पंचांग · बुधवार, 31 मार्च 2032उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण चतुर्थी07:51 तक
- कृष्ण पंचमी07:11, 1 अप्रैल तक
- अनुराधास्वामी शनि05:33, 1 अप्रैल तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध05:10, 2 अप्रैल तक
- सिद्धि04:08, 1 अप्रैल तक
- व्यतीपात02:11, 2 अप्रैल तक
- बालव07:51 तक
- कौलव19:35 तक
- तैतिल07:11, 1 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:20बिंब मध्य 06:23
- सूर्यास्त
- 18:42बिंब मध्य 18:38
- चंद्रोदय
- 22:46
- चंद्रास्त
- 09:08
- दिनमान
- 12h 22m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृश्चिक05:10, 2 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:47 –05:33
- प्रातः संध्या05:10 –06:20
- अभिजित मुहूर्त12:06 –12:56
- विजय मुहूर्त14:35 –15:24
- गोधूलि मुहूर्त18:42 –19:05
- सायाह्न संध्या18:42 –19:52
- निशीथ मुहूर्त00:07 –00:54, 1 अप्रैल
- अमृत काल19:08 –20:44
- राहु काल12:31 –14:04
- यमगंड07:53 –09:26
- गुलिक काल10:58 –12:31
- दुर्मुहूर्त12:06 –12:56
- वर्ज्य09:31 –11:07
- गंड मूल05:33 –06:19, 1 अप्रैल
चौघड़िया
- लाभलाभ06:20 – 07:53
- अमृतश्रेष्ठ07:53 – 09:26
- कालहानि09:26 – 10:58
- शुभशुभ10:58 – 12:31
- रोगअनिष्ट12:31 – 14:04
- उद्वेगअशुभ14:04 – 15:37
- चरसम15:37 – 17:09
- लाभलाभ17:09 – 18:42
- उद्वेगअशुभ18:42 – 20:09
- शुभशुभ20:09 – 21:36
- अमृतश्रेष्ठ21:36 – 23:04
- चरसम23:04 – 00:31
- रोगअनिष्ट00:31 – 01:58
- कालहानि01:58 – 03:25
- लाभलाभ03:25 – 04:52
- उद्वेगअशुभ04:52 – 06:19
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:20–07:22 |
| चन्द्र | 07:22–08:24 |
| शनि | 08:24–09:26 |
| गुरु | 09:26–10:27 |
| मंगल | 10:27–11:29 |
| सूर्य | 11:29–12:31 |
| शुक्र | 12:31–13:33 |
| बुध | 13:33–14:35 |
| चन्द्र | 14:35–15:37 |
| शनि | 15:37–16:39 |
| गुरु | 16:39–17:40 |
| मंगल | 17:40–18:42 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:42–19:40 |
| शुक्र | 19:40–20:38 |
| बुध | 20:38–21:36 |
| चन्द्र | 21:36–22:34 |
| शनि | 22:34–23:33 |
| गुरु | 23:33–00:31 |
| मंगल | 00:31–01:29 |
| सूर्य | 01:29–02:27 |
| शुक्र | 02:27–03:25 |
| बुध | 03:25–04:23 |
| चन्द्र | 04:23–05:21 |
| शनि | 05:21–06:19 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 1 पद11:33 तक
- अनुराधा 2 पद17:35 तक
- अनुराधा 3 पद23:35 तक
- अनुराधा 4 पद05:33, 1 अप्रैल तक
- ज्येष्ठा 1 पद11:30, 1 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपद 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 22m
- रात्रिमान
- 11h 37m
- मध्याह्न
- 12:31
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:51 तकआकाश
- शिववास
- कैलाश पर · 07:51 तकनंदी पर
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:20 –07:51
- चोर पंचक07:51 –08:44
- शुभ मुहूर्त08:44 –10:42
- रोग पंचक10:42 –12:56
- शुभ मुहूर्त12:56 –15:12
- मृत्यु पंचक15:12 –17:24
- अग्नि पंचक17:24 –19:35
- शुभ मुहूर्त19:35 –21:49
- राज पंचक21:49 –00:05, 1 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त00:05 –02:10, 1 अप्रैल
- चोर पंचक02:10 –03:57, 1 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:57 –05:30, 1 अप्रैल
- रोग पंचक05:30 –05:33, 1 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:33 –06:19, 1 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:34 –07:04
- मेष07:04 –08:44
- वृषभ08:44 –10:42
- मिथुन10:42 –12:56
- कर्क12:56 –15:12
- सिंह15:12 –17:24
- कन्या17:24 –19:35
- तुला19:35 –21:49
- वृश्चिक21:49 –00:05, 1 अप्रैल
- धनु00:05 –02:10, 1 अप्रैल
- मकर02:10 –03:57, 1 अप्रैल
- कुम्भ03:57 –05:30, 1 अप्रैल
- मीन05:30 –07:00, 1 अप्रैल
पंचांग · उज्जैन, 31 मार्च 2032
बुधवार, 31 मार्च 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:20 और सूर्यास्त 18:42 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्थी 07:51 तक, फिर कृष्ण पंचमी; नक्षत्र अनुराधा 1 अप्रैल 05:33 तक, फिर ज्येष्ठा; योग सिद्धि 1 अप्रैल 04:08 तक, फिर व्यतीपात; करण बालव 07:51 तक, फिर कौलव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 12:31–14:04, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 31 मार्च 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण चतुर्थी 07:51 तक, फिर कृष्ण पंचमी (सूर्योदय 06:20, उज्जैन)।
31 मार्च 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 1 अप्रैल 05:33 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 2 अप्रैल 05:10 तक।
उज्जैन में 31 मार्च 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:31–14:04, यमगण्ड 07:53–09:26, गुलिक काल 10:58–12:31।
उज्जैन में 31 मार्च 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:42, चंद्रोदय 22:46 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
31 मार्च 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56, ब्रह्म मुहूर्त 04:47–05:33। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर मार्च 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3076° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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