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मिथुन राशिफल

शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 · Gemini Horoscope

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★★☆☆☆

सावधानी का दिन

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आज का चन्द्रमा

चन्द्रमा आज सिंह राशि में है — मिथुन से तीसरे भाव में (शुभ भाव, पर वेध से बाधित)। उजला दिन: धन आता है, स्वास्थ्य और मन अच्छे रहते हैं, सम्पर्क और सम्बन्धी सहायता करते हैं।

ग्रन्थ क्या कहता है

धन की प्राप्ति होती है; वस्त्रादि का सुख मिलता है; अच्छा स्वास्थ्य; शत्रुओं पर विजय; प्रसन्न मन; प्रिय के साथ आनन्द; सम्बन्धियों से लाभ; सम्पर्क बढ़ते हैं और भाग्य सुधरता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.13, lines 350-353)

22:11 से चन्द्रमा कन्या राशि में, आपके चौथे भाव में: अस्थिर दिन: घर में बहस, नींद और भूख कम, छाती में बेचैनी, जीवनसाथी से खिंचाव।

ग्रन्थ क्या कहता है

स्वजनों से विवाद होता है; चित्त चंचल रहता है; छाती का रोग; भोजन छूटता है और नींद में बाधा; जल और स्त्रियों से भय; सार्वजनिक अपमान का भय; पत्नी से सुख में कमी।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Moon gochar phal, 4th from the natal Moon (p.13, lines 355-358)

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करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

करियर व कार्य

★★☆☆☆

सहायक चन्द्र (तीसरे भाव), शुक्र (चौथे भाव)

बाधक गुरु (पहले भाव), शनि (दसवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), बुध (पाँचवें भाव), राहु (नौवें भाव)

धन

★★☆☆☆

सहायक चन्द्र (तीसरे भाव), शुक्र (चौथे भाव), केतु (तीसरे भाव)

बाधक गुरु (पहले भाव), शनि (दसवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), बुध (पाँचवें भाव), राहु (नौवें भाव)

प्रेम व परिवार

★★★☆☆

सहायक चन्द्र (तीसरे भाव), शुक्र (चौथे भाव), केतु (तीसरे भाव)

बाधक गुरु (पहले भाव), शनि (दसवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव), बुध (पाँचवें भाव)

स्वास्थ्य

★★★☆☆

सहायक चन्द्र (तीसरे भाव)

बाधक शनि (दसवें भाव), सूर्य (पाँचवें भाव), मंगल (पाँचवें भाव)

आज का शुभ

रंग
सफ़ेद
अंक
2
दिशा
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
शुभ समय (अभिजित)
11:43–12:29
टालें (राहु काल)
09:15–10:41

चन्द्र से, जो आज शुभ भाव में सबसे प्रबल है। समय नई दिल्ली के।

आज आपके जन्म नक्षत्र की तारा

एक ही राशि में जन्म नक्षत्र से दिन बदलता है। अपना नक्षत्र देखें:

  • मृगशिरा में जन्म (चरण 3, 4): वध (हानि: जोखिम और नया आरम्भ टालें; 15:41 तक) फिर मित्र (मित्र: शुभ)
  • आर्द्रा में जन्म (चरण 1, 2, 3, 4): साधक (सिद्धि: प्रयास सफल; 15:41 तक) फिर वध (हानि: जोखिम और नया आरम्भ टालें)
  • पुनर्वसु में जन्म (चरण 1, 2, 3): प्रत्यरि (बाधा: नया आरम्भ न करें; 15:41 तक) फिर साधक (सिद्धि: प्रयास सफल)

इस महीने और इस वर्ष

ग्रहराशि और भाव
शनिमीन में — आपके दसवें भाव में (वक्री)29 मार्च 2025 से 3 जून 2027 तकअशुभ

काम में प्रतिकूल बदलाव और खर्च किया धन निष्फल; परिवार से अलग रहना और छाती की तकलीफ सम्भव।

ग्रन्थ क्या कहता है

नौकरी अथवा व्यवसाय में परिवर्तन और विघ्न-बाधाएँ आती हैं; धन खर्च करने पर भी सफलता नहीं मिलती; जातक गलत कार्य करता है और मानसिक कष्ट सहता है; उसे घर से दूर रहना पड़ता है और सामान्य विरोध का सामना करना पड़ता है; पत्नी से अनबन के कारण अलग रहना पड़ता है; छाती के रोग सम्भव।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 10th from the natal Moon (p.25, lines 817-821)

गुरुमिथुन में — आपके पहले भाव में14 मई 2025 से 18 अक्टू॰ 2025 तकअशुभ

भारी वर्ष: काम अटकते और देर से होते हैं, खर्च आय से आगे निकल जाता है और प्रतिष्ठा असुरक्षित लगती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

