मिला-जुला सप्ताह
1–7 जून 2026 मेष राशि के लिए मिला-जुला सप्ताह (3/5)। अच्छे दिन: 5 जून, 7 जून। सावधानी: 1 जून, 4 जून। सहायक: राहु और शुक्र। बाधक: मंगल और सूर्य।
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| दिन | रेटिंग | चन्द्रमा |
|---|---|---|
| सोमवार, 1 जून | ★★☆☆☆ | आठवें भाव में |
| मंगलवार, 2 जून | ★★★☆☆ | नौवें भाव में |
| बुधवार, 3 जून | ★★★☆☆ | नौवें भाव में |
| गुरुवार, 4 जून | ★★★☆☆ | नौवें भाव में |
| शुक्रवार, 5 जून | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| शनिवार, 6 जून | ★★★☆☆ | दसवें भाव में |
| रविवार, 7 जून | ★★★★☆ | ग्यारहवें भाव में |
सप्ताह में चन्द्रमा की चाल
चन्द्रमा लगभग हर दो दिन में भाव बदलता है और उन दिनों का मन तय करता है। आपकी चन्द्र राशि से:
1 जून · आठवें भाव में कठिन भाव
छाती या पाचन की तकलीफ, बहस और तनाव, भोजन छूटना, और धन को लेकर अचानक झटका।
19:08 तक
2 जून से 4 जून तक · नौवें भाव में कठिन भाव
सरकारी काम और व्यापार दोनों प्रतिकूल जाते हैं, सन्तान अस्वस्थ रहती है, और भाग्य साथ नहीं देता।
07:41 तक
5 जून से 6 जून तक · दसवें भाव में शुभ भाव
कार्यक्षेत्र में बातें आपके पक्ष में जाती हैं: काम पूरे होते हैं, वरिष्ठ प्रसन्न रहते हैं, और पदोन्नति भी हो सकती है।
19:03 तक
7 जून · ग्यारहवें भाव में शुभ भाव
आय और व्यापार सुधरते हैं, पारिवारिक जीवन में आत्मीयता रहती है, और स्त्रियों की सहायता से महत्त्वाकांक्षाएँ आगे बढ़ती हैं।
इस सप्ताह के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मीन में — आपके बारहवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
कठोर परिश्रम जो कहीं नहीं पहुँचता, विरोधियों के कारण धन हानि, और घर में बीमारी। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यर्थ श्रम - निरर्थक कार्य में लगा प्रयत्न जिसमें सफलता नहीं; शत्रुओं के द्वारा धन की हानि; पत्नी और सन्तान को रोग। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 22-23 (Ojha p.635-637 / PDF 637) | ||
| गुरु | मिथुन में — आपके तीसरे भाव में1 जून से 2 जून तकअशुभ | |
नौकरी खतरे में, घर में झगड़े, और धन, प्रतिष्ठा व यात्राएँ सब प्रतिकूल। ग्रन्थ क्या कहता हैशारीरिक संताप होता है और कुटुम्बीजनों से झगड़ा; रोजगार में परेशानी, नौकरी छूटने तक की सम्भावना; सरकारी कर्मचारियों से कष्ट; मित्रों को हानि तथा धन और मान की हानि; यात्रा भी लाभदायक नहीं होती। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.19, lines 601-605) | ||
| गुरु | कर्क में — आपके चौथे भाव में2 जून से 7 जून तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
बेचैन और अस्थिर: घर से दूर, सम्पत्ति और परिवार से आनन्द नहीं, और सरकारी मामले चिन्ता देते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैमन में अशान्ति रहती है; धन तथा कान्ति की हानि; शत्रुओं के बढ़ने से कष्ट; जातक को अपने जन्म-स्थान से दूर जाना पड़ता है; भूमि, सम्पत्ति या कुटुम्बीजनों से सुख नहीं; राज्य की ओर से नाना प्रकार के भय निरन्तर बने रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 4th from the natal Moon (p.19, lines 607-610) | ||
| राहु | कुम्भ में — आपके ग्यारहवें भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ | |
भाग्य आपके पक्ष में चलता है। ग्रन्थ क्या कहता हैसौभाग्य। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार शुभ कार्यों में प्रवृत्ति होती है और दान में रुचि बढ़ती है; परन्तु धन तथा भाग्य की हानि; सन्तान को कष्ट; और मित्रों के कारण हानि। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 11th from the natal Moon (p.27, lines 965-967) | ||
| केतु | सिंह में — आपके पाँचवें भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
दुःख, और धन की हानि। ग्रन्थ क्या कहता हैशोक और धन की हानि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 5 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) | ||
| मंगल | मेष में — आपके पहले भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
