या विवाह, पढ़ाई में सफलता और सौन्दर्य या विलास के व्यापार से आय। ग्रन्थ क्या कहता हैसुख और धन की प्राप्ति होती है; शत्रु का नाश होता है, यद्यपि जातक से कुछ दुराचरण भी होता है; विवाह या सन्तान-जन्म सम्भव; अध्ययन में सफलता; हर प्रकार का मनोरंजन और विलास; सत्य की ओर झुकाव; व्यापार में वृद्धि; तरल पदार्थों, इत्र, प्रसाधन और सौन्दर्य-सामग्री से आय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 1st from the natal Moon (p.21, lines 671-676) | ||
| शुक्र | कर्क में — आपके दूसरे भाव में22 जून से 30 जून तकशुभ | |
बार-बार धन का आगमन, नये वस्त्र, अच्छा स्वास्थ्य, सुखी दाम्पत्य और अधिकारियों से मान्यता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की बार-बार प्राप्ति होती है; शरीर स्वस्थ रहता है; जातक नये वस्त्र और आभूषण पहनता है; पत्नी से उत्तम सुख; सन्तान की आशा; राज्य से मान; अध्ययन में रुचि; जातक का रूप निखरता है; संगीत में रुचि बढ़ती है; शत्रुओं का नाश होता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.21, lines 678-682) | ||
| बुध | मिथुन में — आपके पहले भाव में1 जून से 3 जून तक · वक्रीअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
गपशप और तीखे शब्द धन और सम्मान दोनों घटाते हैं; गर्मजोशी भरा स्वागत भी अन्त तक फीका पड़ जाता है। ग्रन्थ क्या कहता हैचुगलखोरी में समय व्यतीत होता है; जातक अप्रिय वचन बोलता है; धन की हानि और बन्धन का भय; छोटे-छोटे झगड़ों में धन की हानि; लोग सम्मान नहीं देते; सम्बन्धियों को हानि; यात्रा में स्वागत होने पर भी अन्त में सम्मान नहीं मिलता। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 1st from the natal Moon (p.17, lines 512-516) | ||
| बुध | वृषभ में — आपके बारहवें भाव में3 जून से 30 जून तक · वक्रीअशुभ | |
रुका हुआ और खर्चीला समय: भूख और स्वास्थ्य कम, पढ़ाई में व्यवधान, और चारों ओर झगड़े। ग्रन्थ क्या कहता हैधन तथा सुख में कमी होती है; मन में क्लेश और भूख नहीं लगती; झगड़े लगभग हर कार्य को रोक देते हैं; शत्रुओं से अपमान और पराजय; खराब स्वास्थ्य; सम्बन्धियों से मनमुटाव; अध्ययन में बाधा। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 12th from the natal Moon (p.18, lines 575-579) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★☆☆☆ |
धन | ★★★☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★★☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★☆☆☆ |
इस महीने ग्रहों में बदलाव
- 2 जूनमंगल का कर्क में प्रवेश
- 3 जूनबुध का वृषभ में प्रवेश
- 15 जूनसूर्य का मिथुन में प्रवेश
- 21 जूनगुरु कुम्भ में वक्री
- 22 जूनशुक्र का कर्क में प्रवेश
- 23 जूनबुध वृषभ में मार्गी
साढ़े साती और ढैय्या
शनि की ढैय्या (अष्टम शनि) चल रही है: शनि आठवें भाव में।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- पीला
- अंक
- 3
- दिशा
- ईशान (उत्तर-पूर्व)
गुरु से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
108 बार जप करें
पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस महीने के त्योहार और व्रत
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अन्य राशियाँ
यह मासिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। महीने की रेटिंग चन्द्रमा को छोड़ बाकी ग्रहों की मध्य-माह की स्थिति से, वेध के साथ, बनी है, जैसे हमारे वार्षिक पृष्ठ पर। कैलेंडर के हर दिन की अपनी दैनिक रेटिंग है। हर भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली की। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
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प्रश्न
जून 2021 मिथुन राशि के लिए कैसा रहेगा?
जून 2021 मिथुन राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 4 जून, 5 जून, 11 जून, 12 जून, 13 जून। सावधानी: 18 जून, 19 जून, 20 जून। सहायक: गुरु और शुक्र। बाधक: शनि और मंगल।
जून 2021 में मिथुन राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 4 जून, 5 जून, 11 जून, 12 जून, 13 जून। सावधानी के दिन: 18 जून, 19 जून, 20 जून।
क्या मिथुन राशि पर अभी साढ़े साती है?
शनि की ढैय्या (अष्टम शनि) चल रही है: शनि आठवें भाव में।
जून 2021 में मिथुन राशि का शुभ रंग और अंक?
पीला, अंक 3, दिशा ईशान (उत्तर-पूर्व) (गुरु)।