सावधानी का सप्ताह
31 मई – 6 जून 2027 मेष राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 2 जून, 6 जून। सावधानी: 4 जून, 5 जून। सहायक: शुक्र और राहु। बाधक: मंगल और सूर्य।
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| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 31 मई | ★★☆☆☆ | बारहवें भाव में |
| मंगलवार, 1 जून | ★★☆☆☆ | बारहवें भाव में |
| बुधवार, 2 जून | ★★★☆☆ | पहले भाव में |
| गुरुवार, 3 जून | ★★★☆☆ | पहले भाव में |
| शुक्रवार, 4 जून | ★☆☆☆☆ | दूसरे भाव में |
| शनिवार, 5 जून | ★☆☆☆☆ | दूसरे भाव में |
| रविवार, 6 जून | ★★★★☆ | तीसरे भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
31 मई से 1 जून तक · बारहवें भाव में कठिन भाव
धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।
12:49 तक
2 जून से 3 जून तक · पहले भाव में शुभ भाव
चीज़ें आपके पक्ष में जाने लगती हैं।
16:37 तक
4 जून से 5 जून तक · दूसरे भाव में कठिन भाव
बेचैन दिन: घर में खटपट, आँखों पर जोर या हल्की बीमारी, काम बिगड़ते हैं और पढ़ाई व्यर्थ लगती है।
17:50 तक
6 जून · तीसरे भाव में शुभ भाव
उजला दिन: धन आता है, स्वास्थ्य और मन अच्छे रहते हैं, सम्पर्क और सम्बन्धी सहायता करते हैं।
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके बारहवें भाव में31 मई से 3 जून तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
कठोर परिश्रम जो कहीं नहीं पहुँचता, विरोधियों के कारण धन हानि, और घर में बीमारी। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यर्थ श्रम - निरर्थक कार्य में लगा प्रयत्न जिसमें सफलता नहीं; शत्रुओं के द्वारा धन की हानि; पत्नी और सन्तान को रोग। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| शनि | मेष में — आपके पहले भाव में3 जून से 6 जून तकअशुभ | |
घिसाने वाला समय: विवेक धुंधला, स्वास्थ्य और धन में गिरावट, मित्र और घर छूटना, और सार्वजनिक अपमान। ग्रन्थ क्या कहता हैबुद्धि काम नहीं करती; शरीर निस्तेज रहता है; मानसिक और शारीरिक पीड़ा; भाइयों और पत्नी से झगड़े; शस्त्र और पत्थर से चोट का भय; दूर स्थानों की यात्राएँ; मित्र और घर छूट जाते हैं; हर कार्य में असफलता; अपमान और कभी-कभी राज्य द्वारा बन्धन का भय; आर्थिक स्थिति में तीव्र गिरावट। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 1st from the natal Moon (p.23, lines 753-758) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके चौथे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
बेचैन और अस्थिर: घर से दूर, सम्पत्ति और परिवार से आनन्द नहीं, और सरकारी मामले चिन्ता देते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैमन में अशान्ति रहती है; धन तथा कान्ति की हानि; शत्रुओं के बढ़ने से कष्ट; जातक को अपने जन्म-स्थान से दूर जाना पड़ता है; भूमि, सम्पत्ति या कुटुम्बीजनों से सुख नहीं; राज्य की ओर से नाना प्रकार के भय निरन्तर बने रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 4th from the natal Moon (p.19, lines 607-610) | ||
| राहु | मकर में — आपके दसवें भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
आपको लाभ होता है। ग्रन्थ क्या कहता हैलाभ। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार गंगादि तीर्थों में स्नान का अवसर आता है; दान करने की इच्छा होती है; मान में अकस्मात् वृद्धि; कार्य सफल होते हैं - परन्तु शत्रु भी उत्पन्न होते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 10th from the natal Moon (p.27, lines 961-963) | ||
| केतु | कर्क में — आपके चौथे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
चिन्ता और कठिनाई का समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और कष्ट। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 4 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार सुख व मान की वृद्धि करता है, जातक को शुभ कार्यों और तीर्थ-स्नान की ओर प्रवृत्त करता है; अकस्मात् भूमि-लाभ भी सम्भव है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 4th from the natal Moon (p.28, lines 992-994) | ||
| मंगल | सिंह में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी। ग्रन्थ क्या कहता हैज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632) | ||
