सावधानी का दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज वृश्चिक राशि में है — वृश्चिक से पहले भाव में (शुभ भाव, पर वेध से बाधित)। चीज़ें आपके पक्ष में जाने लगती हैं।
ग्रन्थ क्या कहता है
भाग्य का उदय।
Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 12 (Ojha p.630 / PDF 631)
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★☆☆☆सहायक चन्द्र (पहले भाव), बुध (चौथे भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), शुक्र (छठे भाव), केतु (दसवें भाव)
धन
★★★☆☆सहायक चन्द्र (पहले भाव), बुध (चौथे भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), शुक्र (छठे भाव)
प्रेम व परिवार
★★★☆☆सहायक चन्द्र (पहले भाव), बुध (चौथे भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), शुक्र (छठे भाव), राहु (चौथे भाव), केतु (दसवें भाव)
स्वास्थ्य
★★☆☆☆सहायक चन्द्र (पहले भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), शुक्र (छठे भाव), केतु (दसवें भाव)
आज का शुभ
- रंग
- सफ़ेद
- अंक
- 2
- दिशा
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- शुभ समय (अभिजित)
- 11:59–12:49
- टालें (राहु काल)
- 07:40–09:15
चन्द्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- विशाखा में जन्म (चरण 4): सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ; 02:56 (अगले दिन) तक) फिर विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें)
- अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें; 02:56 (अगले दिन) तक) फिर सम्पत् (सम्पत्ति: धन के काम शुभ)
- ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): परम मित्र (परम मित्र: अति शुभ; 02:56 (अगले दिन) तक) फिर जन्म (अपना नक्षत्र: नियमित काम करें)
इस महीने और इस वर्ष
| ग्रह | राशि और भाव | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके पाँचवें भाव में29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकअशुभ | |
व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | मिथुन में — आपके आठवें भाव में5 दिस॰ 2025 से 2 जून 2026 तकअशुभ | |
कठिन वर्ष: नौकरी और धन खतरे में, बीमारी और कानूनी परेशानी, कठोर शब्दों से सद्भाव की हानि, और कष्टदायक यात्रा। ग्रन्थ क्या कहता हैबन्धन, शोक, रोग तथा चोरों और राज्य की ओर से कष्ट; कठोर वाणी से जातक तिरस्कार पाता है; उसकी कान्ति मन्द पड़ती है; बात नौकरी छूटने तक पहुँच जाती है; धन और व्यापार में भारी हानि; शारीरिक कष्ट बढ़ता है; अपने ही देश में कष्टदायक लम्बी यात्रा; सन्तान का विरोध। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 8th from the natal Moon (p.20, lines 635-640) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके चौथे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैशोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | सिंह में — आपके दसवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
चिन्ता भरा, दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और शोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | मीन में — आपके पाँचवें भाव में2 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तकअशुभ | |
बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी। ग्रन्थ क्या कहता हैज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632) | ||
| सूर्य | मीन में — आपके पाँचवें भाव में15 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तकअशुभ | |
विचारों में उलझन और ऊर्जा की कमी, धन की हानि, सन्तान अस्वस्थ, अधिकारियों से अनबन, यात्रा में जोखिम। ग्रन्थ क्या कहता हैविशेषतया मानसिक भ्रम उत्पन्न होता है; शारीरिक और मानसिक बल घटता है; धन की हानि; जातक और उसकी सन्तान को रोग; अधिकारियों से विवाद बढ़ते हैं; यात्रा में दुर्घटना; जातक स्वयं को दुखी अनुभव करता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 5th from the natal Moon (p.10, lines 246-249) | ||
| शुक्र | मेष में — आपके छठे भाव में26 मार्च 2026 से 19 अप्रैल 2026 तकअशुभ | |
प्रतिद्वन्द्वी भारी पड़ते हैं और समझौता करना पड़ता है; साझेदारों से झगड़े, यात्रा में जोखिम, दाम्पत्य में ठण्डापन। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और उनकी विजय होती है, और जातक को उनसे समझौता करने पर विवश होना पड़ता है; व्यापारिक साझेदारों से झगड़े; यात्रा में दुर्घटना से हानि; पत्नी विमुख हो जाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 6th from the natal Moon (p.22, lines 706-709) | ||
| बुध | कुम्भ में — आपके चौथे भाव में3 फ़र॰ 2026 से 11 अप्रैल 2026 तकशुभ | |
धन और सम्पत्ति का लाभ, घर में सहज समय, और प्रतिष्ठित लोगों से उपयोगी मित्रता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की प्राप्ति होती है; माता को सुख मिलता है; भूमि और सम्पत्ति में वृद्धि; विद्वानों, सज्जनों और उच्च पद वाले लोगों से मित्रता बढ़ती है; घरेलू जीवन भी सुखी रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 4th from the natal Moon (p.17, lines 528-531) | ||
आज का उपाय
आज गुरु को शान्त करें।
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
108 बार जप करें
पूजा: बृहस्पति देव (विष्णु) · वार: गुरुवार · पढ़ें: बृहस्पतिवार व्रत कथा
सोमवार · तिथि कृष्ण चतुर्थी · नक्षत्र अनुराधा · सूर्योदय 06:06 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →
अन्य राशियाँ
यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
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प्रश्न
6 अप्रैल 2026 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?
सावधानी का दिन (2/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से पहले भाव में है। चीज़ें आपके पक्ष में जाने लगती हैं।
वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग सफ़ेद, शुभ अंक 2, शुभ दिशा वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (चन्द्र शुभ भाव में)।
वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।
क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।