पंचांग · बुधवार, 3 नवंबर 2027जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल पंचमी19:32 तक
- शुक्ल षष्ठी21:38, 4 नव॰ तक
- मूलस्वामी केतु12:57 तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र15:24, 4 नव॰ तक
- सुकर्मा19:29 तक
- धृति20:01, 4 नव॰ तक
- बव06:42 तक
- बालव19:32 तक
- कौलव08:31, 4 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:38बिंब मध्य 06:41
- सूर्यास्त
- 17:43बिंब मध्य 17:38
- चंद्रोदय
- 11:04
- चंद्रास्त
- 21:33
- दिनमान
- 11h 5m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- धनु22:06, 4 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- कार्तिक
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:54 –05:46
- प्रातः संध्या05:20 –06:38
- अभिजित मुहूर्त11:48 –12:32
- विजय मुहूर्त14:01 –14:45
- गोधूलि मुहूर्त17:43 –18:09
- सायाह्न संध्या17:43 –19:00
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:36, 4 नव॰
- अमृत काल06:03 –07:47
- राहु काल12:10 –13:33
- यमगंड08:01 –09:24
- गुलिक काल10:47 –12:10
- दुर्मुहूर्त11:48 –12:32
- वर्ज्य11:13 –12:57
- वर्ज्य23:32 –01:18, 4 नव॰
- गंड मूल06:38 –12:57
चौघड़िया
- लाभलाभ06:38 – 08:01
- अमृतश्रेष्ठ08:01 – 09:24
- कालहानि09:24 – 10:47
- शुभशुभ10:47 – 12:10
- रोगअनिष्ट12:10 – 13:33
- उद्वेगअशुभ13:33 – 14:57
- चरसम14:57 – 16:20
- लाभलाभ16:20 – 17:43
- उद्वेगअशुभ17:43 – 19:20
- शुभशुभ19:20 – 20:57
- अमृतश्रेष्ठ20:57 – 22:34
- चरसम22:34 – 00:11
- रोगअनिष्ट00:11 – 01:48
- कालहानि01:48 – 03:24
- लाभलाभ03:24 – 05:01
- उद्वेगअशुभ05:01 – 06:38
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:38–07:33 |
| चन्द्र | 07:33–08:28 |
| शनि | 08:28–09:24 |
| गुरु | 09:24–10:19 |
| मंगल | 10:19–11:15 |
| सूर्य | 11:15–12:10 |
| शुक्र | 12:10–13:06 |
| बुध | 13:06–14:01 |
| चन्द्र | 14:01–14:57 |
| शनि | 14:57–15:52 |
| गुरु | 15:52–16:47 |
| मंगल | 16:47–17:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:43–18:48 |
| शुक्र | 18:48–19:52 |
| बुध | 19:52–20:57 |
| चन्द्र | 20:57–22:01 |
| शनि | 22:01–23:06 |
| गुरु | 23:06–00:11 |
| मंगल | 00:11–01:15 |
| सूर्य | 01:15–02:20 |
| शुक्र | 02:20–03:24 |
| बुध | 03:24–04:29 |
| चन्द्र | 04:29–05:34 |
| शनि | 05:34–06:38 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 4 पद12:57 तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद19:31 तक
- पूर्वाषाढ़ा 2 पद02:07, 4 नव॰ तक
- पूर्वाषाढ़ा 3 पद08:45, 4 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 5m
- रात्रिमान
- 12h 55m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 19:32 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 19:32 तकनंदी पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक06:38 –07:45
- शुभ मुहूर्त07:45 –10:03
- मृत्यु पंचक10:03 –12:07
- अग्नि पंचक12:07 –12:57
- शुभ मुहूर्त12:57 –13:51
- राज पंचक13:51 –15:20
- शुभ मुहूर्त15:20 –18:24
- राज पंचक18:24 –19:32
- शुभ मुहूर्त19:32 –20:20
- चोर पंचक20:20 –22:34
- शुभ मुहूर्त22:34 –00:53, 4 नव॰
- रोग पंचक00:53 –03:09, 4 नव॰
- शुभ मुहूर्त03:09 –05:23, 4 नव॰
- मृत्यु पंचक05:23 –06:38, 4 नव॰
उदय लग्न
- तुला05:27 –07:45
- वृश्चिक07:45 –10:03
- धनु10:03 –12:07
- मकर12:07 –13:51
- कुम्भ13:51 –15:20
- मीन15:20 –16:47
- मेष16:47 –18:24
- वृषभ18:24 –20:20
- मिथुन20:20 –22:34
- कर्क22:34 –00:53, 4 नव॰
- सिंह00:53 –03:09, 4 नव॰
- कन्या03:09 –05:23, 4 नव॰
- तुला05:23 –07:41, 4 नव॰
पंचांग · जयपुर, 3 नवंबर 2027
बुधवार, 3 नवंबर 2027 को जयपुर में सूर्योदय 06:38 और सूर्यास्त 17:43 पर है। तिथि शुक्ल पंचमी 19:32 तक, फिर शुक्ल षष्ठी; नक्षत्र मूल 12:57 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग सुकर्मा 19:29 तक, फिर धृति; करण बव 06:42 तक, फिर बालव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:10–13:33, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 3 नवंबर 2027 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल पंचमी 19:32 तक, फिर शुक्ल षष्ठी (सूर्योदय 06:38, जयपुर)।
3 नवंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 12:57 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 4 नवंबर 22:06 तक।
जयपुर में 3 नवंबर 2027 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:10–13:33, यमगण्ड 08:01–09:24, गुलिक काल 10:47–12:10।
जयपुर में 3 नवंबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:43, चंद्रोदय 11:04 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 नवंबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:54–05:46। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2460° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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