मिला-जुला महीना
अक्टूबर 2027 मिथुन राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 4 अक्टूबर, 5 अक्टूबर, 8 अक्टूबर, 25 अक्टूबर, 26 अक्टूबर। सावधानी: 24 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 30 अक्टूबर। सहायक: मंगल और शुक्र। बाधक: गुरु और सूर्य।
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इस महीने के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | मेष में — आपके ग्यारहवें भाव में1 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक · वक्रीशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
भारी व्यापारों - भूमि, धातु, मशीनरी, खनिज - से आय आती है, बीमारी दूर होती है और पदोन्नति मिलती है। ग्रन्थ क्या कहता हैस्त्री वर्ग से, लोहे आदि से अथवा भूमि से, मशीनरी, पत्थर, सीमेंट, कोयले और चमड़े से लाभ; रोग से मुक्ति; पदोन्नति; सेवकों और अधीनस्थों से लाभ। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 11th from the natal Moon (p.25, lines 823-825) | ||
| शनि | मीन में — आपके दसवें भाव में20 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक · वक्रीअशुभ | |
काम में प्रतिकूल बदलाव और खर्च किया धन निष्फल; परिवार से अलग रहना और छाती की तकलीफ सम्भव। ग्रन्थ क्या कहता हैनौकरी अथवा व्यवसाय में परिवर्तन और विघ्न-बाधाएँ आती हैं; धन खर्च करने पर भी सफलता नहीं मिलती; जातक गलत कार्य करता है और मानसिक कष्ट सहता है; उसे घर से दूर रहना पड़ता है और सामान्य विरोध का सामना करना पड़ता है; पत्नी से अनबन के कारण अलग रहना पड़ता है; छाती के रोग सम्भव। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 10th from the natal Moon (p.25, lines 817-821) | ||
| गुरु | सिंह में — आपके तीसरे भाव मेंपूरे महीनेअशुभ | |
नौकरी खतरे में, घर में झगड़े, और धन, प्रतिष्ठा व यात्राएँ सब प्रतिकूल। ग्रन्थ क्या कहता हैशारीरिक संताप होता है और कुटुम्बीजनों से झगड़ा; रोजगार में परेशानी, नौकरी छूटने तक की सम्भावना; सरकारी कर्मचारियों से कष्ट; मित्रों को हानि तथा धन और मान की हानि; यात्रा भी लाभदायक नहीं होती। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 3rd from the natal Moon (p.19, lines 601-605) | ||
| राहु | मकर में — आपके आठवें भाव मेंपूरे महीनेअशुभ | |
धन अचानक आता है, फिर भी उसके साथ गम्भीर बीमारी या विदेश जाना हो सकता है। ग्रन्थ क्या कहता हैअकस्मात् धन की वृद्धि होती है, परन्तु विदेश यात्रा और भयंकर रोगों की सम्भावना भी रहती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 8th from the natal Moon (p.27, lines 953-954) | ||
| केतु | कर्क में — आपके दूसरे भाव मेंपूरे महीनेअशुभ | |
किसी से मनमुटाव, और धन की हानि। ग्रन्थ क्या कहता हैवैर और धन की हानि। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 2 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार अकस्मात् धन वृद्धि करता है, परन्तु आँख में घाव या चोट भी देता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.28, lines 986-987) | ||
| मंगल | तुला में — आपके पाँचवें भाव में1 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
बुखार, व्यर्थ की चिन्ता, बच्चों की फ़िक्र और घर में कहासुनी। ग्रन्थ क्या कहता हैज्वर, अकारण चिन्ता, सन्तान को लेकर परेशानी, व्याकुलता, और अपने लोगों से झगड़ा। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 13-16 (Ojha p.630-632 / PDF 632) | ||
| मंगल | वृश्चिक में — आपके छठे भाव में8 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकशुभ | |
धन और धातु-व्यापार से लाभ, और प्रतिद्वन्द्वी या विरोधी रास्ते से हट जाते हैं। ग्रन्थ क्या कहता हैधन, अन्न, ताँबा, स्वर्ण आदि की प्राप्ति होती है; शत्रु सहज ही पराजित और नष्ट होते हैं; जातक का अपना प्रभाव बढ़ता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 6th from the natal Moon (p.15, lines 454-456) | ||
