मिला-जुला महीना
अक्टूबर 2024 मिथुन राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 9 अक्टूबर, 10 अक्टूबर, 11 अक्टूबर, 18 अक्टूबर, 19 अक्टूबर। सावधानी: 12 अक्टूबर, 14 अक्टूबर, 15 अक्टूबर। सहायक: राहु। बाधक: गुरु और मंगल।
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इस महीने के ग्रह
बाकी ग्रह आपकी चन्द्र राशि से, और हर भाव के बारे में ग्रन्थों का फल:
| ग्रह | राशि, भाव और अवधि | |
|---|---|---|
| शनि | कुम्भ में — आपके नौवें भाव मेंपूरे महीने · वक्रीअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
भाग्य साथ छोड़ देता है: आय घटती है, आस्था डगमगाती है, यात्राएँ व्यर्थ होती हैं, और आरोपों का भय रहता है। ग्रन्थ क्या कहता हैदुःख, रोग और शत्रुओं की वृद्धि होती है; जातक धार्मिक कर्तव्यों से विमुख होता है या धर्म तक बदल लेता है; क्षेत्रीय या तीर्थ यात्राएँ होती हैं पर लाभ नहीं होता; भाइयों और मित्रों से अनबन और कष्ट; आय घटती है; सेवकों से कष्ट; बन्धन और आरोपों का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Saturn gochar phal, 9th from the natal Moon (p.24, lines 811-815) | ||
| गुरु | वृषभ में — आपके बारहवें भाव मेंपूरे महीने · वक्रीअशुभ | |
खर्च बहुत बढ़ जाते हैं, कोई भरोसेमन्द व्यक्ति आपका नाम खराब करता है, स्वास्थ्य गिरता है और सन्तान से दूरी बनती है। ग्रन्थ क्या कहता हैपुत्रादि से अलग होना पड़ता है; यात्रा में कष्ट और व्यर्थ व्यय; खर्च बहुत अधिक बढ़ जाते हैं; जिस पर भरोसा था उसी के कारण जातक का अपमान होता है; शरीर अस्वस्थ रहता है; आचरण गिरता है; वह खोखली, झूठी सलाह देता फिरता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Jupiter gochar phal, 12th from the natal Moon (p.20, lines 657-661) | ||
| राहु | मीन में — आपके दसवें भाव मेंपूरे महीनेशुभ | |
आपको लाभ होता है। ग्रन्थ क्या कहता हैलाभ। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, sl. 24 (Ojha p.637 / PDF 638) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार गंगादि तीर्थों में स्नान का अवसर आता है; दान करने की इच्छा होती है; मान में अकस्मात् वृद्धि; कार्य सफल होते हैं - परन्तु शत्रु भी उत्पन्न होते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Rahu gochar phal, 10th from the natal Moon (p.27, lines 961-963) | ||
| केतु | कन्या में — आपके चौथे भाव मेंपूरे महीनेअशुभ | |
चिन्ता और कठिनाई का समय। ग्रन्थ क्या कहता हैभय और कष्ट। Phaladeepika · Ch.26 Gocharaphala, matantara chakra row 4 (Ojha p.639-640 / PDF 640-641) दूसरा मत: यवनाचार्य, गोचर विचार के अनुसार सुख व मान की वृद्धि करता है, जातक को शुभ कार्यों और तीर्थ-स्नान की ओर प्रवृत्त करता है; अकस्मात् भूमि-लाभ भी सम्भव है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Ketu gochar phal, 4th from the natal Moon (p.28, lines 992-994) | ||
| मंगल | मिथुन में — आपके पहले भाव में1 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तकअशुभ | |
दुर्घटना की आशंका वाला समय: ज्वर, कटना या रक्त की तकलीफ, आग और धारदार औजारों से जोखिम, और कुछ भी योजना के अनुसार नहीं होता। ग्रन्थ क्या कहता हैकार्य सफल नहीं होते; व्यक्ति ज्वर, व्रण (घाव) और रक्त विकार से पीड़ित होता है; अग्नि, विष और शस्त्र से शारीरिक हानि का भय; बवासीर आदि रोग; पत्नी भी ज्वर से पीड़ित; दुष्टों से कष्ट; यात्रा में दुर्घटना। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 1st from the natal Moon (p.15, lines 425-429) | ||
| मंगल | कर्क में — आपके दूसरे भाव में20 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ | |
