पंचांग · गुरुवार, 1 अप्रैल 2032उज्जैन

फाल्गुन · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2088

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:19सूर्योदय18:43सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 07:11 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
05:10, 2 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1918:43
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:04 –15:37
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:19दिन18:43
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
राहु काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:43रात06:18
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
भद्रा
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    07:11 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    06:06, 2 अप्रैल तक
  3. कृष्ण सप्तमी
    04:35, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    05:10, 2 अप्रैल तक
  2. मूलस्वामी केतु
    04:22, 3 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    02:11, 2 अप्रैल तक
  2. वरीयान्
    23:54, 2 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    07:11 तक
  2. गर
    18:42 तक
  3. वणिज
    06:06, 2 अप्रैल तक
  4. विष्टि
    17:23, 2 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:19
बिंब मध्य 06:22
सूर्यास्त
18:43
बिंब मध्य 18:38
चंद्रोदय
23:42
चंद्रास्त
10:00
दिनमान
12h 24m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृश्चिक
05:10, 2 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2088
शक संवत
1953

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:46 –05:33
  • प्रातः संध्या05:09 –06:19
  • अभिजित मुहूर्त12:06 –12:56
  • विजय मुहूर्त14:35 –15:24
  • गोधूलि मुहूर्त18:43 –19:06
  • सायाह्न संध्या18:43 –19:52
  • निशीथ मुहूर्त00:07 –00:53, 2 अप्रैल
  • अमृत काल20:31 –22:05
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:04 –15:37
  • यमगंड06:19 –07:52
  • गुलिक काल09:25 –10:58
  • दुर्मुहूर्त10:27 –11:16
  • दुर्मुहूर्त15:24 –16:14
  • वर्ज्य11:04 –12:38
  • गंड मूल06:19 –05:10, 2 अप्रैल
  • गंड मूल05:10 –06:18, 2 अप्रैल
  • भद्रा06:06 –06:18, 2 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:19 – 07:52
  • रोगअनिष्ट07:52 – 09:25
  • उद्वेगअशुभ09:25 – 10:58
  • चरसम10:58 – 12:31
  • लाभलाभ12:31 – 14:04
  • अमृतश्रेष्ठ14:04 – 15:37
  • कालहानि15:37 – 17:10
  • शुभशुभ17:10 – 18:43
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:43 – 20:10
  • चरसम20:10 – 21:36
  • रोगअनिष्ट21:36 – 23:03
  • कालहानि23:03 – 00:30
  • लाभलाभ00:30 – 01:57
  • उद्वेगअशुभ01:57 – 03:24
  • शुभशुभ03:24 – 04:51
  • अमृतश्रेष्ठ04:51 – 06:18

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:19–07:21
मंगल07:21–08:23
सूर्य08:23–09:25
शुक्र09:25–10:27
बुध10:27–11:29
चन्द्र11:29–12:31
शनि12:31–13:33
गुरु13:33–14:35
मंगल14:35–15:37
सूर्य15:37–16:39
शुक्र16:39–17:41
बुध17:41–18:43
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:43–19:41
शनि19:41–20:38
गुरु20:38–21:36
मंगल21:36–22:34
सूर्य22:34–23:32
शुक्र23:32–00:30
बुध00:30–01:28
चन्द्र01:28–02:26
शनि02:26–03:24
गुरु03:24–04:22
मंगल04:22–05:20
सूर्य05:20–06:18

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 1 पद11:30 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद17:25 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद23:18 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद05:10, 2 अप्रैल तक
  • मूल 1 पद11:01, 2 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 24m
रात्रिमान
11h 35m
मध्याह्न
12:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 05:10, 2 अप्रैल तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 05:10, 2 अप्रैल तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर · 05:10, 2 अप्रैल तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 07:11 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:06, 2 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 07:11 तकभोजन में · 06:06, 2 अप्रैल तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:19 –07:00
  • रोग पंचक07:00 –07:11
  • शुभ मुहूर्त07:11 –08:40
  • मृत्यु पंचक08:40 –10:39
  • अग्नि पंचक10:39 –12:52
  • शुभ मुहूर्त12:52 –15:08
  • राज पंचक15:08 –17:20
  • शुभ मुहूर्त17:20 –19:31
  • चोर पंचक19:31 –21:45
  • शुभ मुहूर्त21:45 –00:01, 2 अप्रैल
  • रोग पंचक00:01 –02:07, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:07 –03:53, 2 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:53 –05:10, 2 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:10 –05:26, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:26 –06:06, 2 अप्रैल
  • राज पंचक06:06 –06:18, 2 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:30 –07:00
  • मेष07:00 –08:40
  • वृषभ08:40 –10:39
  • मिथुन10:39 –12:52
  • कर्क12:52 –15:08
  • सिंह15:08 –17:20
  • कन्या17:20 –19:31
  • तुला19:31 –21:45
  • वृश्चिक21:45 –00:01, 2 अप्रैल
  • धनु00:01 –02:07, 2 अप्रैल
  • मकर02:07 –03:53, 2 अप्रैल
  • कुम्भ03:53 –05:26, 2 अप्रैल
  • मीन05:26 –06:56, 2 अप्रैल

पंचांग · उज्जैन, 1 अप्रैल 2032

गुरुवार, 1 अप्रैल 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:19 और सूर्यास्त 18:43 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 07:11 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र ज्येष्ठा 2 अप्रैल 05:10 तक, फिर मूल; योग व्यतीपात 2 अप्रैल 02:11 तक, फिर वरीयान्; करण तैतिल 07:11 तक, फिर गर। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 14:04–15:37, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।

इस दिन के बारे में प्रश्न

उज्जैन में 1 अप्रैल 2032 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 07:11 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:19, उज्जैन)।

1 अप्रैल 2032 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 2 अप्रैल 05:10 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 2 अप्रैल 05:10 तक।

उज्जैन में 1 अप्रैल 2032 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:04–15:37, यमगण्ड 06:19–07:52, गुलिक काल 09:25–10:58।

उज्जैन में 1 अप्रैल 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:43, चंद्रोदय 23:42 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 अप्रैल 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56, ब्रह्म मुहूर्त 04:46–05:33। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3076° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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