| सूर्य | कन्या में — आपके चौथे भाव में1 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तकअशुभ | |
घर में तनाव, पारिवारिक झगड़े, सम्पत्ति की उलझनें, असुविधाजनक यात्रा और जीवनसाथी से खिंचाव। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक और शारीरिक व्यथा रहती है; घरेलू झगड़ों से सुख घटता है; भूमि और सम्पत्ति को लेकर अनेक समस्याएँ; सुविधाओं का अभाव, कष्टदायक यात्राएँ, लोग परेशान करते हैं, पत्नी की ओर से सुख में बाधा, अपमान का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 4th from the natal Moon (p.10, lines 240-244) | ||
| सूर्य | तुला में — आपके पाँचवें भाव में18 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ | |
विचारों में उलझन और ऊर्जा की कमी, धन की हानि, सन्तान अस्वस्थ, अधिकारियों से अनबन, यात्रा में जोखिम। ग्रन्थ क्या कहता हैविशेषतया मानसिक भ्रम उत्पन्न होता है; शारीरिक और मानसिक बल घटता है; धन की हानि; जातक और उसकी सन्तान को रोग; अधिकारियों से विवाद बढ़ते हैं; यात्रा में दुर्घटना; जातक स्वयं को दुखी अनुभव करता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 5th from the natal Moon (p.10, lines 246-249) | ||
| शुक्र | कन्या में — आपके चौथे भाव में1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर तकशुभ | |
इच्छाएँ पूरी होती हैं: धन, वाहन या घर की सुविधाएँ, सम्बन्धियों की सहायता, और स्थिर प्रसन्न मन। ग्रन्थ क्या कहता हैमनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और धन की प्राप्ति होती है; विलास की वस्तुएँ और वाहन प्राप्त होते हैं; सम्बन्धियों से सहायता; सामान्य जनों से सम्पर्क और स्नेह बढ़ता है; तन और मन प्रसन्न रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 4th from the natal Moon (p.21, lines 690-693) | ||
| शुक्र | तुला में — आपके पाँचवें भाव में3 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तकशुभ | |
सन्तान और प्रेम में अच्छा समय, परीक्षाओं में सफलता, प्रतिष्ठा में वृद्धि और आनन्द के लिए समय। ग्रन्थ क्या कहता हैपुत्रादि से स्नेह बढ़ता है; अन्न-धन की प्राप्ति और अच्छा भोजन; यश बढ़ता है; शत्रुओं पर विजय; सन्तान-जन्म सम्भव; प्रेमी निकट आते हैं; जातक विभागीय परीक्षाएँ उत्तीर्ण करता है; मनोरंजन-स्थलों, सिनेमा और क्लबों में जाना होता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 5th from the natal Moon (p.21, lines 695-700) | ||
| शुक्र | वृश्चिक में — आपके छठे भाव में27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ | |
प्रतिद्वन्द्वी भारी पड़ते हैं और समझौता करना पड़ता है; साझेदारों से झगड़े, यात्रा में जोखिम, दाम्पत्य में ठण्डापन। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और उनकी विजय होती है, और जातक को उनसे समझौता करने पर विवश होना पड़ता है; व्यापारिक साझेदारों से झगड़े; यात्रा में दुर्घटना से हानि; पत्नी विमुख हो जाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 6th from the natal Moon (p.22, lines 706-709) | ||
| बुध | तुला में — आपके पाँचवें भाव में1 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक · वक्रीअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
योजनाएँ विफल होती हैं, धन की तंगी रहती है, और घर तथा प्रेम-सम्बन्धों में खटपट होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक पीड़ा होती है; विचारित योजनाएँ सफल नहीं होतीं; सन्तान और पत्नी से झगड़े; आर्थिक कष्ट; पराई स्त्रियों से सम्बन्ध आरम्भ होते हैं परन्तु विफल रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 5th from the natal Moon (p.17, lines 533-536) | ||
