पंचांग · गुरुवार, 4 नवंबर 2027जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल षष्ठी21:38 तक
- शुक्ल सप्तमी00:09, 6 नव॰ तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र15:24 तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य18:19, 5 नव॰ तक
- धृति20:01 तक
- शूल20:53, 5 नव॰ तक
- कौलव08:31 तक
- तैतिल21:38 तक
- गर10:51, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:38बिंब मध्य 06:42
- सूर्यास्त
- 17:42बिंब मध्य 17:38
- चंद्रोदय
- 11:48
- चंद्रास्त
- 22:30
- दिनमान
- 11h 4m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- धनु22:06 तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:55 –05:47
- प्रातः संध्या05:21 –06:38
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:32
- विजय मुहूर्त14:01 –14:45
- गोधूलि मुहूर्त17:42 –18:08
- सायाह्न संध्या17:42 –19:00
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:36, 5 नव॰
- अमृत काल10:07 –11:53
- राहु काल13:33 –14:56
- यमगंड06:38 –08:01
- गुलिक काल09:24 –10:47
- दुर्मुहूर्त10:20 –11:04
- दुर्मुहूर्त14:45 –15:29
- वर्ज्य00:23 –02:10, 5 नव॰
चौघड़िया
- शुभशुभ06:38 – 08:01
- रोगअनिष्ट08:01 – 09:24
- उद्वेगअशुभ09:24 – 10:47
- चरसम10:47 – 12:10
- लाभलाभ12:10 – 13:33
- अमृतश्रेष्ठ13:33 – 14:56
- कालहानि14:56 – 16:19
- शुभशुभ16:19 – 17:42
- अमृतश्रेष्ठ17:42 – 19:19
- चरसम19:19 – 20:56
- रोगअनिष्ट20:56 – 22:34
- कालहानि22:34 – 00:11
- लाभलाभ00:11 – 01:48
- उद्वेगअशुभ01:48 – 03:25
- शुभशुभ03:25 – 05:02
- अमृतश्रेष्ठ05:02 – 06:39
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:38–07:34 |
| मंगल | 07:34–08:29 |
| सूर्य | 08:29–09:24 |
| शुक्र | 09:24–10:20 |
| बुध | 10:20–11:15 |
| चन्द्र | 11:15–12:10 |
| शनि | 12:10–13:06 |
| गुरु | 13:06–14:01 |
| मंगल | 14:01–14:56 |
| सूर्य | 14:56–15:52 |
| शुक्र | 15:52–16:47 |
| बुध | 16:47–17:42 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:42–18:47 |
| शनि | 18:47–19:52 |
| गुरु | 19:52–20:56 |
| मंगल | 20:56–22:01 |
| सूर्य | 22:01–23:06 |
| शुक्र | 23:06–00:11 |
| बुध | 00:11–01:15 |
| चन्द्र | 01:15–02:20 |
| शनि | 02:20–03:25 |
| गुरु | 03:25–04:30 |
| मंगल | 04:30–05:34 |
| सूर्य | 05:34–06:39 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद08:45 तक
- पूर्वाषाढ़ा 4 पद15:24 तक
- उत्तराषाढ़ा 1 पद22:06 तक
- उत्तराषाढ़ा 2 पद04:49, 5 नव॰ तक
- उत्तराषाढ़ा 3 पद11:34, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 4m
- रात्रिमान
- 12h 57m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पूर्व · 22:06 तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:38 तकआकाश
- शिववास
- नंदी पर · 21:38 तकभोजन में
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:38 –07:41
- शुभ मुहूर्त07:41 –09:59
- राज पंचक09:59 –12:03
- शुभ मुहूर्त12:03 –13:47
- चोर पंचक13:47 –15:16
- शुभ मुहूर्त15:16 –15:24
- रोग पंचक15:24 –16:43
- चोर पंचक16:43 –18:20
- शुभ मुहूर्त18:20 –20:16
- रोग पंचक20:16 –21:38
- शुभ मुहूर्त21:38 –22:31
- मृत्यु पंचक22:31 –00:49, 5 नव॰
- अग्नि पंचक00:49 –03:05, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त03:05 –05:19, 5 नव॰
- राज पंचक05:19 –06:39, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:23 –07:41
- वृश्चिक07:41 –09:59
- धनु09:59 –12:03
- मकर12:03 –13:47
- कुम्भ13:47 –15:16
- मीन15:16 –16:43
- मेष16:43 –18:20
- वृषभ18:20 –20:16
- मिथुन20:16 –22:31
- कर्क22:31 –00:49, 5 नव॰
- सिंह00:49 –03:05, 5 नव॰
- कन्या03:05 –05:19, 5 नव॰
- तुला05:19 –07:37, 5 नव॰
पंचांग · जयपुर, 4 नवंबर 2027
गुरुवार, 4 नवंबर 2027 को जयपुर में सूर्योदय 06:38 और सूर्यास्त 17:42 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 21:38 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 15:24 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग धृति 20:01 तक, फिर शूल; करण कौलव 08:31 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:33–14:56, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 4 नवंबर 2027 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल षष्ठी 21:38 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 06:38, जयपुर)।
4 नवंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्वाषाढ़ा 15:24 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 22:06 तक।
जयपुर में 4 नवंबर 2027 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:33–14:56, यमगण्ड 06:38–08:01, गुलिक काल 09:24–10:47।
जयपुर में 4 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:42, चंद्रोदय 11:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:55–05:47। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 नवंबर 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
छठ पूजा (संध्या अर्घ्य)।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2460° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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