सावधानी का दिन
आज का चन्द्रमा
चन्द्रमा आज सिंह राशि में है — वृश्चिक से दसवें भाव में (शुभ भाव, पर वेध से बाधित)। कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
ग्रन्थ क्या कहता है
अभीष्ट कार्य की सिद्धि होती है और सब कुछ सहजता से पूरा होता है; अच्छा स्वास्थ्य; राज्य से धन और मान; नौकरी में पदोन्नति; अधिकारी प्रसन्न रहते हैं; घर में अच्छा सुख।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 10th from the natal Moon (p.14, lines 392-395)
21:32 से चन्द्रमा कन्या राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में: आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।
ग्रन्थ क्या कहता है
मनुष्य की आय में वृद्धि होती है और व्यापार में अच्छा लाभ; सन्तान से सुख; समय पर अच्छा भोजन; मित्रों के साथ हँसी-मज़ाक और पत्नी के साथ आनन्द में समय बीतता है; प्रसन्न मन महत्त्वाकांक्षाओं की पूर्ति की ओर बढ़ता है; स्त्रियों से और तरल पदार्थों से लाभ।
Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 11th from the natal Moon (p.14, lines 397-401)
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।
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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
करियर व कार्य
★★★☆☆सहायक चन्द्र (दसवें भाव), बुध (चौथे भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), शुक्र (छठे भाव), केतु (दसवें भाव)
धन
★★☆☆☆सहायक चन्द्र (दसवें भाव), बुध (चौथे भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), मंगल (चौथे भाव), शुक्र (छठे भाव)
प्रेम व परिवार
★★★☆☆सहायक चन्द्र (दसवें भाव), बुध (चौथे भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), मंगल (चौथे भाव), शुक्र (छठे भाव), राहु (चौथे भाव), केतु (दसवें भाव)
स्वास्थ्य
★★☆☆☆सहायक चन्द्र (दसवें भाव)
बाधक गुरु (आठवें भाव), शनि (पाँचवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), मंगल (चौथे भाव), शुक्र (छठे भाव), केतु (दसवें भाव)
आज का शुभ
- रंग
- सफ़ेद
- अंक
- 2
- दिशा
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- शुभ समय (अभिजित)
- 12:01–12:50
- टालें (राहु काल)
- 15:32–17:05
चन्द्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।
आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा
एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:
- विशाखा में जन्म (चरण 4): प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें; 15:20 तक) फिर साधक (सिद्धि: प्रयास सफल)
- अनुराधा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): क्षेम (कल्याण: शुभ; 15:20 तक) फिर प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें)
- ज्येष्ठा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): विपत् (विपत्ति: नया आरम्भ न करें; 15:20 तक) फिर क्षेम (कल्याण: शुभ)
इस महीने और इस वर्ष
| ग्रह | राशि और भाव | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके पाँचवें भाव में29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकअशुभ | |
व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | मिथुन में — आपके आठवें भाव में5 दिस॰ 2025 से 2 जून 2026 तकअशुभ | |
कठिन वर्ष: नौकरी और धन खतरे में, बीमारी और कानूनी परेशानी, कठोर शब्दों से सद्भाव की हानि, और कष्टदायक यात्रा। ग्रन्थ क्या कहता हैबन्धन, शोक, रोग तथा चोरों और राज्य की ओर से कष्ट; कठोर वाणी से जातक तिरस्कार पाता है; उसकी कान्ति मन्द पड़ती है; बात नौकरी छूटने तक पहुँच जाती है; धन और व्यापार में भारी हानि; शारीरिक कष्ट बढ़ता है; अपने ही देश में कष्टदायक लम्बी यात्रा; सन्तान का विरोध। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 8th from the natal Moon (p.20, lines 635-640) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके चौथे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैशोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) | ||
| केतु | सिंह में — आपके दसवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ | |
चिन्ता भरा, दुःखी समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और शोक। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | कुम्भ में — आपके चौथे भाव में23 फ़र॰ 2026 से 2 अप्रैल 2026 तकअशुभ | |
घर और सम्पत्ति विवाद का मैदान बन जाते हैं, माता का स्वास्थ्य प्रभावित होता है, और जातक क्रोधी व भयभीत हो जाता है। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और स्वजनों द्वारा विरोध होता है; धन और वस्तुओं की कमी; भूमि और सम्पत्ति की बार-बार समस्याएँ; घरेलू सुख में कमी; ज्वर, छाती के रोग और रक्त विकार; सम्मान की हानि, सामान्य विरोध, माता को कष्ट, और मन हिंसक, क्रूर तथा भयभीत हो जाता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 4th from the natal Moon (p.15, lines 441-447) | ||
| सूर्य | मीन में — आपके पाँचवें भाव में15 मार्च 2026 से 14 अप्रैल 2026 तकअशुभ | |
विचारों में उलझन और ऊर्जा की कमी, धन की हानि, सन्तान अस्वस्थ, अधिकारियों से अनबन, यात्रा में जोखिम। ग्रन्थ क्या कहता हैविशेषतया मानसिक भ्रम उत्पन्न होता है; शारीरिक और मानसिक बल घटता है; धन की हानि; जातक और उसकी सन्तान को रोग; अधिकारियों से विवाद बढ़ते हैं; यात्रा में दुर्घटना; जातक स्वयं को दुखी अनुभव करता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 5th from the natal Moon (p.10, lines 246-249) | ||
| शुक्र | मेष में — आपके छठे भाव में26 मार्च 2026 से 19 अप्रैल 2026 तकअशुभ | |
प्रतिद्वन्द्वी भारी पड़ते हैं और समझौता करना पड़ता है; साझेदारों से झगड़े, यात्रा में जोखिम, दाम्पत्य में ठण्डापन। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और उनकी विजय होती है, और जातक को उनसे समझौता करने पर विवश होना पड़ता है; व्यापारिक साझेदारों से झगड़े; यात्रा में दुर्घटना से हानि; पत्नी विमुख हो जाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 6th from the natal Moon (p.22, lines 706-709) | ||
| बुध | कुम्भ में — आपके चौथे भाव में3 फ़र॰ 2026 से 11 अप्रैल 2026 तकशुभ | |
धन और सम्पत्ति का लाभ, घर में सहज समय, और प्रतिष्ठित लोगों से उपयोगी मित्रता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की प्राप्ति होती है; माता को सुख मिलता है; भूमि और सम्पत्ति में वृद्धि; विद्वानों, सज्जनों और उच्च पद वाले लोगों से मित्रता बढ़ती है; घरेलू जीवन भी सुखी रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 4th from the natal Moon (p.17, lines 528-531) | ||
आज का उपाय
आज गुरु को शान्त करें।
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
108 बार जप करें
पूजा: बृहस्पति देव (विष्णु) · वार: गुरुवार · पढ़ें: बृहस्पतिवार व्रत कथा
मंगलवार · तिथि शुक्ल त्रयोदशी · नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी · सूर्योदय 06:13 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →
अन्य राशियाँ
यह राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।
नाम अक्षर: तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
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प्रश्न
31 मार्च 2026 को वृश्चिक राशि का दिन कैसा है?
सावधानी का दिन (2/5)। चन्द्रमा वृश्चिक से दसवें भाव में है। कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
वृश्चिक राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?
शुभ रंग सफ़ेद, शुभ अंक 2, शुभ दिशा वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (चन्द्र शुभ भाव में)।
वृश्चिक राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?
तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू। स्वामी ग्रह मंगल।
क्या वृश्चिक राशि पर साढ़े साती या ढैय्या है?
शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।