| बुध | कन्या में — आपके चौथे भाव में21 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक · वक्रीशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
धन और सम्पत्ति का लाभ, घर में सहज समय, और प्रतिष्ठित लोगों से उपयोगी मित्रता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की प्राप्ति होती है; माता को सुख मिलता है; भूमि और सम्पत्ति में वृद्धि; विद्वानों, सज्जनों और उच्च पद वाले लोगों से मित्रता बढ़ती है; घरेलू जीवन भी सुखी रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 4th from the natal Moon (p.17, lines 528-531) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★★☆☆ |
धन | ★★★☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★★★☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★★★☆ |
इस महीने ग्रहों में बदलाव
- 3 अक्टूबरशुक्र का तुला में प्रवेश
- 8 अक्टूबरमंगल का वृश्चिक में प्रवेश
- 8 अक्टूबरबुध तुला में वक्री
- 18 अक्टूबरसूर्य का तुला में प्रवेश
- 20 अक्टूबरशनि का मीन में प्रवेश
- 21 अक्टूबरबुध का कन्या में प्रवेश
- 27 अक्टूबरशुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
- 29 अक्टूबरबुध कन्या में मार्गी
साढ़े साती और ढैय्या
इस अवधि में मिथुन राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- लाल
- अंक
- 9
- दिशा
- दक्षिण
मंगल से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में गुरु को शान्त रखें।
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
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पूजा: बृहस्पति देव (विष्णु) · वार: गुरुवार · पढ़ें: बृहस्पतिवार व्रत कथा
इस महीने के त्योहार और व्रत
- 7 अक्टूबरदुर्गा अष्टमी
- 8 अक्टूबरमहा नवमी
- 9 अक्टूबरदशहरा (विजयादशमी)
- 11 अक्टूबरपापांकुशा एकादशी
- 12 अक्टूबरभौम प्रदोष
- 14 अक्टूबरशरद पूर्णिमा
- 15 अक्टूबरआश्विन पूर्णिमा
- 18 अक्टूबरकरवा चौथ
- 18 अक्टूबरतुला संक्रांति
- 18 अक्टूबरसंकष्टी चतुर्थी
- 22 अक्टूबरअहोई अष्टमी
- 25 अक्टूबररमा एकादशी
- 27 अक्टूबरधनतेरस
- 27 अक्टूबरबुध प्रदोष
- 28 अक्टूबरनरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली)
- 29 अक्टूबरदीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- 29 अक्टूबरकार्तिक अमावस्या
- 30 अक्टूबरगोवर्धन पूजा
- 31 अक्टूबरभाई दूज
रोज़ सुबह अपना राशिफल पाएँ
मुफ़्त, सुबह 5:30 बजे। अपनी राशि चुनें; कभी भी बन्द करें।
अन्य राशियाँ
यह मासिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। महीने की रेटिंग चन्द्रमा को छोड़ बाकी ग्रहों की मध्य-माह की स्थिति से, वेध के साथ, बनी है, जैसे हमारे वार्षिक पृष्ठ पर। कैलेंडर के हर दिन की अपनी दैनिक रेटिंग है। हर भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली की। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
आज का राशिफल →इस सप्ताह का राशिफल →मिथुन राशिफल 2026 →मिथुन राशिफल 2027 →मुफ़्त कुण्डली बनाएँ →
प्रश्न
अक्टूबर 2027 मिथुन राशि के लिए कैसा रहेगा?
अक्टूबर 2027 मिथुन राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 4 अक्टूबर, 5 अक्टूबर, 8 अक्टूबर, 25 अक्टूबर, 26 अक्टूबर। सावधानी: 24 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 30 अक्टूबर। सहायक: मंगल और शुक्र। बाधक: गुरु और सूर्य।
अक्टूबर 2027 में मिथुन राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 4 अक्टूबर, 5 अक्टूबर, 8 अक्टूबर, 25 अक्टूबर, 26 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 24 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 30 अक्टूबर।
क्या मिथुन राशि पर अभी साढ़े साती है?
इस अवधि में मिथुन राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
अक्टूबर 2027 में मिथुन राशि का शुभ रंग और अंक?
लाल, अंक 9, दिशा दक्षिण (मंगल)।