गौरी पंचांगम · वाराणसी
सोमवार, 31 मार्च 203105:5118:14
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:51
- अमिर्दाश्रेष्ठ05:51 –07:24
- विषम्अशुभ07:24 –08:57राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट08:57 –10:30
- लाभम्लाभ10:30 –12:03
- धनम्धन12:03 –13:35
- सुगम्शुभ13:35 –15:08
- सोरम्अशुभ15:08 –16:41
- उथिशुभ16:41 –18:14
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:14
- सुगम्शुभ18:14 –19:41
- सोरम्अशुभ19:41 –21:08
- उथिशुभ21:08 –22:35
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:35 –00:02, 1 अप्रैल
- विषम्अशुभ00:02, 1 अप्रैल –01:29, 1 अप्रैल
- रोगम्अनिष्ट01:29, 1 अप्रैल –02:56, 1 अप्रैल
- लाभम्लाभ02:56, 1 अप्रैल –04:23, 1 अप्रैल
- धनम्धन04:23, 1 अप्रैल –05:50, 1 अप्रैल
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 31 मार्च 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 18:14।