दुर्घटना की आशंका वाला समय: ज्वर, कटना या रक्त की तकलीफ, आग और धारदार औजारों से जोखिम, और कुछ भी योजना के अनुसार नहीं होता। ग्रन्थ क्या कहता हैकार्य सफल नहीं होते; व्यक्ति ज्वर, व्रण (घाव) और रक्त विकार से पीड़ित होता है; अग्नि, विष और शस्त्र से शारीरिक हानि का भय; बवासीर आदि रोग; पत्नी भी ज्वर से पीड़ित; दुष्टों से कष्ट; यात्रा में दुर्घटना। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 1st from the natal Moon (p.15, lines 425-429) | ||
| सूर्य | वृषभ में — आपके दूसरे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ | |
बुरी संगत और चालाकी भरा व्यवहार, सिरदर्द और आँखों पर जोर, व्यापार में धन की चिन्ता, मित्रों और सम्बन्धियों से झगड़े। ग्रन्थ क्या कहता हैदुष्ट और बुरे लोगों से मुलाकात होती है और अपना आचरण भी कुटिल हो जाता है; सिर और नेत्रों में पीड़ा; व्यापार और सम्पत्ति में हानि का भय; मित्रों और सम्बन्धियों से विवाद; पूरा मास बिना सुख के बीतता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.10, lines 227-231) | ||
| शुक्र | मिथुन में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
मित्रों और भाई-बहनों से आत्मविश्वास और सहयोग, हाथ में धन, और भाग्य में सहायक मोड़। ग्रन्थ क्या कहता हैमित्रों से सुख तथा शत्रुओं की पराजय होती है; धन प्राप्त होता है और साहस बढ़ता है; सेवकों से सुख; मान में वृद्धि; भाग्य उन्नत होता है; राज्य की कृपा; भाई-बहनों से सुख और धर्म में रुचि बढ़ती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.21, lines 684-688) | ||
| बुध | मिथुन में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे सप्ताहअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
घबराहट और आत्मविश्वास की कमी, सम्बन्धियों से बहस और धन का हाथ से निकलना। ग्रन्थ क्या कहता हैव्यक्ति डरा-डरा रहता है और उसमें साहस की कमी होती है; सम्बन्धियों से झगड़े और धन की हानि; भय के कारण इधर-उधर भागता है। किन्तु वाराही संहिता के अनुसार तृतीय भाव में बुध मित्र दिलाता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.17, lines 523-526) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★★☆☆ |
धन | ★★★☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★★☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★★☆☆ |
इस सप्ताह ग्रहों में बदलाव
- 2 जूनगुरु का कर्क में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
साढ़े साती चल रही है — पहला (उदय) चरण, शनि आपके बारहवें भाव में।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- धूसर
- अंक
- 4
- दिशा
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
राहु से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में मंगल को शान्त रखें।
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
108 बार जप करें
पूजा: हनुमान जी · वार: मंगलवार · पढ़ें: हनुमान चालीसा
इस सप्ताह के त्योहार और व्रत
- 3 जूनसंकष्टी चतुर्थी
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मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह साप्ताहिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। सप्ताह सोमवार से रविवार तक के सात दैनिक राशिफलों का औसत है, इसलिए यह दैनिक पृष्ठों से मेल खाता है। हर ग्रह का आपकी राशि से भाव वेध की जाँच के साथ देखा गया है, और उस भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति सूर्योदय पर, नई दिल्ली। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
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प्रश्न
1–7 जून 2026 मेष राशि के लिए कैसा रहेगा?
1–7 जून 2026 मेष राशि के लिए मिला-जुला सप्ताह (3/5)। अच्छे दिन: 5 जून, 7 जून। सावधानी: 1 जून, 4 जून। सहायक: राहु और शुक्र। बाधक: मंगल और सूर्य।
1–7 जून 2026 में मेष राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 5 जून, 7 जून। सावधानी के दिन: 1 जून, 4 जून।
क्या मेष राशि पर अभी साढ़े साती है?
साढ़े साती चल रही है — पहला (उदय) चरण, शनि आपके बारहवें भाव में।
1–7 जून 2026 में मेष राशि का शुभ रंग और अंक?
धूसर, अंक 4, दिशा नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) (राहु)।