एकादशी 2022

एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है — भगवान विष्णु का व्रत, महीने में दो बार, वर्ष में लगभग 24 (अधिक मास वाले वर्ष में 26)। तिथियाँ स्मार्त नियम से हैं: सूर्योदय पर एकादशी वाले दिन व्रत, और अगले दिन द्वादशी रहते पारण।

एकादशी की कथा और विधि पढ़ें

प्रश्न-उत्तर

2022 में कितनी एकादशी हैं?

24 — पहली पौष पुत्रदा एकादशी (गुरुवार, 13 जनवरी 2022), अंतिम सफला एकादशी (19 दिसंबर 2022)।

एकादशी की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?

हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।