पंचक रहित मुहूर्त · जयपुर

गुरुवार, 4 नवंबर 202706:3817:42

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक06:38 –07:41
  • शुभ मुहूर्त07:41 –09:59
  • राज पंचक09:59 –12:03
  • शुभ मुहूर्त12:03 –13:47
  • चोर पंचक13:47 –15:16
  • शुभ मुहूर्त15:16 –15:24
  • रोग पंचक15:24 –16:43
  • चोर पंचक16:43 –18:20
  • शुभ मुहूर्त18:20 –20:16
  • रोग पंचक20:16 –21:38
  • शुभ मुहूर्त21:38 –22:31
  • मृत्यु पंचक22:31 –00:49, 5 नव॰
  • अग्नि पंचक00:49, 5 नव॰ –03:05, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:05, 5 नव॰ –05:19, 5 नव॰
  • राज पंचक05:19, 5 नव॰ –06:39, 5 नव॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

जयपुर में 4 नवंबर 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:42।

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