पंचांग · शुक्रवार, 2 अप्रैल 2032उज्जैन
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण सप्तमी04:35, 3 अप्रैल तक
- कृष्ण अष्टमी02:39, 4 अप्रैल तक
- मूलस्वामी केतु04:22, 3 अप्रैल तक
- पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र03:10, 4 अप्रैल तक
- वरीयान्23:54 तक
- परिघ21:17, 3 अप्रैल तक
- विष्टि17:23 तक
- बव04:35, 3 अप्रैल तक
- बालव15:40, 3 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:18बिंब मध्य 06:21
- सूर्यास्त
- 18:43बिंब मध्य 18:39
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 10:56
- दिनमान
- 12h 25m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- धनु08:49, 4 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2088
- शक संवत
- 1953
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:45 –05:32
- प्रातः संध्या05:08 –06:18
- अभिजित मुहूर्त12:06 –12:55
- विजय मुहूर्त14:35 –15:24
- गोधूलि मुहूर्त18:43 –19:06
- सायाह्न संध्या18:43 –19:52
- निशीथ मुहूर्त00:07 –00:53, 3 अप्रैल
- अमृत काल22:11 –23:44
- राहु काल10:57 –12:30
- यमगंड15:37 –17:10
- गुलिक काल07:51 –09:24
- दुर्मुहूर्त08:47 –09:37
- दुर्मुहूर्त12:55 –13:45
- वर्ज्य02:50 –04:22, 3 अप्रैल
- गंड मूल06:18 –04:22, 3 अप्रैल
- भद्रा06:18 –17:23
चौघड़िया
- चरसम06:18 – 07:51
- लाभलाभ07:51 – 09:24
- अमृतश्रेष्ठ09:24 – 10:57
- कालहानि10:57 – 12:30
- शुभशुभ12:30 – 14:04
- रोगअनिष्ट14:04 – 15:37
- उद्वेगअशुभ15:37 – 17:10
- चरसम17:10 – 18:43
- रोगअनिष्ट18:43 – 20:10
- कालहानि20:10 – 21:36
- लाभलाभ21:36 – 23:03
- उद्वेगअशुभ23:03 – 00:30
- शुभशुभ00:30 – 01:57
- अमृतश्रेष्ठ01:57 – 03:24
- चरसम03:24 – 04:50
- रोगअनिष्ट04:50 – 06:17
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:18–07:20 |
| बुध | 07:20–08:22 |
| चन्द्र | 08:22–09:24 |
| शनि | 09:24–10:26 |
| गुरु | 10:26–11:28 |
| मंगल | 11:28–12:30 |
| सूर्य | 12:30–13:33 |
| शुक्र | 13:33–14:35 |
| बुध | 14:35–15:37 |
| चन्द्र | 15:37–16:39 |
| शनि | 16:39–17:41 |
| गुरु | 17:41–18:43 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:43–19:41 |
| सूर्य | 19:41–20:39 |
| शुक्र | 20:39–21:36 |
| बुध | 21:36–22:34 |
| चन्द्र | 22:34–23:32 |
| शनि | 23:32–00:30 |
| गुरु | 00:30–01:28 |
| मंगल | 01:28–02:26 |
| सूर्य | 02:26–03:24 |
| शुक्र | 03:24–04:21 |
| बुध | 04:21–05:19 |
| चन्द्र | 05:19–06:17 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मूल 1 पद11:01 तक
- मूल 2 पद16:49 तक
- मूल 3 पद22:37 तक
- मूल 4 पद04:22, 3 अप्रैल तक
- पूर्वाषाढ़ा 1 पद10:07, 3 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 25m
- रात्रिमान
- 11h 34m
- मध्याह्न
- 12:30
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 04:35, 3 अप्रैल तकपाताल
- शिववास
- श्मशान में · 04:35, 3 अप्रैल तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:18 –08:36
- राज पंचक08:36 –10:35
- शुभ मुहूर्त10:35 –12:48
- चोर पंचक12:48 –15:04
- शुभ मुहूर्त15:04 –17:16
- रोग पंचक17:16 –19:27
- शुभ मुहूर्त19:27 –21:41
- मृत्यु पंचक21:41 –23:57
- अग्नि पंचक23:57 –02:03, 3 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त02:03 –03:49, 3 अप्रैल
- राज पंचक03:49 –04:22, 3 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:22 –04:35, 3 अप्रैल
- चोर पंचक04:35 –05:22, 3 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:22 –06:17, 3 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:26 –06:56
- मेष06:56 –08:36
- वृषभ08:36 –10:35
- मिथुन10:35 –12:48
- कर्क12:48 –15:04
- सिंह15:04 –17:16
- कन्या17:16 –19:27
- तुला19:27 –21:41
- वृश्चिक21:41 –23:57
- धनु23:57 –02:03, 3 अप्रैल
- मकर02:03 –03:49, 3 अप्रैल
- कुम्भ03:49 –05:22, 3 अप्रैल
- मीन05:22 –06:52, 3 अप्रैल
पंचांग · उज्जैन, 2 अप्रैल 2032
शुक्रवार, 2 अप्रैल 2032 को उज्जैन में सूर्योदय 06:18 और सूर्यास्त 18:43 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 3 अप्रैल 04:35 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र मूल 3 अप्रैल 04:22 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग वरीयान् 23:54 तक, फिर परिघ; करण विष्टि 17:23 तक, फिर बव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:57–12:30, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:55। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2088, शक संवत 1953।
इस दिन के बारे में प्रश्न
उज्जैन में 2 अप्रैल 2032 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण सप्तमी 3 अप्रैल 04:35 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 06:18, उज्जैन)।
2 अप्रैल 2032 को कौन सा नक्षत्र है?
मूल 3 अप्रैल 04:22 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 4 अप्रैल 08:49 तक।
उज्जैन में 2 अप्रैल 2032 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:57–12:30, यमगण्ड 15:37–17:10, गुलिक काल 07:51–09:24।
उज्जैन में 2 अप्रैल 2032 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
2 अप्रैल 2032 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:06–12:55, ब्रह्म मुहूर्त 04:45–05:32। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
उज्जैन हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2032आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2032मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3076° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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