सिंह साप्ताहिक राशिफल
Singh Rashifal · 26 अक्टूबर – 1 नवंबर 2026 · चन्द्र राशि से
सावधानी का सप्ताह
26 अक्टूबर – 1 नवंबर 2026 सिंह राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 28 अक्टूबर, 29 अक्टूबर। सावधानी: 27 अक्टूबर, 1 नवंबर। सहायक: सूर्य और शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।
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| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 26 अक्टूबर | ★★☆☆☆ | नौवें भाव में |
| मंगलवार, 27 अक्टूबर | ★★☆☆☆ | नौवें भाव में |
| बुधवार, 28 अक्टूबर | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| गुरुवार, 29 अक्टूबर | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| शुक्रवार, 30 अक्टूबर | ★★★☆☆ | ग्यारहवें भाव में |
| शनिवार, 31 अक्टूबर | ★★★☆☆ | ग्यारहवें भाव में |
| रविवार, 1 नवंबर | ★☆☆☆☆ | बारहवें भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
26 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक · नौवें भाव में कठिन भाव
सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।
21:06 तक
28 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक · दसवें भाव में शुभ भाव
कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
22:06 तक
30 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक · ग्यारहवें भाव में शुभ भाव
आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।
00:00 तक
1 नवंबर · बारहवें भाव में कठिन भाव
धन निकल जाता है, आँखें और स्वास्थ्य कष्ट पाते हैं, चिन्ता बढ़ती है, और ऊर्जा व्यर्थ या हानिकारक आवेगों में खर्च होती है।
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके आठवें भाव मेंपूरे सप्ताह · वक्रीअशुभ | |
आप अपने परिवार से अलग हो जाते हैं और कठिन परिस्थितियों में यात्रा करने को विवश होते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैपत्नी और पुत्रों से वियोग, और दयनीय दशा में पैदल यात्रा। Hindu Predictive Astrology · Ch. XXXIII Gocharaphala or Results of Transits — Saturn transiting the 8 from the natal Moon (HPA 20th ed. p.263-264 / PDF 279-280) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके बारहवें भाव में26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ | |
खर्च बहुत बढ़ जाते हैं, कोई भरोसेमन्द व्यक्ति आपका नाम खराब करता है, स्वास्थ्य गिरता है और सन्तान से दूरी बनती है। ग्रन्थ क्या कहता हैपुत्रादि से अलग होना पड़ता है; यात्रा में कष्ट और व्यर्थ व्यय; खर्च बहुत अधिक बढ़ जाते हैं; जिस पर भरोसा था उसी के कारण जातक का अपमान होता है; शरीर अस्वस्थ रहता है; आचरण गिरता है; वह खोखली, झूठी सलाह देता फिरता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 12th from the natal Moon (p.20, lines 657-661) | ||
| गुरु | सिंह में — आपके पहले भाव में31 अक्टूबर से 1 नवंबर तकअशुभ | |
भारी वर्ष: काम अटकते और देर से होते हैं, खर्च आय से आगे निकल जाता है और प्रतिष्ठा असुरक्षित लगती है। ग्रन्थ क्या कहता हैबृहस्पति चन्द्र लग्न में गोचरवश आता है तब भय और मान-हानि होती है; रोजगार और व्यापार में बाधाएँ; राज्य से भय और मानसिक कष्ट; कार्य लम्बे विलम्ब के बाद ही पूरे होते हैं; यात्रा में असुविधा और सुख में भारी कमी; भारी व्यय से आर्थिक स्थिति डगमगाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 1st from the natal Moon (p.19, lines 589-593) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके सातवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
चीज़ें खोती या टूटती हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैहानि और नाश। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार अचानक व्यापार में वृद्धि करता है; यात्रा आदि से धन लाभ; राज्य की कृपा और मित्रों की सहायता; पित्त या वात से साधारण शारीरिक कष्ट; मन व्यथित रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 7th from the natal Moon (p.27, lines 948-951) | ||
| केतु | सिंह में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