बृहस्पति चन्द्र लग्न में गोचरवश आता है तब भय और मान-हानि होती है; रोजगार और व्यापार में बाधाएँ; राज्य से भय और मानसिक कष्ट; कार्य लम्बे विलम्ब के बाद ही पूरे होते हैं; यात्रा में असुविधा और सुख में भारी कमी; भारी व्यय से आर्थिक स्थिति डगमगाती है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 1st from the natal Moon (p.19, lines 589-593)

राहुकुम्भ में — आपके नौवें भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकअशुभ

आपको नुकसान होता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

हानि।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638)

दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार

अकस्मात् आशातीत लाभ होता है जो प्रायः चिरस्थायी होता है; राज्य की कृपा और मित्रों की सहायता; परन्तु चन्द्र लग्न पर राहु की दृष्टि के कारण मानसिक कष्ट भी रहता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 9th from the natal Moon (p.27, lines 956-959)

केतुसिंह में — आपके तीसरे भाव में30 मई 2025 से 25 नव॰ 2026 तकशुभ

काम अच्छे चलते हैं और आपको लाभ होता है।

ग्रन्थ क्या कहता है

सुख, लाभ और वृद्धि।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 3 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641)

मंगलतुला में — आपके पाँचवें भाव में13 सित॰ 2025 से 27 अक्टू॰ 2025 तकअशुभ

बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी।

ग्रन्थ क्या कहता है

ज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा।

Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632)

सूर्यतुला में — आपके पाँचवें भाव में17 अक्टू॰ 2025 से 16 नव॰ 2025 तकअशुभ

विचारों में उलझन और ऊर्जा की कमी, धन की हानि, सन्तान अस्वस्थ, अधिकारियों से अनबन, यात्रा में जोखिम।

ग्रन्थ क्या कहता है

विशेषतया मानसिक भ्रम उत्पन्न होता है; शारीरिक और मानसिक बल घटता है; धन की हानि; जातक और उसकी सन्तान को रोग; अधिकारियों से विवाद बढ़ते हैं; यात्रा में दुर्घटना; जातक स्वयं को दुखी अनुभव करता है।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 5th from the natal Moon (p.10, lines 246-249)

शुक्रकन्या में — आपके चौथे भाव में9 अक्टू॰ 2025 से 2 नव॰ 2025 तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित

इच्छाएँ पूरी होती हैं: धन, वाहन या घर की सुविधाएँ, सम्बन्धियों की सहायता, और स्थिर प्रसन्न मन।

ग्रन्थ क्या कहता है

मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और धन की प्राप्ति होती है; विलास की वस्तुएँ और वाहन प्राप्त होते हैं; सम्बन्धियों से सहायता; सामान्य जनों से सम्पर्क और स्नेह बढ़ता है; तन और मन प्रसन्न रहते हैं।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 4th from the natal Moon (p.21, lines 690-693)

बुधतुला में — आपके पाँचवें भाव में3 अक्टू॰ 2025 से 24 अक्टू॰ 2025 तकअशुभ

योजनाएँ विफल होती हैं, धन की तंगी रहती है, और घर तथा प्रेम-सम्बन्धों में खटपट होती है।

ग्रन्थ क्या कहता है

मानसिक पीड़ा होती है; विचारित योजनाएँ सफल नहीं होतीं; सन्तान और पत्नी से झगड़े; आर्थिक कष्ट; पराई स्त्रियों से सम्बन्ध आरम्भ होते हैं परन्तु विफल रहते हैं।

Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 5th from the natal Moon (p.17, lines 533-536)

आज का उपाय

आज गुरु को शान्त करें।

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

108 बार जप करें

पूजा: बृहस्पति देव (विष्णु) · वार: गुरुवार · पढ़ें: बृहस्पतिवार व्रत कथा

शनिवार · तिथि कृष्ण द्वादशी · नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी · सूर्योदय 06:24 (नई दिल्ली)। आज का पंचांग →

अन्य राशियाँ

यह राशिफल कैसे बना

आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं: हर ग्रह का आपकी राशि से भाव, वेध की जाँच के साथ, और उस पर गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी का फल। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली के सूर्योदय पर। आपकी अपनी कुण्डली, दशा और अष्टकवर्ग के साथ, और अधिक बताती है।

नाम अक्षर: का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह. अपनी राशि नहीं पता? मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →

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प्रश्न

18 अक्टूबर 2025 को मिथुन राशि का दिन कैसा है?

सावधानी का दिन (2/5)। चन्द्रमा मिथुन से तीसरे भाव में है। उजला दिन: धन आता है, स्वास्थ्य और मन अच्छे रहते हैं, सम्पर्क और सम्बन्धी सहायता करते हैं।

मिथुन राशि का आज का शुभ रंग और अंक क्या है?

शुभ रंग सफ़ेद, शुभ अंक 2, शुभ दिशा वायव्य (उत्तर-पश्चिम) (चन्द्र शुभ भाव में)।

मिथुन राशि के नाम अक्षर कौन से हैं?

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह। स्वामी ग्रह बुध।