चोरी, आग या बुरे लोगों से धन की हानि; कठोर शब्दों से परेशानी; जुर्माने या दण्ड की सम्भावना। ग्रन्थ क्या कहता हैबल की हानि होती है, कार्यों में असफलता मिलती है; दुष्टों, चोरों और अग्नि से हानि और क्षति; जातक कठोर वचन बोलता है; राज्य से दण्ड का भय; पित्त की अधिकता से कष्ट। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mars gochar phal, 2nd from the natal Moon (p.15, lines 431-434) | ||
| सूर्य | कन्या में — आपके चौथे भाव में1 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
घर में तनाव, पारिवारिक झगड़े, सम्पत्ति की उलझनें, असुविधाजनक यात्रा और जीवनसाथी से खिंचाव। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक और शारीरिक व्यथा रहती है; घरेलू झगड़ों से सुख घटता है; भूमि और सम्पत्ति को लेकर अनेक समस्याएँ; सुविधाओं का अभाव, कष्टदायक यात्राएँ, लोग परेशान करते हैं, पत्नी की ओर से सुख में बाधा, अपमान का भय। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 4th from the natal Moon (p.10, lines 240-244) | ||
| सूर्य | तुला में — आपके पाँचवें भाव में17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ | |
विचारों में उलझन और ऊर्जा की कमी, धन की हानि, सन्तान अस्वस्थ, अधिकारियों से अनबन, यात्रा में जोखिम। ग्रन्थ क्या कहता हैविशेषतया मानसिक भ्रम उत्पन्न होता है; शारीरिक और मानसिक बल घटता है; धन की हानि; जातक और उसकी सन्तान को रोग; अधिकारियों से विवाद बढ़ते हैं; यात्रा में दुर्घटना; जातक स्वयं को दुखी अनुभव करता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Sun gochar phal, 5th from the natal Moon (p.10, lines 246-249) | ||
| शुक्र | तुला में — आपके पाँचवें भाव में1 अक्टूबर से 13 अक्टूबर तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
सन्तान और प्रेम में अच्छा समय, परीक्षाओं में सफलता, प्रतिष्ठा में वृद्धि और आनन्द के लिए समय। ग्रन्थ क्या कहता हैपुत्रादि से स्नेह बढ़ता है; अन्न-धन की प्राप्ति और अच्छा भोजन; यश बढ़ता है; शत्रुओं पर विजय; सन्तान-जन्म सम्भव; प्रेमी निकट आते हैं; जातक विभागीय परीक्षाएँ उत्तीर्ण करता है; मनोरंजन-स्थलों, सिनेमा और क्लबों में जाना होता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 5th from the natal Moon (p.21, lines 695-700) | ||
| शुक्र | वृश्चिक में — आपके छठे भाव में13 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकअशुभ भाव, पर विपरीत वेध से राहत | |
प्रतिद्वन्द्वी भारी पड़ते हैं और समझौता करना पड़ता है; साझेदारों से झगड़े, यात्रा में जोखिम, दाम्पत्य में ठण्डापन। ग्रन्थ क्या कहता हैशत्रुओं की वृद्धि और उनकी विजय होती है, और जातक को उनसे समझौता करने पर विवश होना पड़ता है; व्यापारिक साझेदारों से झगड़े; यात्रा में दुर्घटना से हानि; पत्नी विमुख हो जाती है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Venus gochar phal, 6th from the natal Moon (p.22, lines 706-709) | ||
| बुध | कन्या में — आपके चौथे भाव में1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तकशुभ | |
धन और सम्पत्ति का लाभ, घर में सहज समय, और प्रतिष्ठित लोगों से उपयोगी मित्रता। ग्रन्थ क्या कहता हैधन की प्राप्ति होती है; माता को सुख मिलता है; भूमि और सम्पत्ति में वृद्धि; विद्वानों, सज्जनों और उच्च पद वाले लोगों से मित्रता बढ़ती है; घरेलू जीवन भी सुखी रहता है। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 4th from the natal Moon (p.17, lines 528-531) | ||
| बुध | तुला में — आपके पाँचवें भाव में10 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तकअशुभ | |
योजनाएँ विफल होती हैं, धन की तंगी रहती है, और घर तथा प्रेम-सम्बन्धों में खटपट होती है। ग्रन्थ क्या कहता हैमानसिक पीड़ा होती है; विचारित योजनाएँ सफल नहीं होतीं; सन्तान और पत्नी से झगड़े; आर्थिक कष्ट; पराई स्त्रियों से सम्बन्ध आरम्भ होते हैं परन्तु विफल रहते हैं। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 5th from the natal Moon (p.17, lines 533-536) | ||