आपको नुकसान होता है और स्वास्थ्य की चिन्ता रहती है। ग्रन्थ क्या कहता हैहानि, और रोग का भय। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 1 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार उस समय मान में वृद्धि होती है और धन बढ़ता है; सन्तान का भाग्य अचानक सुधरता है; परन्तु शरीर में चोट का भय रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 1st from the natal Moon (p.28, lines 982-984) | ||
| मंगल | कर्क में — आपके बारहवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
खर्च और घर से दूरी, आँखों की तकलीफ, और जीवनसाथी, भाई-बहनों व सन्तान से खटपट। ग्रन्थ क्या कहता हैधन का व्यय होता है तथा घर से दूर जाना पड़ता है; नेत्र रोग; भाइयों में अनबन; प्रतिष्ठा की हानि; पत्नी से कष्ट और झगड़े; सन्तान भी कष्ट पाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 12th from the natal Moon (p.16, lines 495-503) | ||
| सूर्य | तुला में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
स्वास्थ्य सुधरता है, वरिष्ठ और अधिकारी सहायता करते हैं, सन्तान और मित्रों से धन-मान मिलता है, प्रायः पदोन्नति भी। ग्रन्थ क्या कहता हैरोगों से मुक्ति, सुख-चैन; सज्जनों और उच्च अधिकारियों से भेंट; पुत्रों और मित्रों के द्वारा धन और सम्मान; शत्रु सहज ही पराजित होते हैं; धन और मान, प्रायः कोई पद, तथा सदाचरण से सफलता। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.10, lines 233-238) | ||
| शुक्र | तुला में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताह · वक्रीशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
मित्रों और भाई-बहनों से आत्मविश्वास और सहयोग, हाथ में धन, और भाग्य में सहायक मोड़। ग्रन्थ क्या कहता हैमित्रों से सुख तथा शत्रुओं की पराजय होती है; धन प्राप्त होता है और साहस बढ़ता है; सेवकों से सुख; मान में वृद्धि; भाग्य उन्नत होता है; राज्य की कृपा; भाई-बहनों से सुख और धर्म में रुचि बढ़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.21, lines 684-688) | ||
| बुध | तुला में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताह · वक्रीअशुभ | |
घबराहट और आत्मविश्वास की कमी, सम्बन्धियों से बहस और धन का हाथ से निकलना। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यक्ति डरा-डरा रहता है और उसमें साहस की कमी होती है; सम्बन्धियों से झगड़े और धन की हानि; भय के कारण इधर-उधर भागता है। किन्तु वाराही संहिता के अनुसार तृतीय भाव में बुध मित्र दिलाता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.17, lines 523-526) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★★☆☆ |
धन | ★★☆☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★★☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★★★☆ |
इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव
- 31 अक्टूबरगुरु का सिंह में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
शनि की ढैय्या (अष्टम शनि) चल रही है: शनि आठवें भाव में।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- ताम्बई लाल
- अंक
- 1
- दिशा
- पूर्व
सूर्य से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में शनि को शान्त रखें।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
108 बार जप करें
पूजा: शनि देव व हनुमान जी · वार: शनिवार · पढ़ें: शनि चालीसा
इस सप्ताह के त्योहार और व्रत
- 26 अक्टूबरआश्विन पूर्णिमा
- 29 अक्टूबरकरवा चौथ
- 29 अक्टूबरसंकष्टी चतुर्थी
- 1 नवंबरअहोई अष्टमी
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मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस महीने का राशिफल →सिंह राशिफल 2026 →सिंह राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
26 अक्टूबर – 1 नवंबर 2026 सिंह राशि के लिए कैसा रहेगा?
26 अक्टूबर – 1 नवंबर 2026 सिंह राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 28 अक्टूबर, 29 अक्टूबर। सावधानी: 27 अक्टूबर, 1 नवंबर। सहायक: सूर्य और शुक्र। बाधक: शनि और गुरु।
26 अक्टूबर – 1 नवंबर 2026 में सिंह राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 28 अक्टूबर, 29 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 27 अक्टूबर, 1 नवंबर।
क्या सिंह राशि पर अभी साढ़े साती है?
शनि की ढैय्या (अष्टम शनि) चल रही है: शनि आठवें भाव में।
26 अक्टूबर – 1 नवंबर 2026 में सिंह राशि का शुभ रंग और अंक?
ताम्बई लाल, अंक 1, दिशा पूर्व (सूर्य)।