गौरी पंचांगम · वाराणसी
बुधवार, 2 अप्रैल 203105:4918:15
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:49
- लाभम्लाभ05:49 –07:22
- धनम्धन07:22 –08:56
- सुगम्शुभ08:56 –10:29
- सोरम्अशुभ10:29 –12:02
- विषम्अशुभ12:02 –13:35राहुकाल
- उथिशुभ13:35 –15:08
- अमिर्दाश्रेष्ठ15:08 –16:42
- रोगम्अनिष्ट16:42 –18:15
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:15
- उथिशुभ18:15 –19:42
- अमिर्दाश्रेष्ठ19:42 –21:08
- रोगम्अनिष्ट21:08 –22:35
- लाभम्लाभ22:35 –00:01, 3 अप्रैल
- धनम्धन00:01, 3 अप्रैल –01:28, 3 अप्रैल
- सुगम्शुभ01:28, 3 अप्रैल –02:55, 3 अप्रैल
- सोरम्अशुभ02:55, 3 अप्रैल –04:21, 3 अप्रैल
- विषम्अशुभ04:21, 3 अप्रैल –05:48, 3 अप्रैल
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 2 अप्रैल 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:15।