पंचांग · गुरुवार, 14 अप्रैल 2022भुवनेश्वर

चैत्र · शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2079गुरु प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:30सूर्योदय18:05सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
शुक्ल · 03:56, 15 अप्रैल तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
09:56 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3018:05
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:22 –14:56
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:30दिन18:05
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:05रात05:29
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल त्रयोदशी
    03:56, 15 अप्रैल तक
  2. शुक्ल चतुर्दशी
    02:25, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    09:56 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    09:35, 15 अप्रैल तक
योग
  1. वृद्धि
    09:51 तक
  2. ध्रुव
    07:56, 15 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    16:28 तक
  2. तैतिल
    03:56, 15 अप्रैल तक
  3. गर
    15:15, 15 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:30
बिंब मध्य 05:33
सूर्यास्त
18:05
बिंब मध्य 18:01
चंद्रोदय
15:52
चंद्रास्त
03:53
दिनमान
12h 35m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
सिंह
15:54 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:58 –04:44
  • प्रातः संध्या04:21 –05:30
  • अभिजित मुहूर्त11:22 –12:12
  • विजय मुहूर्त13:53 –14:43
  • गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:28
  • सायाह्न संध्या18:05 –19:13
  • निशीथ मुहूर्त23:24 –00:10, 15 अप्रैल
  • अमृत काल02:29 –04:04, 15 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:22 –14:56
  • यमगंड05:30 –07:04
  • गुलिक काल08:38 –10:13
  • दुर्मुहूर्त09:41 –10:32
  • दुर्मुहूर्त14:43 –15:34
  • वर्ज्य17:02 –18:36

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:30 – 07:04
  • रोगअनिष्ट07:04 – 08:38
  • उद्वेगअशुभ08:38 – 10:13
  • चरसम10:13 – 11:47
  • लाभलाभ11:47 – 13:22
  • अमृतश्रेष्ठ13:22 – 14:56
  • कालहानि14:56 – 16:30
  • शुभशुभ16:30 – 18:05
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:05 – 19:30
  • चरसम19:30 – 20:56
  • रोगअनिष्ट20:56 – 22:21
  • कालहानि22:21 – 23:47
  • लाभलाभ23:47 – 01:12
  • उद्वेगअशुभ01:12 – 02:38
  • शुभशुभ02:38 – 04:03
  • अमृतश्रेष्ठ04:03 – 05:29

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:30–06:33
मंगल06:33–07:35
सूर्य07:35–08:38
शुक्र08:38–09:41
बुध09:41–10:44
चन्द्र10:44–11:47
शनि11:47–12:50
गुरु12:50–13:53
मंगल13:53–14:56
सूर्य14:56–15:59
शुक्र15:59–17:02
बुध17:02–18:05
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:05–19:02
शनि19:02–19:59
गुरु19:59–20:56
मंगल20:56–21:53
सूर्य21:53–22:50
शुक्र22:50–23:47
बुध23:47–00:44
चन्द्र00:44–01:41
शनि01:41–02:38
गुरु02:38–03:35
मंगल03:35–04:32
सूर्य04:32–05:29

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद09:56 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद15:54 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद21:50 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 3 पद03:44, 15 अप्रैल तक
  • उत्तर फाल्गुनी 4 पद09:35, 15 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 35m
रात्रिमान
11h 24m
मध्याह्न
11:47

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 15:54 तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 09:56 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व · 15:54 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 03:56, 15 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 03:56, 15 अप्रैल तकभोजन में
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:30 –07:16
  • राज पंचक07:16 –09:15
  • शुभ मुहूर्त09:15 –09:56
  • चोर पंचक09:56 –11:28
  • शुभ मुहूर्त11:28 –13:42
  • रोग पंचक13:42 –15:51
  • शुभ मुहूर्त15:51 –17:59
  • मृत्यु पंचक17:59 –20:11
  • अग्नि पंचक20:11 –22:26
  • शुभ मुहूर्त22:26 –00:32, 15 अप्रैल
  • राज पंचक00:32 –02:20, 15 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:20 –03:56, 15 अप्रैल
  • चोर पंचक03:56 –03:56, 15 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:56 –05:29, 15 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:00 –05:33
  • मेष05:33 –07:16
  • वृषभ07:16 –09:15
  • मिथुन09:15 –11:28
  • कर्क11:28 –13:42
  • सिंह13:42 –15:51
  • कन्या15:51 –17:59
  • तुला17:59 –20:11
  • वृश्चिक20:11 –22:26
  • धनु22:26 –00:32, 15 अप्रैल
  • मकर00:32 –02:20, 15 अप्रैल
  • कुम्भ02:20 –03:56, 15 अप्रैल
  • मीन03:56 –05:29, 15 अप्रैल

पंचांग · भुवनेश्वर, 14 अप्रैल 2022

गुरुवार, 14 अप्रैल 2022 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:30 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि शुक्ल त्रयोदशी 15 अप्रैल 03:56 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 09:56 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग वृद्धि 09:51 तक, फिर ध्रुव; करण कौलव 16:28 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 13:22–14:56, अभिजित मुहूर्त 11:22–12:12। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 14 अप्रैल 2022 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल त्रयोदशी 15 अप्रैल 03:56 तक, फिर शुक्ल चतुर्दशी (सूर्योदय 05:30, भुवनेश्वर)।

14 अप्रैल 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 09:56 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 15:54 तक।

भुवनेश्वर में 14 अप्रैल 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:22–14:56, यमगण्ड 05:30–07:04, गुलिक काल 08:38–10:13।

भुवनेश्वर में 14 अप्रैल 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 15:52 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

14 अप्रैल 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:22–12:12, ब्रह्म मुहूर्त 03:58–04:44। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

14 अप्रैल 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गुरु प्रदोष।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1684° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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