गौरी पंचांगम · जयपुर

शुक्रवार, 30 अक्टूबर 202606:3517:46

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:35
  • सुगम्शुभ06:35 –07:59
  • सोरम्अशुभ07:59 –09:23
  • उथिशुभ09:23 –10:47
  • विषम्अशुभ10:47 –12:10राहुकाल
  • अमिर्दाश्रेष्ठ12:10 –13:34
  • रोगम्अनिष्ट13:34 –14:58
  • लाभम्लाभ14:58 –16:22
  • धनम्धन16:22 –17:46
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:46
  • रोगम्अनिष्ट17:46 –19:22
  • लाभम्लाभ19:22 –20:58
  • धनम्धन20:58 –22:34
  • सुगम्शुभ22:34 –00:11, 31 अक्टू॰
  • सोरम्अशुभ00:11, 31 अक्टू॰ –01:47, 31 अक्टू॰
  • उथिशुभ01:47, 31 अक्टू॰ –03:23, 31 अक्टू॰
  • विषम्अशुभ03:23, 31 अक्टू॰ –04:59, 31 अक्टू॰
  • अमिर्दाश्रेष्ठ04:59, 31 अक्टू॰ –06:36, 31 अक्टू॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

जयपुर में 30 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:35, सूर्यास्त 17:46।

गौरी पंचांगम — अन्य शहर