अच्छा दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज वृश्चिक राशि में है — वृश्चिक से पहले भाव में (शुभ भाव, पर वेध से बाधित)। चीज़ें आपके पक्ष में जाने लगती हैं।
ग्रन्थ क्या कहता है
भाग्य का उदय।
Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 12 (Ojha p.630 / PDF 631)
22:44 से चन्द्रमा धनु राशि में, आपके दूसरे भाव में: बेचैन दिन: घर में खटपट, आँखों पर जोर या हल्की बीमारी, काम बिगड़ते हैं और पढ़ाई व्यर्थ लगती है।
ग्रन्थ क्या कहता है
मानसिक असन्तोष देता है; कुटुम्ब वालों से नहीं बनती; नेत्र कष्ट या कोई अन्य रोग; साधारण भोजन और थोड़ा सुख; कार्यों में असफलता; बुरे कर्मों की ओर झुकाव और अध्ययन में अरुचि।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.13, lines 345-348)
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ
मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★★★☆सहायक चन्द्र (पहले भाव), गुरु (नौवें भाव), सूर्य (ग्यारहवें भाव), बुध (ग्यारहवें भाव)
बाधक शनि (पाँचवें भाव), मंगल (आठवें भाव), केतु (दसवें भाव)
धन
★★★★☆सहायक चन्द्र (पहले भाव), गुरु (नौवें भाव), सूर्य (ग्यारहवें भाव), बुध (ग्यारहवें भाव), शुक्र (बारहवें भाव)
बाधक शनि (पाँचवें भाव), मंगल (आठवें भाव)
प्रेम व परिवार
★★★★☆सहायक चन्द्र (पहले भाव), गुरु (नौवें भाव), सूर्य (ग्यारहवें भाव), बुध (ग्यारहवें भाव), शुक्र (बारहवें भाव)
बाधक शनि (पाँचवें भाव), राहु (चौथे भाव), केतु (दसवें भाव)
स्वास्थ्य
★★★★☆सहायक चन्द्र (पहले भाव), सूर्य (ग्यारहवें भाव), बुध (ग्यारहवें भाव)
बाधक शनि (पाँचवें भाव), मंगल (आठवें भाव), केतु (दसवें भाव)
आज का शुभ
- रंग
- सफ़ेद
- अंक
- 2
- दिशा
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- शुभ समय (अभिजित)
- 11:51–12:40
- टालें (राहु काल)
- 10:43–12:15
चन्द्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- विशाखा में जन्म (चरण 4): विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें; 22:44 तक) फिर क्षेम (कल्याण: शुभ)
- अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ; 22:44 तक) फिर विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें)
- ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें; 22:44 तक) फिर सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ)
इस महीने और इस वर्ष
| ग्रह | राशि और भाव | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके पाँचवें भाव में (वक्री)29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके नौवें भाव में2 जून 2026 से 31 अक्टू॰ 2026 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
भाग्य उठता है: मान और पद, सन्तान से लाभ, भाई-बहनों का सहयोग और सामान्यतः सफलता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन वृद्धि होती है, पुत्र-जन्म का उत्सव होता है; भाग्य में स्पष्ट उन्नति; सन्तान से लाभ; राज्य से मान और पद; हर कार्य में सफलता; भाइयों से सुख और सहायता; धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 9th from the natal Moon (p.20, lines 642-645) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके चौथे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैशोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | सिंह में — आपके दसवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
चिन्ता भरा, दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और शोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | मिथुन में — आपके आठवें भाव में2 अग॰ 2026 से 18 सित॰ 2026 तकअशुभ | |
चोट या बुखार, धन की हानि और प्रतिष्ठा को ठेस। ग्रन्थ क्या कहता हैज्वर, चोट या घाव से पीड़ा, धन की हानि, मान की हानि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632) | ||
| सूर्य | कन्या में — आपके ग्यारहवें भाव में17 सित॰ 2026 से 17 अक्टू॰ 2026 तकशुभ | |
आय बढ़ती है, नया पद या पदोन्नति, स्वास्थ्य ठीक रहता है, और पिता या वरिष्ठ साथ देते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन-प्राप्ति, उत्तम भोजन, नवीन पद और बड़ों की कृपा; अच्छा स्वास्थ्य; आध्यात्मिक और शुभ कार्य होते हैं; स्वभाव की पवित्रता बढ़ती है; राज्य की कृपा; पदोन्नति का समय तथा पिता और बड़ों के द्वारा लाभ। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 11th from the natal Moon (p.11, lines 283-287) | ||
| शुक्र | तुला में — आपके बारहवें भाव में2 सित॰ 2026 से 6 नव॰ 2026 तकशुभ | |
धन और सुविधाएँ आती हैं, पर बाद में हानि होती है, प्रायः वस्त्र या कपड़े के व्यापार में। ग्रन्थ क्या कहता हैजातक को मित्र, धन, अन्न और भोग के साधन प्राप्त होते हैं; यद्यपि उसका धन बढ़ता है, अन्ततोगत्वा उसे कपड़े के व्यापार में हानि उठानी पड़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 12th from the natal Moon (p.22, lines 739-741) | ||
| बुध | कन्या में — आपके ग्यारहवें भाव में7 सित॰ 2026 से 26 सित॰ 2026 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
स्वास्थ्य, आय और प्रतिष्ठा सब सुधरते हैं, और सन्तान की आशा हो सकती है। ग्रन्थ क्या कहता हैस्वास्थ्य, सुख, यश और धन उत्तम रहते हैं और आनन्द देते हैं; सन्तान की सम्भावना; शुभ कार्यों की ओर झुकाव बढ़ता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 11th from the natal Moon (p.18, lines 571-573) | ||
आज का उपाय
आज मंगल को शान्त करें।
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
108 बार जप करें
पूजा: हनुमान जी · वार: मंगलवार · पढ़ें: हनुमान चालीसा
शुक्रवार · तिथि शुक्ल सप्तमी · नक्षत्र ज्येष्ठा · सूर्योदय 06:07 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →
अन्य राशियाँ
यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल →वृश्चिक मासिक राशिफल →वृश्चिक राशिफल 2026 →वृश्चिक राशिफल 2027 →
प्रश्न
18 सितंबर 2026 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?
अच्छा दिन (4/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से पहले भाव में है। चीज़ें आपके पक्ष में जाने लगती हैं।
वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग सफ़ेद, शुभ अंक 2, शुभ दिशा वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (चन्द्र शुभ भाव में)।
वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।
क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।