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वृश्चिक राशिफल

शनिवार, 2 मई 2026 · Scorpio Horoscope

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★★☆☆☆

सावधानी का दिन

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आज का चन्द्रमा

चन्द्रमा आज तुला राशि में है — वृश्चिक से बारहवें भाव में (अशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत)। धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

शारीरिक कष्ट, विशेषकर नेत्र रोग का भय; धन और मान की हानि; सन्तान से सहयोग नहीं; बढ़ती चिन्ताएँ; भारी व्यय। वाराही संहिता के अनुसार यहाँ का चन्द्रमा व्यक्ति से मतवाले बैल जैसा आचरण कराता है, जो हानिकारक कार्यों में अपनी शक्ति नष्ट करता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 12th from the natal Moon (p.14, lines 403-409)

00:29 (अगले दिन) से चन्द्रमा वृश्चिक राशि में, आपके पहले भाव में: चीज़ें आपके पक्ष में जाने लगती हैं।

ग्रन्थ क्या कहता है

भाग्य का उदय।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 12 (Ojha p.630 / PDF 631)

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।

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मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।

करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

करियर व कार्य

★★★☆☆

सहायक सूर्य (छठे भाव), बुध (छठे भाव)

बाधक चन्द्र (बारहवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), केतु (दसवें भाव)

धन

★★☆☆☆

सहायक बुध (छठे भाव)

बाधक चन्द्र (बारहवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), शुक्र (सातवें भाव)

प्रेम व परिवार

★★☆☆☆

सहायक सूर्य (छठे भाव), बुध (छठे भाव)

बाधक चन्द्र (बारहवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), शुक्र (सातवें भाव), राहु (चौथे भाव), केतु (दसवें भाव)

स्वास्थ्य

★★★☆☆

सहायक सूर्य (छठे भाव)

बाधक चन्द्र (बारहवें भाव), गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), शुक्र (सातवें भाव), केतु (दसवें भाव)

आज का शुभ

रंग
हरा
अंक
5
दिशा
उत्तर
शुभ समय (अभिजित)
11:52–12:45
टालें (राहु काल)
08:59–10:39

बुध से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।

आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा

एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:

  • विशाखा में जन्म (चरण 4): जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें)
  • अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ)
  • ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): मित्र (मित्र: शुभ)

इस महीने और इस वर्ष

ग्रहराशि और भाव
शनिमीन में — आपके पाँचवें भाव में29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकअशुभ

व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637)

गुरुमिथुन में — आपके आठवें भाव में5 दिस॰ 2025 से 2 जून 2026 तकअशुभ

कठिन वर्ष: नौकरी और धन खतरे में, बीमारी और कानूनी परेशानी, कठोर शब्दों से सद्भाव की हानि, और कष्टदायक यात्रा।

ग्रन्थ क्या कहता है

बन्धन, शोक, रोग तथा चोरों और राज्य की ओर से कष्ट; कठोर वाणी से जातक तिरस्कार पाता है; उसकी कान्ति मन्द पड़ती है; बात नौकरी छूटने तक पहुँच जाती है; धन और व्यापार में भारी हानि; शारीरिक कष्ट बढ़ता है; अपने ही देश में कष्टदायक लम्बी यात्रा; सन्तान का विरोध।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 8th from the natal Moon (p.20, lines 635-640)

राहुकुम्भ में — आपके चौथे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ

दुःखी समय।

ग्रन्थ क्या कहता है

शोक।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638)

केतुसिंह में — आपके दसवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ

चिन्ता भरा, दुःखी समय।

ग्रन्थ क्या कहता है

भय और शोक।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641)

मंगलमीन में — आपके पाँचवें भाव में2 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तकअशुभ

बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी।

ग्रन्थ क्या कहता है

ज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632)

सूर्यमेष में — आपके छठे भाव में14 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित

काम पूरे होते हैं, प्रतिद्वन्द्वी पीछे हटते हैं, स्वास्थ्य सुधरता है और अधिकारी या वरिष्ठ उपयोगी सिद्ध होते हैं।

ग्रन्थ क्या कहता है

कार्यसिद्धि और सुख की प्राप्ति होती है; अन्न-वस्त्र का लाभ; शत्रुओं पर विजय; रोगों का नाश; अधिकारियों से लाभ; व्यक्तिगत प्रभाव बढ़ता है; शोक और मोह दूर होते हैं तथा मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 6th from the natal Moon (p.10, lines 251-255)

शुक्रवृषभ में — आपके सातवें भाव में19 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तकअशुभ

कोई सम्बन्ध परेशानी का कारण बनता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

किसी स्त्री के कारण कष्ट।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 21 (Ojha p.634-635 / PDF 636)

बुधमेष में — आपके छठे भाव में30 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तकशुभ

सुखद और सम्मानित समय: प्रतिद्वन्द्वी पराजित, अच्छी कमाई, और लेखन या कला में पहचान।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन, अन्न और उत्तम वस्त्रों का सुख होता है; अच्छी और मनोरंजक पुस्तकें पढ़ने का अवसर; शत्रुओं पर विजय; सब लोग सम्मान करते हैं; भरपूर शारीरिक और मानसिक सुख; लेखन और संगीत कलाओं में यश।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 6th from the natal Moon (p.17, lines 538-547)

आज का उपाय

आज गुरु को शान्त करें।

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

108 बार जप करें

पूजा: बृहस्पति देव (विष्णु) · वार: गुरुवार · पढ़ें: बृहस्पतिवार व्रत कथा

शनिवार · तिथि कृष्ण प्रतिपदा · नक्षत्र विशाखा · सूर्योदय 05:40 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →

अन्य राशियाँ

यह राशिफल कैसे बना

आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।

नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →

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प्रश्न

2 मई 2026 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?

सावधानी का दिन (2/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से बारहवें भाव में है। धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।

वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?

शुभ रंग हरा, शुभ अंक 5, शुभ दिशा उत्तर (बुध शुभ भाव में)।

वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।

क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।