पंचांग · शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021श्रीनगर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण पंचमी08:15 तक
- कृष्ण षष्ठी05:59, 3 अप्रैल तक
- कृष्ण सप्तमी04:13, 4 अप्रैल तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध03:44, 3 अप्रैल तक
- मूलस्वामी केतु02:38, 4 अप्रैल तक
- व्यतीपात23:40 तक
- वरीयान्20:58, 3 अप्रैल तक
- तैतिल08:15 तक
- गर19:03 तक
- वणिज05:59, 3 अप्रैल तक
- विष्टि17:02, 3 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:17बिंब मध्य 06:21
- सूर्यास्त
- 18:52बिंब मध्य 18:48
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 09:29
- दिनमान
- 12h 35m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- वृश्चिक03:44, 3 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2077
- शक संवत
- 1942
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:46 –05:31
- प्रातः संध्या05:08 –06:17
- अभिजित मुहूर्त12:09 –13:00
- विजय मुहूर्त14:41 –15:31
- गोधूलि मुहूर्त18:52 –19:15
- सायाह्न संध्या18:52 –20:01
- निशीथ मुहूर्त00:11 –00:57, 3 अप्रैल
- अमृत काल19:31 –21:00
- राहु काल11:00 –12:35
- यमगंड15:43 –17:18
- गुलिक काल07:51 –09:26
- दुर्मुहूर्त08:48 –09:38
- दुर्मुहूर्त13:00 –13:50
- वर्ज्य10:33 –12:02
- गंड मूल06:17 –03:44, 3 अप्रैल
- गंड मूल03:44 –06:16, 3 अप्रैल
- भद्रा05:59 –06:16, 3 अप्रैल
चौघड़िया
- चरसम06:17 – 07:51
- लाभलाभ07:51 – 09:26
- अमृतश्रेष्ठ09:26 – 11:00
- कालहानि11:00 – 12:35
- शुभशुभ12:35 – 14:09
- रोगअनिष्ट14:09 – 15:43
- उद्वेगअशुभ15:43 – 17:18
- चरसम17:18 – 18:52
- रोगअनिष्ट18:52 – 20:18
- कालहानि20:18 – 21:43
- लाभलाभ21:43 – 23:09
- उद्वेगअशुभ23:09 – 00:34
- शुभशुभ00:34 – 01:59
- अमृतश्रेष्ठ01:59 – 03:25
- चरसम03:25 – 04:50
- रोगअनिष्ट04:50 – 06:16
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:17–07:20 |
| बुध | 07:20–08:23 |
| चन्द्र | 08:23–09:26 |
| शनि | 09:26–10:29 |
| गुरु | 10:29–11:32 |
| मंगल | 11:32–12:35 |
| सूर्य | 12:35–13:38 |
| शुक्र | 13:38–14:41 |
| बुध | 14:41–15:43 |
| चन्द्र | 15:43–16:46 |
| शनि | 16:46–17:49 |
| गुरु | 17:49–18:52 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:52–19:49 |
| सूर्य | 19:49–20:46 |
| शुक्र | 20:46–21:43 |
| बुध | 21:43–22:40 |
| चन्द्र | 22:40–23:37 |
| शनि | 23:37–00:34 |
| गुरु | 00:34–01:31 |
| मंगल | 01:31–02:28 |
| सूर्य | 02:28–03:25 |
| शुक्र | 03:25–04:22 |
| बुध | 04:22–05:19 |
| चन्द्र | 05:19–06:16 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- ज्येष्ठा 1 पद10:53 तक
- ज्येष्ठा 2 पद16:28 तक
- ज्येष्ठा 3 पद22:05 तक
- ज्येष्ठा 4 पद03:44, 3 अप्रैल तक
- मूल 1 पद09:24, 3 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 35m
- रात्रिमान
- 11h 24m
- मध्याह्न
- 12:35
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- उत्तर · 03:44, 3 अप्रैल तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:15 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:59, 3 अप्रैल तकआकाश
- शिववास
- नंदी पर · 08:15 तकभोजन में · 05:59, 3 अप्रैल तकश्मशान में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:17 –06:52
- शुभ मुहूर्त06:52 –08:15
- मृत्यु पंचक08:15 –08:21
- अग्नि पंचक08:21 –10:14
- शुभ मुहूर्त10:14 –12:30
- राज पंचक12:30 –14:55
- शुभ मुहूर्त14:55 –17:18
- चोर पंचक17:18 –19:41
- शुभ मुहूर्त19:41 –22:06
- रोग पंचक22:06 –00:27, 3 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त00:27 –02:30, 3 अप्रैल
- मृत्यु पंचक02:30 –03:44, 3 अप्रैल
- अग्नि पंचक03:44 –04:08, 3 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:08 –05:29, 3 अप्रैल
- राज पंचक05:29 –05:59, 3 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:59 –06:16, 3 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:33 –06:52
- मेष06:52 –08:21
- वृषभ08:21 –10:14
- मिथुन10:14 –12:30
- कर्क12:30 –14:55
- सिंह14:55 –17:18
- कन्या17:18 –19:41
- तुला19:41 –22:06
- वृश्चिक22:06 –00:27, 3 अप्रैल
- धनु00:27 –02:30, 3 अप्रैल
- मकर02:30 –04:08, 3 अप्रैल
- कुम्भ04:08 –05:29, 3 अप्रैल
- मीन05:29 –06:48, 3 अप्रैल
पंचांग · श्रीनगर, 2 अप्रैल 2021
शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:17 और सूर्यास्त 18:52 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 08:15 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र ज्येष्ठा 3 अप्रैल 03:44 तक, फिर मूल; योग व्यतीपात 23:40 तक, फिर वरीयान्; करण तैतिल 08:15 तक, फिर गर। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 11:00–12:35, अभिजित मुहूर्त 12:09–13:00। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2077, शक संवत 1942।
इस दिन के बारे में प्रश्न
श्रीनगर में 2 अप्रैल 2021 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण पंचमी 08:15 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:17, श्रीनगर)।
2 अप्रैल 2021 को कौन सा नक्षत्र है?
ज्येष्ठा 3 अप्रैल 03:44 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 3 अप्रैल 03:44 तक।
श्रीनगर में 2 अप्रैल 2021 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:00–12:35, यमगण्ड 15:43–17:18, गुलिक काल 07:51–09:26।
श्रीनगर में 2 अप्रैल 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 18:52 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
2 अप्रैल 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:09–13:00, ब्रह्म मुहूर्त 04:46–05:31। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1539° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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