| सूर्य | वृषभ में — आपके दूसरे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
बुरी संगत और चालाकी भरा व्यवहार, सिरदर्द और आँखों पर जोर, व्यापार में धन की चिन्ता, मित्रों और सम्बन्धियों से झगड़े। ग्रन्थ क्या कहता हैदुष्ट और बुरे लोगों से मुलाकात होती है और अपना आचरण भी कुटिल हो जाता है; सिर और नेत्रों में पीड़ा; व्यापार और सम्पत्ति में हानि का भय; मित्रों और सम्बन्धियों से विवाद; पूरा मास बिना सुख के बीतता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.10, lines 227-231) | ||
| शुक्र | मेष में — आपके पहले भाव में31 मई से 4 जून तकशुभ | |
आनन्ददायक, समृद्ध समय: धन, प्रेम या विवाह, पढ़ाई में सफलता और सौन्दर्य या विलास के व्यापार से आय। ग्रन्थ क्या कहता हैसुख और धन की प्राप्ति होती है; शत्रु का नाश होता है, यद्यपि जातक से कुछ दुराचरण भी होता है; विवाह या सन्तान-जन्म सम्भव; अध्ययन में सफलता; हर प्रकार का मनोरंजन और विलास; सत्य की ओर झुकाव; व्यापार में वृद्धि; तरल पदार्थों, इत्र, प्रसाधन और सौन्दर्य-सामग्री से आय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 1st from the natal Moon (p.21, lines 671-676) | ||
| शुक्र | वृषभ में — आपके दूसरे भाव में4 जून से 6 जून तकशुभ | |
बार-बार धन का आगमन, नये वस्त्र, अच्छा स्वास्थ्य, सुखी दाम्पत्य और अधिकारियों से मान्यता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की बार-बार प्राप्ति होती है; शरीर स्वस्थ रहता है; जातक नये वस्त्र और आभूषण पहनता है; पत्नी से उत्तम सुख; सन्तान की आशा; राज्य से मान; अध्ययन में रुचि; जातक का रूप निखरता है; संगीत में रुचि बढ़ती है; शत्रुओं का नाश होता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.21, lines 678-682) | ||
| बुध | मिथुन में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
घबराहट और आत्मविश्वास की कमी, सम्बन्धियों से बहस और धन का हाथ से निकलना। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यक्ति डरा-डरा रहता है और उसमें साहस की कमी होती है; सम्बन्धियों से झगड़े और धन की हानि; भय के कारण इधर-उधर भागता है। किन्तु वाराही संहिता के अनुसार तृतीय भाव में बुध मित्र दिलाता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.17, lines 523-526) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★☆☆☆ |
धन | ★★☆☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★☆☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★☆☆☆ |
इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव
- 3 जूनशनि का मेष में प्रवेश
- 4 जूनशुक्र का वृषभ में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
साढ़े साती चल रही है — दूसरा (शिखर) चरण, शनि आपके पहले भाव में।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
- अंक
- 6
- दिशा
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
शुक्र से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में मंगल को शान्त रखें।
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
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पूजा: हनुमान जी · वार: मंगलवार · पढ़ें: हनुमान चालीसा
इस सप्ताह के त्योहार और व्रत
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मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस महीने का राशिफल →मेष राशिफल 2026 →मेष राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
31 मई – 6 जून 2027 मेष राशि के लिए कैसा रहेगा?
31 मई – 6 जून 2027 मेष राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 2 जून, 6 जून। सावधानी: 4 जून, 5 जून। सहायक: शुक्र और राहु। बाधक: मंगल और सूर्य।
31 मई – 6 जून 2027 में मेष राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 2 जून, 6 जून। सावधानी के दिन: 4 जून, 5 जून।
क्या मेष राशि पर अभी साढ़े साती है?
साढ़े साती चल रही है — दूसरा (शिखर) चरण, शनि आपके पहले भाव में।
31 मई – 6 जून 2027 में मेष राशि का शुभ रंग और अंक?
गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, अंक 6, दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र)।