पंचांग · मंगलवार, 12 अप्रैल 2022भुवनेश्वर

चैत्र · शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2079कामदा एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:31सूर्योदय18:04सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल एकादशी
शुक्ल · 05:02, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
अश्लेषा
08:35 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3118:04
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:56 –16:30
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:31दिन18:04
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
भद्रा
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:04रात05:30
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल एकादशी
    05:02, 13 अप्रैल तक
  2. शुक्ल द्वादशी
    04:50, 14 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    08:35 तक
  2. मघास्वामी केतु
    09:37, 13 अप्रैल तक
योग
  1. शूल
    12:03 तक
  2. गण्ड
    11:14, 13 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    16:52 तक
  2. विष्टि
    05:02, 13 अप्रैल तक
  3. बव
    17:01, 13 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:31
बिंब मध्य 05:34
सूर्यास्त
18:04
बिंब मध्य 18:00
चंद्रोदय
14:02
चंद्रास्त
02:36
दिनमान
12h 33m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
कर्क
08:35 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:00 –04:45
  • प्रातः संध्या04:22 –05:31
  • अभिजित मुहूर्त11:23 –12:13
  • विजय मुहूर्त13:53 –14:43
  • गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:27
  • सायाह्न संध्या18:04 –19:13
  • निशीथ मुहूर्त23:24 –00:10, 13 अप्रैल
  • अमृत काल06:52 –08:35
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:56 –16:30
  • यमगंड08:39 –10:14
  • गुलिक काल11:48 –13:22
  • दुर्मुहूर्त08:02 –08:52
  • दुर्मुहूर्त22:39 –23:24
  • वर्ज्य21:06 –22:46
  • गंड मूल05:31 –08:35
  • गंड मूल08:35 –05:30, 13 अप्रैल
  • भद्रा16:52 –05:02, 13 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट05:31 – 07:05
  • उद्वेगअशुभ07:05 – 08:39
  • चरसम08:39 – 10:14
  • लाभलाभ10:14 – 11:48
  • अमृतश्रेष्ठ11:48 – 13:22
  • कालहानि13:22 – 14:56
  • शुभशुभ14:56 – 16:30
  • रोगअनिष्ट16:30 – 18:04
रात
  • कालहानि18:04 – 19:30
  • लाभलाभ19:30 – 20:56
  • उद्वेगअशुभ20:56 – 22:22
  • शुभशुभ22:22 – 23:47
  • अमृतश्रेष्ठ23:47 – 01:13
  • चरसम01:13 – 02:39
  • रोगअनिष्ट02:39 – 04:05
  • कालहानि04:05 – 05:30

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल05:31–06:34
सूर्य06:34–07:37
शुक्र07:37–08:39
बुध08:39–09:42
चन्द्र09:42–10:45
शनि10:45–11:48
गुरु11:48–12:50
मंगल12:50–13:53
सूर्य13:53–14:56
शुक्र14:56–15:59
बुध15:59–17:01
चन्द्र17:01–18:04
रात
ग्रहसमय
शनि18:04–19:01
गुरु19:01–19:59
मंगल19:59–20:56
सूर्य20:56–21:53
शुक्र21:53–22:50
बुध22:50–23:47
चन्द्र23:47–00:44
शनि00:44–01:42
गुरु01:42–02:39
मंगल02:39–03:36
सूर्य03:36–04:33
शुक्र04:33–05:30

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 4 पद08:35 तक
  • मघा 1 पद14:54 तक
  • मघा 2 पद21:11 तक
  • मघा 3 पद03:25, 13 अप्रैल तक
  • मघा 4 पद09:37, 13 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 33m
रात्रिमान
11h 26m
मध्याह्न
11:48

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 08:35 तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · 08:35 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर · 08:35 तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:02, 13 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 05:02, 13 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक05:31 –05:41
  • चोर पंचक05:41 –07:23
  • शुभ मुहूर्त07:23 –08:35
  • रोग पंचक08:35 –09:23
  • शुभ मुहूर्त09:23 –11:36
  • मृत्यु पंचक11:36 –13:50
  • अग्नि पंचक13:50 –15:59
  • शुभ मुहूर्त15:59 –18:07
  • राज पंचक18:07 –20:19
  • शुभ मुहूर्त20:19 –22:34
  • चोर पंचक22:34 –00:40, 13 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:40 –02:28, 13 अप्रैल
  • रोग पंचक02:28 –04:04, 13 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:04 –05:02, 13 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक05:02 –05:30, 13 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:08 –05:41
  • मेष05:41 –07:23
  • वृषभ07:23 –09:23
  • मिथुन09:23 –11:36
  • कर्क11:36 –13:50
  • सिंह13:50 –15:59
  • कन्या15:59 –18:07
  • तुला18:07 –20:19
  • वृश्चिक20:19 –22:34
  • धनु22:34 –00:40, 13 अप्रैल
  • मकर00:40 –02:28, 13 अप्रैल
  • कुम्भ02:28 –04:04, 13 अप्रैल
  • मीन04:04 –05:37, 13 अप्रैल

पंचांग · भुवनेश्वर, 12 अप्रैल 2022

मंगलवार, 12 अप्रैल 2022 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:31 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 13 अप्रैल 05:02 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र अश्लेषा 08:35 तक, फिर मघा; योग शूल 12:03 तक, फिर गण्ड; करण वणिज 16:52 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 14:56–16:30, अभिजित मुहूर्त 11:23–12:13। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 12 अप्रैल 2022 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल एकादशी 13 अप्रैल 05:02 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 05:31, भुवनेश्वर)।

12 अप्रैल 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 08:35 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 08:35 तक।

भुवनेश्वर में 12 अप्रैल 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:56–16:30, यमगण्ड 08:39–10:14, गुलिक काल 11:48–13:22।

भुवनेश्वर में 12 अप्रैल 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 14:02 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

12 अप्रैल 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:23–12:13, ब्रह्म मुहूर्त 04:00–04:45। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

12 अप्रैल 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

कामदा एकादशी।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1683° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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