गौरी पंचांगम · वाराणसी

मंगलवार, 4 फ़रवरी 203106:4017:44

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:40
  • रोगम्अनिष्ट06:40 –08:03
  • लाभम्लाभ08:03 –09:26
  • धनम्धन09:26 –10:49
  • सुगम्शुभ10:49 –12:12
  • सोरम्अशुभ12:12 –13:35
  • उथिशुभ13:35 –14:58
  • विषम्अशुभ14:58 –16:21राहुकाल
  • अमिर्दाश्रेष्ठ16:21 –17:44
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:44
  • सोरम्अशुभ17:44 –19:21
  • उथिशुभ19:21 –20:58
  • विषम्अशुभ20:58 –22:35
  • अमिर्दाश्रेष्ठ22:35 –00:12, 5 फ़र॰
  • रोगम्अनिष्ट00:12, 5 फ़र॰ –01:49, 5 फ़र॰
  • लाभम्लाभ01:49, 5 फ़र॰ –03:26, 5 फ़र॰
  • धनम्धन03:26, 5 फ़र॰ –05:02, 5 फ़र॰
  • सुगम्शुभ05:02, 5 फ़र॰ –06:39, 5 फ़र॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

वाराणसी में 4 फ़रवरी 2031 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 17:44।

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