पंचक रहित मुहूर्त · वाराणसी

बुधवार, 2 अप्रैल 203105:4918:15

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:49 –08:07
  • चोर पंचक08:07 –10:04
  • शुभ मुहूर्त10:04 –12:18
  • रोग पंचक12:18 –14:36
  • शुभ मुहूर्त14:36 –16:50
  • मृत्यु पंचक16:50 –19:03
  • अग्नि पंचक19:03 –19:47
  • शुभ मुहूर्त19:47 –21:19
  • राज पंचक21:19 –23:24
  • शुभ मुहूर्त23:24 –23:36
  • चोर पंचक23:36 –01:41, 3 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:41, 3 अप्रैल –03:26, 3 अप्रैल
  • रोग पंचक03:26, 3 अप्रैल –04:57, 3 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:57, 3 अप्रैल –05:48, 3 अप्रैल

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

वाराणसी में 2 अप्रैल 2031 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:49, सूर्यास्त 18:15।

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