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वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

Vrishchik Rashifal · 10–16 अगस्त 2026 · चन्द्र राशि से

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★★☆☆☆

सावधानी का सप्ताह

10–16 अगस्त 2026 वृश्चिक राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 14 अगस्त, 15 अगस्त। सावधानी: 12 अगस्त, 13 अगस्त। सहायक: शुक्र और गुरु। बाधक: मंगल और सूर्य।

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दिन-प्रतिदिन

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अच्छे दिन 14 अगस्त, 15 अगस्तसावधानी के दिन 12 अगस्त, 13 अगस्त
दिनरेटिंगचन्द्रमा
सोमवार, 10 अगस्त★★★☆☆आठवें भाव में
मंगलवार, 11 अगस्त★★☆☆☆नौवें भाव में
बुधवार, 12 अगस्त★★☆☆☆नौवें भाव में
गुरुवार, 13 अगस्त★★☆☆☆नौवें भाव में
शुक्रवार, 14 अगस्त★★★☆☆दसवें भाव में
शनिवार, 15 अगस्त★★★☆☆दसवें भाव में
रविवार, 16 अगस्त★★★☆☆ग्यारहवें भाव में

सप्ताह में चन्द्रमा की चाल

चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:

  • 10 अगस्त · आठवें भाव में कठिन भाव

    छाती या पाचन की तकलीफ, बहस और तनाव, भोजन छूटना, और धन को लेकर अचानक झटका।

    04:43 तक

  • 11 अगस्त से 13 अगस्त तक · नौवें भाव में कठिन भाव

    सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।

    06:06 तक

  • 14 अगस्त से 15 अगस्त तक · दसवें भाव में शुभ भाव

    कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।

    09:34 तक

  • 16 अगस्त · ग्यारहवें भाव में शुभ भाव

    आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।

इस सप्ताह के ग्रह

बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:

ग्रहराशि, भाव और अवधि
शनिमीन में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताह · वक्रीअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत

व्यापार में घाटा, बच्चों की चिन्ता, और ऐसा मन जो टिकता नहीं।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की कमी या व्यापार में हानि; सन्तान को कष्ट; बुद्धि का नाश - मन को शान्ति नहीं, चिन्ता और व्याकुलता।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637)

गुरुकर्क में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ भाव, पर वेध से बाधित

भाग्य उठता है: मान और पद, सन्तान से लाभ, भाई-बहनों का सहयोग और सामान्यतः सफलता।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन वृद्धि होती है, पुत्र-जन्म का उत्सव होता है; भाग्य में स्पष्ट उन्नति; सन्तान से लाभ; राज्य से मान और पद; हर कार्य में सफलता; भाइयों से सुख और सहायता; धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 9th from the natal Moon (p.20, lines 642-645)

राहुकुम्भ में — आपके चौथे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ

दुःखी समय।

ग्रन्थ क्या कहता है

शोक।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638)

केतुसिंह में — आपके दसवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ

चिन्ता भरा, दुःखी समय।

ग्रन्थ क्या कहता है

भय और शोक।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 10 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641)

मंगलमिथुन में — आपके आठवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ

चोट या बुखार, धन की हानि और प्रतिष्ठा को ठेस।

ग्रन्थ क्या कहता है

ज्वर, चोट या घाव से पीड़ा, धन की हानि, मान की हानि।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632)

सूर्यकर्क में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ

फीका समय: झूठा आरोप या दोष, आय में कमी, स्वास्थ्य और मन दोनों ढीले, बड़े और मित्र साथ नहीं देते।

ग्रन्थ क्या कहता है

कांति का क्षय, झूठा आरोप, अकारण धन और पुण्य की हानि, आय में कमी, रोग और अशान्ति; बड़ों, मित्रों और भाइयों का विरोध; अपमान का भय; हर प्रयत्न विफल होता है और जातक उदास रहता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 9th from the natal Moon (p.11, lines 273-276)

शुक्रकन्या में — आपके ग्यारहवें भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ

धन सहजता से आता है, मित्र पूरा सहयोग देते हैं, और घर तथा सामाजिक जीवन आनन्दमय रहता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

जातक को धन लाभ होता है और प्रताप बढ़ता है; सब कार्यों में सफलता; अच्छा भोजन; पत्नी सम्बन्धी सुखों में वृद्धि; स्त्रियों के संग से आनन्द; मित्रों का पूर्ण सहयोग।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 11th from the natal Moon (p.22, lines 733-737)

बुधकर्क में — आपके नौवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ

हर काम में रुकावट, यात्रा निराश करती है, धन और प्रतिष्ठा घटती है, और सम्बन्धों में सन्देह और कड़वाहट आती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

खेद, संताप तथा सब कार्यों में विघ्न-बाधाएँ आती हैं; यात्रा में असुविधा और हानि; धन और मान की हानि; सम्बन्धियों और भाइयों से मनमुटाव; जातक धर्म और शास्त्र में दोष निकालने का प्रयत्न करता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 9th from the natal Moon (p.18, lines 560-563)

करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

क्षेत्ररेटिंग

करियर व कार्य

★☆☆☆☆

धन

★★☆☆☆

प्रेम व परिवार

★★☆☆☆

स्वास्थ्य

★★☆☆☆

साढ़े साती और ढैय्या

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।

इस अवधि का शुभ

रंग
गुलाबी व चमकीला सफ़ेद
अंक
6
दिशा
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)

शुक्र से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।

उपाय

इस अवधि में मंगल को शान्त रखें।

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

108 बार जप करें

पूजा: हनुमान जी · वार: मंगलवार · पढ़ें: हनुमान चालीसा

इस सप्ताह के त्योहार और व्रत

सभी त्योहार →

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अन्य राशियाँ

यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना

आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।

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प्रश्न

10–16 अगस्त 2026 वृश्चिक राशि के लिए कैसा रहेगा?

10–16 अगस्त 2026 वृश्चिक राशि के लिए सावधानी का सप्ताह (2/5)। अच्छे दिन: 14 अगस्त, 15 अगस्त। सावधानी: 12 अगस्त, 13 अगस्त। सहायक: शुक्र और गुरु। बाधक: मंगल और सूर्य।

10–16 अगस्त 2026 में वृश्चिक राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?

अच्छे दिन: 14 अगस्त, 15 अगस्त। सावधानी के दिन: 12 अगस्त, 13 अगस्त।

क्या वृश्चिक राशि पर अभी साढ़े साती है?

शनि आपके पाँचवें भाव में, जिसे ग्रन्थ कष्टकारी भी कहते हैं।

10–16 अगस्त 2026 में वृश्चिक राशि का शुभ रंग और अंक?

गुलाबी व चमकीला सफ़ेद, अंक 6, दिशा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) (शुक्र)।