पंचांग · शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021श्रीनगर

फाल्गुन · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2077

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:17सूर्योदय18:52सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 08:15 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
03:44, 3 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1718:52
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
11:00 –12:35
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:17दिन18:52
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:52रात06:16
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
भद्रा
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    08:15 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    05:59, 3 अप्रैल तक
  3. कृष्ण सप्तमी
    04:13, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    03:44, 3 अप्रैल तक
  2. मूलस्वामी केतु
    02:38, 4 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    23:40 तक
  2. वरीयान्
    20:58, 3 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    08:15 तक
  2. गर
    19:03 तक
  3. वणिज
    05:59, 3 अप्रैल तक
  4. विष्टि
    17:02, 3 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:17
बिंब मध्य 06:21
सूर्यास्त
18:52
बिंब मध्य 18:48
चंद्रोदय
—
चंद्रास्त
09:29
दिनमान
12h 35m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
वृश्चिक
03:44, 3 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:46 –05:31
  • प्रातः संध्या05:08 –06:17
  • अभिजित मुहूर्त12:09 –13:00
  • विजय मुहूर्त14:41 –15:31
  • गोधूलि मुहूर्त18:52 –19:15
  • सायाह्न संध्या18:52 –20:01
  • निशीथ मुहूर्त00:11 –00:57, 3 अप्रैल
  • अमृत काल19:31 –21:00
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:00 –12:35
  • यमगंड15:43 –17:18
  • गुलिक काल07:51 –09:26
  • दुर्मुहूर्त08:48 –09:38
  • दुर्मुहूर्त13:00 –13:50
  • वर्ज्य10:33 –12:02
  • गंड मूल06:17 –03:44, 3 अप्रैल
  • गंड मूल03:44 –06:16, 3 अप्रैल
  • भद्रा05:59 –06:16, 3 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:17 – 07:51
  • लाभलाभ07:51 – 09:26
  • अमृतश्रेष्ठ09:26 – 11:00
  • कालहानि11:00 – 12:35
  • शुभशुभ12:35 – 14:09
  • रोगअनिष्ट14:09 – 15:43
  • उद्वेगअशुभ15:43 – 17:18
  • चरसम17:18 – 18:52
रात
  • रोगअनिष्ट18:52 – 20:18
  • कालहानि20:18 – 21:43
  • लाभलाभ21:43 – 23:09
  • उद्वेगअशुभ23:09 – 00:34
  • शुभशुभ00:34 – 01:59
  • अमृतश्रेष्ठ01:59 – 03:25
  • चरसम03:25 – 04:50
  • रोगअनिष्ट04:50 – 06:16

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:17–07:20
बुध07:20–08:23
चन्द्र08:23–09:26
शनि09:26–10:29
गुरु10:29–11:32
मंगल11:32–12:35
सूर्य12:35–13:38
शुक्र13:38–14:41
बुध14:41–15:43
चन्द्र15:43–16:46
शनि16:46–17:49
गुरु17:49–18:52
रात
ग्रहसमय
मंगल18:52–19:49
सूर्य19:49–20:46
शुक्र20:46–21:43
बुध21:43–22:40
चन्द्र22:40–23:37
शनि23:37–00:34
गुरु00:34–01:31
मंगल01:31–02:28
सूर्य02:28–03:25
शुक्र03:25–04:22
बुध04:22–05:19
चन्द्र05:19–06:16

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 1 पद10:53 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद16:28 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद22:05 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद03:44, 3 अप्रैल तक
  • मूल 1 पद09:24, 3 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 35m
रात्रिमान
11h 24m
मध्याह्न
12:35

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 03:44, 3 अप्रैल तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 03:44, 3 अप्रैल तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
उत्तर · 03:44, 3 अप्रैल तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:15 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:59, 3 अप्रैल तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 08:15 तकभोजन में · 05:59, 3 अप्रैल तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:17 –06:52
  • शुभ मुहूर्त06:52 –08:15
  • मृत्यु पंचक08:15 –08:21
  • अग्नि पंचक08:21 –10:14
  • शुभ मुहूर्त10:14 –12:30
  • राज पंचक12:30 –14:55
  • शुभ मुहूर्त14:55 –17:18
  • चोर पंचक17:18 –19:41
  • शुभ मुहूर्त19:41 –22:06
  • रोग पंचक22:06 –00:27, 3 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:27 –02:30, 3 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक02:30 –03:44, 3 अप्रैल
  • अग्नि पंचक03:44 –04:08, 3 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:08 –05:29, 3 अप्रैल
  • राज पंचक05:29 –05:59, 3 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:59 –06:16, 3 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:33 –06:52
  • मेष06:52 –08:21
  • वृषभ08:21 –10:14
  • मिथुन10:14 –12:30
  • कर्क12:30 –14:55
  • सिंह14:55 –17:18
  • कन्या17:18 –19:41
  • तुला19:41 –22:06
  • वृश्चिक22:06 –00:27, 3 अप्रैल
  • धनु00:27 –02:30, 3 अप्रैल
  • मकर02:30 –04:08, 3 अप्रैल
  • कुम्भ04:08 –05:29, 3 अप्रैल
  • मीन05:29 –06:48, 3 अप्रैल

पंचांग · श्रीनगर, 2 अप्रैल 2021

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:17 और सूर्यास्त 18:52 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 08:15 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र ज्येष्ठा 3 अप्रैल 03:44 तक, फिर मूल; योग व्यतीपात 23:40 तक, फिर वरीयान्; करण तैतिल 08:15 तक, फिर गर। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 11:00–12:35, अभिजित मुहूर्त 12:09–13:00। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2077, शक संवत 1942।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 2 अप्रैल 2021 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 08:15 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:17, श्रीनगर)।

2 अप्रैल 2021 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 3 अप्रैल 03:44 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 3 अप्रैल 03:44 तक।

श्रीनगर में 2 अप्रैल 2021 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:00–12:35, यमगण्ड 15:43–17:18, गुलिक काल 07:51–09:26।

श्रीनगर में 2 अप्रैल 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 18:52 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

2 अप्रैल 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:09–13:00, ब्रह्म मुहूर्त 04:46–05:31। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1539° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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