| बुध | वृश्चिक में — आपके छठे भाव में29 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकशुभ भाव, पर वेध से बाधित | |
सुखद और सम्मानित समय: प्रतिद्वन्द्वी पराजित, अच्छी कमाई, और लेखन या कला में पहचान। ग्रन्थ क्या कहता हैधन, अन्न और उत्तम वस्त्रों का सुख होता है; अच्छी और मनोरंजक पुस्तकें पढ़ने का अवसर; शत्रुओं पर विजय; सब लोग सम्मान करते हैं; भरपूर शारीरिक और मानसिक सुख; लेखन और संगीत कलाओं में यश। Gochar Vichar · GV ch.1 Gochar ka swaroop aur uska aadhaar, Mercury gochar phal, 6th from the natal Moon (p.17, lines 538-547) | ||
करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य
| क्षेत्र | रेटिंग |
|---|---|
करियर व कार्य | ★★★★☆ |
धन | ★★☆☆☆ |
प्रेम व परिवार | ★☆☆☆☆ |
स्वास्थ्य | ★★★☆☆ |
इस महीने ग्रहों में बदलाव
- 10 अक्टूबरगुरु वृषभ में वक्री
- 10 अक्टूबरबुध का तुला में प्रवेश
- 13 अक्टूबरशुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
- 17 अक्टूबरसूर्य का तुला में प्रवेश
- 20 अक्टूबरमंगल का कर्क में प्रवेश
- 29 अक्टूबरबुध का वृश्चिक में प्रवेश
साढ़े साती और ढैय्या
इस अवधि में मिथुन राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
इस अवधि का शुभ
- रंग
- धूसर
- अंक
- 4
- दिशा
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
राहु से, जो इस अवधि में आपका सबसे अधिक साथ देने वाला ग्रह है।
उपाय
इस अवधि में गुरु को शान्त रखें।
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
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पूजा: बृहस्पति देव (विष्णु) · वार: गुरुवार · पढ़ें: बृहस्पतिवार व्रत कथा
इस महीने के त्योहार और व्रत
- 2 अक्टूबरसर्व पितृ अमावस्या
- 2 अक्टूबरआश्विन अमावस्या
- 3 अक्टूबरशारदीय नवरात्रि (घटस्थापना)
- 11 अक्टूबरदुर्गा अष्टमी
- 11 अक्टूबरमहा नवमी
- 12 अक्टूबरदशहरा (विजयादशमी)
- 13 अक्टूबरपापांकुशा एकादशी
- 15 अक्टूबरभौम प्रदोष
- 17 अक्टूबरशरद पूर्णिमा
- 17 अक्टूबरतुला संक्रांति
- 17 अक्टूबरआश्विन पूर्णिमा
- 20 अक्टूबरकरवा चौथ
- 20 अक्टूबरसंकष्टी चतुर्थी
- 24 अक्टूबरअहोई अष्टमी
- 28 अक्टूबररमा एकादशी
- 29 अक्टूबरधनतेरस
- 29 अक्टूबरभौम प्रदोष
- 31 अक्टूबरदीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- 31 अक्टूबरनरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली)
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अन्य राशियाँ
यह मासिक राशिफल कैसे बना
आपकी चन्द्र राशि से, जैसे ग्रन्थ गोचर गिनते हैं। महीने की रेटिंग चन्द्रमा को छोड़ बाकी ग्रहों की मध्य-माह की स्थिति से, वेध के साथ, बनी है, जैसे हमारे वार्षिक पृष्ठ पर। कैलेंडर के हर दिन की अपनी दैनिक रेटिंग है। हर भाव का फल गोचर विचार, फलदीपिका (अध्याय 26) या हिन्दू प्रेडिक्टिव एस्ट्रोलॉजी से है। ग्रह-स्थिति नई दिल्ली की। आपकी अपनी कुण्डली, दशा के साथ, और अधिक बताती है।
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प्रश्न
अक्टूबर 2024 मिथुन राशि के लिए कैसा रहेगा?
अक्टूबर 2024 मिथुन राशि के लिए मिला-जुला महीना (3/5)। अच्छे दिन: 9 अक्टूबर, 10 अक्टूबर, 11 अक्टूबर, 18 अक्टूबर, 19 अक्टूबर। सावधानी: 12 अक्टूबर, 14 अक्टूबर, 15 अक्टूबर। सहायक: राहु। बाधक: गुरु और मंगल।
अक्टूबर 2024 में मिथुन राशि के लिए कौन से दिन अच्छे हैं?
अच्छे दिन: 9 अक्टूबर, 10 अक्टूबर, 11 अक्टूबर, 18 अक्टूबर, 19 अक्टूबर। सावधानी के दिन: 12 अक्टूबर, 14 अक्टूबर, 15 अक्टूबर।
क्या मिथुन राशि पर अभी साढ़े साती है?
इस अवधि में मिथुन राशि पर साढ़े साती या ढैय्या नहीं है।
अक्टूबर 2024 में मिथुन राशि का शुभ रंग और अंक?
धूसर, अंक 4, दिशा नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) (राहु)।