पंचांग · बुधवार, 13 अप्रैल 2022भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वादशी04:50, 14 अप्रैल तक
- शुक्ल त्रयोदशी03:56, 15 अप्रैल तक
- मघास्वामी केतु09:37 तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र09:56, 14 अप्रैल तक
- गण्ड11:14 तक
- वृद्धि09:51, 14 अप्रैल तक
- बव17:01 तक
- बालव04:50, 14 अप्रैल तक
- कौलव16:28, 14 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:30बिंब मध्य 05:34
- सूर्यास्त
- 18:05बिंब मध्य 18:00
- चंद्रोदय
- 14:57
- चंद्रास्त
- 03:16
- दिनमान
- 12h 35m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- सिंह15:54, 14 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2079
- शक संवत
- 1944
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:59 –04:45
- प्रातः संध्या04:22 –05:30
- अभिजित मुहूर्त11:22 –12:13
- विजय मुहूर्त13:53 –14:43
- गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:27
- सायाह्न संध्या18:05 –19:13
- निशीथ मुहूर्त23:24 –00:10, 14 अप्रैल
- अमृत काल07:06 –08:47
- अमृत काल03:27 –05:04, 14 अप्रैल
- राहु काल11:47 –13:22
- यमगंड07:05 –08:39
- गुलिक काल10:13 –11:47
- दुर्मुहूर्त11:22 –12:13
- वर्ज्य17:43 –19:20
- गंड मूल05:30 –09:37
चौघड़िया
- लाभलाभ05:30 – 07:05
- अमृतश्रेष्ठ07:05 – 08:39
- कालहानि08:39 – 10:13
- शुभशुभ10:13 – 11:47
- रोगअनिष्ट11:47 – 13:22
- उद्वेगअशुभ13:22 – 14:56
- चरसम14:56 – 16:30
- लाभलाभ16:30 – 18:05
- उद्वेगअशुभ18:05 – 19:30
- शुभशुभ19:30 – 20:56
- अमृतश्रेष्ठ20:56 – 22:21
- चरसम22:21 – 23:47
- रोगअनिष्ट23:47 – 01:13
- कालहानि01:13 – 02:38
- लाभलाभ02:38 – 04:04
- उद्वेगअशुभ04:04 – 05:30
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:30–06:33 |
| चन्द्र | 06:33–07:36 |
| शनि | 07:36–08:39 |
| गुरु | 08:39–09:42 |
| मंगल | 09:42–10:45 |
| सूर्य | 10:45–11:47 |
| शुक्र | 11:47–12:50 |
| बुध | 12:50–13:53 |
| चन्द्र | 13:53–14:56 |
| शनि | 14:56–15:59 |
| गुरु | 15:59–17:02 |
| मंगल | 17:02–18:05 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:05–19:02 |
| शुक्र | 19:02–19:59 |
| बुध | 19:59–20:56 |
| चन्द्र | 20:56–21:53 |
| शनि | 21:53–22:50 |
| गुरु | 22:50–23:47 |
| मंगल | 23:47–00:44 |
| सूर्य | 00:44–01:41 |
| शुक्र | 01:41–02:38 |
| बुध | 02:38–03:35 |
| चन्द्र | 03:35–04:32 |
| शनि | 04:32–05:30 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मघा 4 पद09:37 तक
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद15:45 तक
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद21:51 तक
- पूर्व फाल्गुनी 3 पद03:55, 14 अप्रैल तक
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद09:56, 14 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 35m
- रात्रिमान
- 11h 25m
- मध्याह्न
- 11:47
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 04:50, 14 अप्रैल तकपाताल
- शिववास
- कैलाश पर · 04:50, 14 अप्रैल तकनंदी पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक05:30 –05:37
- शुभ मुहूर्त05:37 –07:19
- मृत्यु पंचक07:19 –09:19
- अग्नि पंचक09:19 –09:37
- शुभ मुहूर्त09:37 –11:32
- राज पंचक11:32 –13:46
- शुभ मुहूर्त13:46 –15:55
- चोर पंचक15:55 –18:03
- शुभ मुहूर्त18:03 –20:15
- रोग पंचक20:15 –22:30
- शुभ मुहूर्त22:30 –00:36, 14 अप्रैल
- मृत्यु पंचक00:36 –02:24, 14 अप्रैल
- अग्नि पंचक02:24 –04:00, 14 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:00 –04:50, 14 अप्रैल
- राज पंचक04:50 –05:30, 14 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन04:04 –05:37
- मेष05:37 –07:19
- वृषभ07:19 –09:19
- मिथुन09:19 –11:32
- कर्क11:32 –13:46
- सिंह13:46 –15:55
- कन्या15:55 –18:03
- तुला18:03 –20:15
- वृश्चिक20:15 –22:30
- धनु22:30 –00:36, 14 अप्रैल
- मकर00:36 –02:24, 14 अप्रैल
- कुम्भ02:24 –04:00, 14 अप्रैल
- मीन04:00 –05:33, 14 अप्रैल
पंचांग · भुवनेश्वर, 13 अप्रैल 2022
बुधवार, 13 अप्रैल 2022 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:30 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 14 अप्रैल 04:50 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र मघा 09:37 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग गण्ड 11:14 तक, फिर वृद्धि; करण बव 17:01 तक, फिर बालव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 11:47–13:22, अभिजित मुहूर्त 11:22–12:13। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 13 अप्रैल 2022 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वादशी 14 अप्रैल 04:50 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 05:30, भुवनेश्वर)।
13 अप्रैल 2022 को कौन सा नक्षत्र है?
मघा 09:37 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 14 अप्रैल 15:54 तक।
भुवनेश्वर में 13 अप्रैल 2022 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:47–13:22, यमगण्ड 07:05–08:39, गुलिक काल 10:13–11:47।
भुवनेश्वर में 13 अप्रैल 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 14:57 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
13 अप्रैल 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:22–12:13, ब्रह्म मुहूर्त 03:59–04:45। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1683° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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